जब शंकराचार्य के सामने सुषमा स्वराज ने पढ़ा शिव तांडव स्तोत्र और बजने लगी तालियां

भाषा पर सुषमा स्वराज की पकड़ और बात कहने की शैली की दुनिया कायल थी. एक मौका ऐसा भी आय था जब खुद शंकराचार्य उनकी वक्तृत्व शैली के प्रशंसक हो गए.

संसद में अपने प्रखर शब्दों से सबको सम्मोहित कर देनेवालीं पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को देश याद कर रहा है. भाषा पर उनकी पकड़ का हर कोई कायल था. ऐसे में उन्होंने अपने जीवनकाल में जो कुछ कहा यदि वो कहीं रिकॉर्ड किया गया तो अब यूट्यूब पर खंगाला जा रहा है.

ऐसे ही एक वीडियो में सुषमा स्वराज मंच से संस्कृत की महिमा का बखान करते हुए शिव तांडव स्तोत्र सुना रही हैं. जिस लय में वो स्त्रोत सुना रही हैं उसे देख मंच पर आसीन कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य भी बेहद प्रसन्न दिख रहे हैं. सुषमा स्वराज ने स्तोत्र एक हिस्सा ही पढ़ा लेकिन जिस स्पष्टता और उत्साह से उन्होंने पंक्तियां पढ़ीं वो सुनकर मौजूद लोगों ने तालियों से उन्हें शाबाशी दी.

सुषमा स्तोत्र का एक हिस्सा सुनाकर कह रही हैं कि यहां बैठे किसी पांच साल के बच्च के सामने यदि मैं केवल ये दो श्लोक रख दूं और पूछूं कि बताओ इनमें से कौन सा रावण ने रचा होगा और कौन सा राम ने पढ़ा होगा तो वो आसानी से बता देगा कि डमड डमड डमड का श्लोक और नमामीशमीशान निर्वाण रुपं राम ने कहा होगा. ऐसी संस्कृत भाषा की वैज्ञानिकता है.

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