JNUSU चीफ की खून से लथपथ फोटो वायरल, जानें कौन हैं आइशी घोष?

आइशी घोष के नेतृत्व में कैपस का सबसे बड़ा 11 नवंबर 2019 को हुआ था. प्रदर्शन में हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था. जिसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी फीस हाइक को लेकर कमेटी बनाई.
Who is aishi ghosh, JNUSU चीफ की खून से लथपथ फोटो वायरल, जानें कौन हैं आइशी घोष?

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) कैंपस में रविवार को हुए हमले की हर कोई आलोचना कर रहा है. हमलावरों ने जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष पर लाठियों से हमला कर बुरी तरह से घायल कर दिया. उनकी खून से लथपथ तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. आइशी घोष के साथ कई स्टूडेंस भी घायल हुए. आखिर कौन हैं आइशी घोष जो छात्र राजनीति का मुखर चेहरा बन गईं हैं, आइए जानते हैं.

  1. आइशी घोष पश्चिम बंगाल के छोटे से शहर दुर्गापुर से पढ़ने दिल्ली आई थीं. 2019 में JNU छात्रसंघ की नई अध्यक्ष चुनी गईं. जीतने के बाद उन्होंने विश्वविद्यालय के कई मुद्दों पर शांतिपूर्ण संघर्ष की बात कही थी.
  2. दौलतराम कॉलेज से पॉलिटिक्स की पढ़ाई करने के बाद आइशी JNU के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज से एमफिल की छात्रा हैं. आइशी यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा लिए गए किसी भी फैसले में खामी पाए जाने पर विरोध के सुर उठाती रही हैं.
  3. पिछले साल 2019 में एमबीए की 12 लाख रुपए तक बढ़ी फीस को लेकर आइशी घोष भूख हड़ताल पर भी बैठी थीं. भूख हड़ताल में सेहत बिगड़ने के बाद उन्हें अनशन से उठाया गया था.
  4. आइशी घोष स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया संगठन से जुड़ी हैं. इस संगठन से कैंपस में पूरे 13 साल बाद कोई अध्यक्ष चुना गया है. आइशी का मानना है JNU एक ऐसा कैंपस है जो बराबरी के लिए जाना जाता है.यहां एक संगठन जहां पूरी तरह स्त्रीविरोधी मानसिकता वाला है तो वहीं कैंपस का मूल स्वभाव बराबरी है. यहां मुझे पूरे कैंपस ने सपोर्ट किया है.
  5. जब जेएनयू प्रशासन ने फीस बढ़ाकर ड्रेस कोड जैसे नये नियम बनाए तो आइशी ने इसका पुरजोर विरोध किया. इसके तुरंत बाद कैंपस में फीसवृद्धि और नये हॉस्टल मैनुअल को लेकर आंदोलन किया .
  6. आइशी घोष के नेतृत्व में कैपस का सबसे बड़ा 11 नवंबर को हुआ. इस प्रदर्शन में हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था. जिसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी फीस हाइक को लेकर कमेटी बनाई.
  7. आइशी छात्र राजनीति में एक बेहद सक्रिय नेता की छवि के तौर पर सामने आई हैं. उन्हें अपने परिवार का भी सहयोग मिलता रहा है.

जेएनयू हिंसा में घायल हुईं आइशी घोष के पिता ने कहा, ‘इस समय पूरा देश अस्थिर है, हम डरते है कि आज मेरी बेटी पर हमला हुआ, कल किसी ओर की पिटाई की जाएगी, कौन जानता है कि कल मेरे ऊपर भी हमला हो सकता है’. आइशी घोष की मां ने यूनिवर्सिटी के वाइंस चांसलर से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि वो अपनी बेटी से पीछे हटने के लिए नहीं कहेंगी.

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