अब जासूसी करने में छूटेंगे दुश्मनों के पसीने, भारत ने चीन को दिया यूं करारा जवाब

सरहद पर हो या आसमान पर, चीन हमेशा ही भारत की घेराबंदी में जुटा रहता है. जंग छेड़ने की स्थिति ना होने की वजह से चीन का सारा ध्यान अब भारत की जासूसी पर लगा रहता है मगर अब भारत ने जो ताज़ी उपलब्धि हासिल की है उसके बाद ड्रैगन के लिए ऐसा कर पाना मुश्किल होगा.

तीन देशों के बाद अब भारत अंतरिक्ष महाशक्ति बननेवाला चौथा देश हो गया है. उपलब्धि इतनी बड़ी थी कि खुद पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया. अमेरिका, रूस और चीन के बाद अब भारत होगा जिसके पास अंतरिक्ष में लाइव सैटेलाइट मार गिराने की क्षमता होगी.

महज़ तीन मिनट के भीतर भारत ने ऑपरेशन मिशन शक्ति के तहत लो अर्थ ऑर्बिट में लाइव सैटेलाइट को गिराकर दिखा दिया कि वो भविष्य के सामरिक खतरों को लेकर चौकन्ना है. अब तक किसी भी देश ने दूसरे देश के उपग्रह को नष्ट नहीं किया है, बल्कि अपनी ही निष्क्रिय हो चुकी सैटेलाइट को नष्ट करके सफल ऑपरेशन किए हैं.

इससे पहले अमेरिका ने 2008 में अपने ही एक जासूसी उपग्रह को नष्ट किया था. 2007 में चीन ने भी अपने एक मौसम की जानकारी देनेवाले खराब उपग्रह को मार गिराया था. रूस भी इस उपलब्धि को हासिल कर चुका है. भविष्य के युद्ध अंतरिक्ष में होंगे यही मानते हुए हर विकसित देश पहले ही ऐसी मिसाइलें विकसित कर रहा है जो जासूसी करनेवाले उपग्रहों को निपटा सकें.

ये तथ्य है कि युद्ध के उपकरणों के तौर पर हाल फिलहाल सैटेलाइट्स की अहमियत बेहद बढ़ी है. अमेरिका ने लीबिया, इराक और अफगानिस्तान में सैटेलाइट का खूब उपयोग किया. वो चीन पर जासूसी सैटेलाइट स्थापित करने के आरोप भी लगाता रहा है. ऐसे में भारत भी ये रिस्क नहीं ले सकता कि वो चीन को अपनी जासूसी करते रहने दे. भारत की नई उपलब्धि के बाद अब चीन भी सतर्क होगा. वैश्विक मंच पर भारत की साख जो बढ़ेगी वो तो है ही.

आने वाले समय में  जो भी देश सैटेलाइट गिराने की क्षमता विकसित कर लेगा वो खुद की जासूसी रोक सकेगा. फिलहाल इज़रायल इस दिशा में आगे बढ़ रहा है.