Plane Crash: जानें हादसे के बाद पहले 5 मिनट में क्या हुआ? DGCA चीफ बोले-लेट हुआ था टचडाउन

कोझीकोड विमान हादसे ((Kozhikode Plane Crash)) के तुरंत बाद अधिकारी और स्थानीय लोग राहत-बचाव के काम में जुट गए. कोशिश थी कि इस बड़े हादसे के बाद ज़्यादा से ज़्यादा जिंदगियों को बचाया जा सके.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 9:32 am, Mon, 10 August 20

कोझीकोड एयरपोर्ट (Kozhikode Plane Crash) पर एयर इंडिया की IX-1344 फ्लाइट शुक्रवार को लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें 2 पायलटों समेत 18 लोगों की जान चली गई. हादसे के तुरंत बाद अधिकारियों और स्थानीय लोग राहत-बचाव के काम में जुट गए. अधिकारियों की कोशिश थी कि इस बड़े हादसे के बाद ज़्यादा से ज़्यादा जिंदगियों को बचाया जा सके. मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि हादसे के तुरंत बाद के 5 मिनट में किस तरह एक्शन लिया गया.

देखिए NewsTop9 टीवी 9 भारतवर्ष पर रोज सुबह शाम 7 बजे

सूत्रों के मुताबिक जब शाम 7 बजकर 40 मिनट पर एयर इंडिया का विमान लैंडिंग करते वक्त टेबलटॉप एयरपोर्ट पर हादसे का शिकार होकर 35 मीटर नीचे स्लोप में जा गिरा, जिसके बाद विमान के दो टुकड़े हो गए तब घटना की पहली जानकारी CISF ऑफीसर के द्वारा दी गई.

असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर अजीत विमान क्रैश होने वाले गेट नंबर 8 पर थे, जिन्होंने घटना का पहला मैसेज 7 बजकर 40 मिनट पर सीआईएसएफ कंट्रोल रूम (CISF Control Room) को भेजा, ये विमान हादसे के कुछ सेकेंड्स बाद किया गया मैसेज था. जिसके बाद जो इमरजेंसी टीम का अगले 5 मिनट में एक्शन था वो कुछ यूं हुआ.

हादसे के बाद उन 5 मिनट में क्या हुआ?

पहला मैसेज 7 बजकर 40 मिनट पर सीआईएसएफ कंट्रोल रूम (CISF Control Room) को भेजा गया.

शाम 7 बजकर 41 मिनट पर CISF कंट्रोल रूम ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सीआईएसएफ क्विक रिस्पांस टीम को कॉल किया.

शाम 7 बजकर 42 मिनट पर एयरपोर्ट फायर स्टेशन को अलर्ट पर कर दिया गया.

शाम 7 बजकर 43 मिनट पर CISF ने एयरपोर्ट हेल्थ डिपार्टमेंट को घटना के बारे में जानकारी दी.

शाम 7 बजकर 44 मिनट पर CISF कंट्रोल रूम ने एयरपोर्ट के टर्मिनल मैनेजर, एयरपोर्ट डायरेक्टर को फोन किया साथ ही दूसरा कॉल एयरपोर्ट हेल्थ को किया गया.

शाम 7 बजकर 45 मिनट पर CISF कंट्रोल रूम ने स्थानीय पुलिस और एजेंसी यूनिट लाइंस को इंफॉर्म किया.

महज़ 5 से 7 मिनट के बीच इलाके के आसपास के लोग क्रैश गेट पर पहुंच गए, जहां प्लेन दुर्घटना का शिकार हुआ. पैसेंजर की स्थिति को देखते हुए एयरपोर्ट के डिप्टी कमांडेंड ऑफ कोझीकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने स्थानीय लोगों को मदद के काम के लिए रिस्ट्रिक्टेड एरिया में जाने की इजाज़त दी. सूत्रों के मुताबिक ये बड़ा फैसला था, जिसकी वज़ह से ज़्यादा से ज़्यादा ज़िंदगियों को बचाया जा सका.

टचडाउन हुआ था लेट-डीजीसीए चीफ

वहीं दूसरी ओर डायक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के प्रमुख अरुण कुमार ने कहा है कि जिस टेबलटॉप एयरपोर्ट पर हादसा हुआ है, उस एयरपोर्ट की लंबाई एयरक्राफ्ट्स के लिए काफी है, लेकिन लेट टचडाउन के चलते हो सकता है प्लेन हादसे का शिकार हो गया. उन्होंने कहा कि हमें अभी कारणों की ज़्यादा जानकारी नहीं है, घटना की जांच जारी है. डेटा रिकॉर्डर मिल गया है, जिसके बाद ट्रांसक्रिप्ट को स्टडी करके ही घटना की सही वज़हों का पता लग पाएगा. सभी जानते हैं टचडाउन लेट हुआ. एटीसी की इंफॉर्मेशन के मुताबिक ये 3 हज़ार फीट, 4 हज़ार फीट या 2000 फीट तक नीचे आया.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे