पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ता की पिटाई, अस्पताल में तोड़ा दम

भारतीय जनता पार्टी के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले के हिंसा प्रभावित भाटपारा का दौरा किया और हत्याओं के जांच की मांग की.

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में उत्तरी 24 परगना जिले के भाटपारा में जारी राजनीतिक हिंसा के बीच शनिवार को उसी जिले के अमदंगा में एक और भाजपा कार्यकर्ता की मौत हो गई. कार्यकर्ता की कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस द्वारा समर्थित उपद्रवियों ने बेरहमी से पिटाई की थी, जिसके बाद उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया.

चुनाव के दौरान पार्टी के लिए किया था काम

भगवा पार्टी के सूत्रों के अनुसार, माकपा के एक पूर्व कार्यकर्ता करीम ने 2019 के चुनावों के दौरान भाजपा का रुख किया. उस पर शुक्रवार को तृणमूल कार्यकर्ताओं ने हमला किया था. भाजपा के बैरकपुर सांसद अर्जुन सिंह ने पीड़ित के परिजनों से मुलाकात की और कहा, “करीम सहित कई माकपा समर्थक भाजपा में शामिल हुए. उन्होंने चुनाव के दौरान पार्टी के लिए काम किया. वह एक बूथ एजेंट भी थे. इसी कारण उन्हें मार दिया गया. तृणमूल कार्यकर्ता प्रशासन की मदद से हमारे समर्थकों की हत्या कर रहे हैं.”

पुलिस के भी हुई बीच झड़प

पुलिस ने कहा कि करीम और पुरुषों के एक समूह के बीच बहस हुई, जिसके बाद समूह ने उनकी पिटाई की. पुलिस ने हालांकि, यह नहीं बताया है कि क्या पीड़ित या अभियुक्त किसी राजनीति पार्टी से भी जुड़े हुए थे. पुलिस ने कहा, “नजीमुल करीम (23) को एक स्थानीय बाजार में एक झगड़े के दौरान बेरहमी से पीटा गया.

उसे एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिर उसे कोलकाता के एक अस्पताल में भेजा गया, जहां आज सुबह उसकी मौत हो गई. शिकायत दर्ज कर ली गई है और जांच की जा रही है.” घटना के बाद सुरक्षाकर्मियों के अमदंगा पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

BJP का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा 24 परगना

वहीं भारतीय जनता पार्टी के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले के हिंसा प्रभावित भाटपारा का दौरा किया और हत्याओं के जांच की मांग की. भाटपारा में गुरुवार को हुई झड़पों में दो लोगों की मौत हो गई थी और कम से कम चार लोग घायल हो गए.

प्रतिनिधिमंडल में सांसद एस.एस. अहलूवालिया, विष्णु दयाल राम और सत्यपाल सिंह शामिल हैं. वे शनिवार सुबह दिल्ली से भाटपारा पहुंचे. प्रतिनिधिमंडल ने गांव में गुरुवार को हुई झड़प में मारे गए दोनों मृतकों रामबाबू शॉ और धर्मवीर शॉ के घर का दौरा किया.

पार्टी मुख्यालय को देंगे रिपोर्ट

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शोक संतप्त परिवारों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. प्रतिनिधिमंडल अपने दौरे की रिपोर्ट पार्टी मुख्यालय को देगा. अहलूवालिया ने कहा, “जब दो समूहों के बीच झड़प हुई, तो पुलिस ने एक समूह पर आरोप लगाया और दूसरे पर गोली चलाई.

हम यह जानना चाहते हैं कि किसने यह निर्णय लिया था? इस साजिश के पीछे किसका हाथ है? यहां इसकी गहन जांच होनी चाहिए . हम (केंद्रीय गृहमंत्री) अमित शाह को रिपोर्ट सौंपेंगे और उन्हें यहां की जमीनी स्थिति से अवगत कराएंगे .”

उन्होंने प्रश्न करते हुए कहा, “पुलिस ने निर्दोष, आम लोगों पर गोलियां चलाईं. उन्होंने यहां सभी को शूट किया है. पुलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और कहा कि उन्होंने हवा में गोलीबारी की. अगर यह सत्य है तो लोगों को गोलियां कैसे लगीं. क्या लोग हवा में उड़ रहे थे?”

आपको संसद में बहस करने चाहिए

आसनसोल-दुगार्पुर संसदीय क्षेत्र के भाजपा सांसद ने राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर 2019 के चुनाव नतीजों के बाद से लगातार हिंसा में लिप्त होने का आरोप लगाया. सांसद ने कहा कि पार्टी अपने नेताओं से आम लोगों की ‘हत्या’ कराने के बजाय भाजपा के साथ ‘लोकतांत्रिक लड़ाई’ लड़े.

उन्होंने कहा, “मैं तृणमूल कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि यह हिंसा कब तक जारी रहेगी? जब चुनाव के दौरान हिंसा हुई और लोग मारे गए तो हमने उसे बर्दाश्त किया. अब चुनाव परिणाम सामने आया है.”

उन्होंने आगे कहा, “यदि आपको (तृणमूल) को मोदीजी या केंद्र सरकार के खिलाफ कोई शिकायत या असंतोष है, तो आपको संसद में उस पर बहस करनी चाहिए. वह लोकतांत्रिक प्रवचन के लिए सबसे बड़ा स्थान है. लेकिन आप इन गरीबों को क्यों मार रहे हैं? यह दुर्भाग्यपूर्ण है.”

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