कौन हैं शूटर वर्तिका सिंह? बाबरी मामले में पक्षकार पर हमला करने का लगा है आरोप

यह पहला मामला नहीं है जब वर्तिका का नाम किसी विवाद से जुड़ा है. इससे पहले भी वे कई विवादों में संलिप्त रह चुकी हैं.

बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने अंतरराष्ट्रीय शूटर वर्तिका सिंह के खिलाफ उनपर हमला करने का केस दर्ज कराया, जिसके बाद वर्तिका को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. हालांकि कुछ समय तक पूछताछ करने के बाद वर्तिका को पुलिस ने रिहा कर दिया.

यह पहला मामला नहीं है जब वर्तिका का नाम किसी विवाद से जुड़ा है. इससे पहले भी वे कई विवादों में संलिप्त रह चुकी हैं.

वर्तिका से जुड़े विवादों पर बात करने से पहले ये जान लेते हैं कि आखिर वर्तिका सिंह हैं कौन?

वर्तिका सिंह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के रायचंद्रपुर गांव की रहने वाली हैं. साल 2013-14 तक दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वीमेन की छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुकी हैं. 2012 में वर्तिका ने जर्मनी और 2013 में सिंगापुर में आयोजित शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था.

वे राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर होने वाली शूटिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल प्राप्त कर चुकी हैं. उनकी इस कामयाबी के लिए उन्हें कई राजनेता तक अपनी शुभकामनाएं दे चुके हैं. 2013 में वर्तिका को राष्ट्रपति पदक से भी सम्मानित किया गया था.

विवादों से गहरा नाता

डॉक्टर पर दर्ज कराया था बदसलूकी का केस

पिछले साल यानि 2018 में वर्तिका सिंह ने एक डॉक्टर पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया था. वर्तिका सिंह का कहना था कि वे अपने भाई के साथ बाइक से कहीं जा रही थीं. इस बीच पीजीआई के एक डॉक्टर ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी.

वर्तिका के भाई ने विरोध किया तो डॉक्टर ने बदसलूकी करना शुरू कर दिया. वर्तिका ने आरोप लगाया था कि डॉक्टर शराब के नशे में धुत था और उसकी गाड़ी में भी शराब की बोतल रखी हुई थीं. हालांकि मेडिकल रिपोर्ट में डॉक्टर के शराब पीए होने की पुष्टि नहीं हुई थी.

बाल वैज्ञानिक के खिलाफ फर्जीवाड़े का केस

निशानेबाज वर्तिका सिंह ने चंदौली निवासी इंटरनेशनल बाल वैज्ञानिक के खिलाफ फर्जीवाड़े का केस दर्ज कराया था. वर्तिका ने आरोप लगाया था कि बाल वैज्ञानिक ने फर्जी दावे करके खुद को इंटरनेशनल बाल वैज्ञानिक घोषित किया जबकि उसने ऐसा कोई आविष्कार ही नहीं किया है.

वहीं बाल वैज्ञानिक ने वर्तिका पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उनसे अपने आविष्कारों का ब्रांड अंबेसडर बनाने के बदले रुपये भी ऐंठे थे.

 

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