ऐसी क्या थी मुलाकात, जिससे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैन हो गए बिल गेट्स

बिल गेट्स ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्थओं में बदलाव की जरूरत है ताकि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का मुकाबला कर कार्बन उत्सर्जन को शून्य किया जा सके.

बिहार दौरे पर पहुंचे माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैन हो गए हैं. उन्हें उम्मीद नहीं थी कि बिहार के सीएम जलवायु परिवर्तन को लेकर इतने जागरूक होंगे. इतना ही नहीं स्वच्छ हवा और पानी को लेकर राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की वजह से वो उनके मुरीद हो गए.

सीएम की तारीफ़ करते हुए उन्‍होंने कहा, ‘नीतीश कुमार ने काफ़ी अच्छा काम किया है, जिसमें उनकी संस्था भी सहयोगी रही, लेकिन एक लंबे अंतराल के बाद हुई इस बैठक में उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि वो जलवायु परिवर्तन जैसा मुद्दा उठाएंगे. क्योंकि ये ऐसा मुद्दा है जिस पर सिएटल, वॉशिंगटन, लंदन या पेरिस में विचार का होता है, लेकिन पटना में वो मुझसे कह रहे थे कि देखिए ये सबसे बड़ा मुद्दा है और ये हमारे लिए एक समस्या है. मुझे इससे निबटने में जैसे पानी आपूर्ति, बीज जिससे इस समस्या को कम किया जा सके, उसमें मदद कीजिए.’

रविवार को बिल गेट्स ने सीएम नीतीश कुमार के साथ मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की.

बिल गेट्स ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्थओं में बदलाव की जरूरत है ताकि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का मुकाबला कर कार्बन उत्सर्जन को शून्य किया जा सके.

गेट्स ने कहा, ‘ज्यादातर ऊर्जा जिसका हम इस्तेमाल करते हैं वह कोयला, प्राकृतिक गैस या फिर गैसोलीन से आती है. लेकिन, जब आप कार्बन उत्सर्जन को जीरो करना चाहेंगे तो आपको इन स्त्रोतों से छुटकारा पाकर न्यूक्लियर, रिन्यूएबल या फिर हैड्रो एनर्जी की ओर रूख करना होगा. इसे घटाने के लिए काफी नई खोज की जरूरत है. हमने कई अन्वेषण किए हैं. जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के ले हमें इन खोजों को तेज करना होगा. वह तब तक नहीं होगा जब तक आप कदम नहीं उठाते हैं. ”

बता दें कि नीतीश कुमार ने ‘जल जीवन हरियाली’ कार्यक्रम शुरू किया है. इस कार्यक्रम के लिए उन्होंने क़रीब 24 हज़ार करोड़ का बजट रखा है जिसके अंतर्गत पानी के परंपरागत श्रोत जैसे नहर, कुएं या तालाब को फिर से पुनर्जीवित करना या वृक्षारोपण पर विशेष ज़ोर दिया गया है. नीतीश आने वाले दिनों में इसी ‘जल जीवन हरियाली’ को मुद्दा बनाकर अपनी राज्य भर की यात्रा करने जा रहे हैं.’