पश्चिम बंगाल: नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने 5 ट्रेनों में लगाई आग

शनिवार सुबह सैकड़ों लोग ने हावड़ा के संक्रिल रेलवे स्टेशन और उसके आसपास की सड़कों को बंद कर दिया और रेलवे स्टेशन परिसर के एक हिस्से को आग लगा दी.

नागरिकता संशोधन बिल को लेकर पूर्वोत्तर में हिंसक विरोध प्रदर्शन देखे गए हैं. खासतौर पर असम में जहां कर्फ्यू की अवहेलना कर लोग सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद पुलिस फायरिंग में दो लोग मारे गए.

इस बिल के विरोध में सड़क जाम पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के लालगोला रेलवे स्टेशन पर खड़ी पांच खाली गाड़ियों में आग लगा दी. संशोधित नागरिकता बिल को लेकर राज्य के कई हिस्सों में सड़क सेवाओं को बाधित किया गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार सुबह सैकड़ों लोग ने हावड़ा के संक्रिल रेलवे स्टेशन और उसके आसपास की सड़कों को बंद कर दिया और रेलवे स्टेशन परिसर के एक हिस्से को आग लगा दी. पुलिस सूत्रों के हवाला देते हुए न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने कुछ दुकानों को भी आग के हवाले किया.

सड़क और रेलवे पर प्रदर्शनकारियों ने किया चक्का जाम

रेलवे सुरक्षा बल के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया, “वो लोग दोपहर बाद, स्टेशन परिसर में घुस गए और उन्होंने टिकट काउंटर में आग लगा दी. जब आरपीएफ और रेलवे कर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्हें पीटा गया.”

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने मुर्शिदाबाद जिले के पोराडांगा, जंगीपुर और फरक्का स्टेशनों और हावड़ा जिले में नालपुर स्टेशन की रेल पटरियों पर प्रदर्शन किया. तीन राज्य बसों समेत 15 बसों को भी प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया.

राष्ट्रीय राजमार्ग 34, जो उत्तर और दक्षिण बंगाल को जोड़ता है, मुर्शिदाबाद में अवरुद्ध किया गया था, जिसका बॉर्डर बांग्लादेश से मिलता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिले की कई अन्य सड़कों को भी विरोध स्वरूप बंद किया गया था. प्रदर्शनकारियों से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी थमे नहीं.

ममता बनर्जी की अपील, ‘लोकतांत्रिक तरीको से करें आंदोलन’

विरोध प्रदर्शनों के दौरान व्यापक हिंसा के मद्देनजर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को लोगों से विरोध जताने के लिए लोकतांत्रिक तरीकों का उपयोग करने की अपील की. साथ ही चेतावनी दी कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ममता ने एक बयान जारी कर कहा, “लोकतांत्रिक तरीकों से आंदोलन करें, लेकिन कानून को अपने हाथ में न लें. सड़कों या ट्रेन की नाकेबंदी न करें.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि परेशानी पैदा करने वालों में से किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा. उन्होंने कहा, “अगर आम लोगों को तकलीफ होती है तो हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. जो लोग गड़बड़ी पैदा कर रहे हैं और कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं, उनमें से किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा.”

उन्होंने कहा, “हम बसों को आग लगाने वाले, गाड़ियों को पत्थर मारने और सरकारी संपत्ति को नष्ट करने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक कदम उठाएंगे.” मुख्यमंत्री की अपील नागरिक संशोधन बिल के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद आई है.

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