PM मोदी की ‘झप्‍पी’ ने किया कैसा असर? तीन महीने बाद ISRO चीफ ने खोला राज

तीन महीने पहले की बात है. चंद्रयान-2 चांद पर सफलतापूर्वक लैंड नहीं कर पाया था. पूरा देश निराश था. ISRO चीफ के. सिवन की आंखों में आंसू थे.

सालों की मेहनत से तैयार प्रोजेक्‍ट फेल हो जाए तो कैसा लगता है? तीन महीने पहले की बात है. चंद्रयान-2 चांद पर सफलतापूर्वक लैंड नहीं कर पाया. पूरा देश निराश था मगर एक शख्‍स की आंखों में आंसू थे. वो थे ISRO चीफ के. सिवन. बेंगलुरु में हेडक्‍वार्टर्स के बाहर जब सिवन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छोड़ने आए थे तो वो खुद को रोक नहीं सके. भावुकता के इस पल में पीएम मोदी ने सिवन की पीठ थपथपाई, उन्‍हें हौसला दिया. फिर उन्‍हें गले से लगा लिया. तस्‍वीरें पूरे देश ने देखीं. नए साल के मौके पर, 2 जनवरी को जब सिवन चंद्रयान-3 और गगनयान मिशन के बारे में पता रहे थे, तब उन्‍हें पीएम मोदी की यह ‘झप्‍पी’ याद आई. सिवन ने क्‍या कहा, पढ़‍िए.

“जब मैं भावुक था, माननीय प्रधानमंत्री ने मुझे गले लगाया. वह समझ गए थे कि मेरे दिमाग में क्‍या चल रहा था. उन्‍होंने लीडरशिप दिखाई. उस झप्‍पी ने मुझे कई सबक दिए. यह बड़ी अच्‍छी बात थी कि खुद प्रधानमंत्री मुझे ढांढस बंधा रहे थे. उससे हमे बड़ी राहत मिली. इससे हमें प्रेरणा मिली कि हम और मेहनत करें. मेरे मन में तो यही भावना थी. हम अब और उत्‍साह से काम कर रहे हैं, ताकि स्‍पेस सिस्‍टम में कुछ खास हासिल किया जा सके.”

चंद्रयान-2 ISRO का पहला मिशन था जिसमें चांद्र की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करनी थी. इसके फेल होने पर चंद्रयान-3 की तैयारियां शुरू हो गई हैं. इसके अलावा 2020 में चांद पर भी ISRO यान भेजेगा.

ये भी पढ़ें

गगनयान मिशन के लिए चुने गए IAF के चार पायलट, चंद्रयान-3 को सरकार ने दी मंजूरी