‘गांधी परिवार को क्यों चाहिए SPG सुरक्षा,’ बिल पर चर्चा के दौरान बोले अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राज्यसभा में SPG बिल पर चर्चा के दौरान जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जैसी सुरक्षा सभी को नहीं दी जा सकती. पढ़ें उनके जवाब 10 पॉइंट्स में.

राज्यसभा में मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह ने स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (संशोधित 2019) राज्यसभा में पेश कर दिया. इस पर चर्चा के दौरान उन्‍होंने गांधी परिवार से SPG सुरक्षा वापस लेने पर विपक्ष के आरोपों का भी जवाब दिया. पढ़ें उनके जवाब 10 पॉइंट्स में.

  • गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सिर्फ गांधी परिवार ही नहीं सरकार को देश के 130 करोड़ नागरिकों की भी चिंता करनी है.
  • कम्युनिस्ट पार्टी का SPG बिल का विरोध करने पर शाह ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी के लोग राजनीतिक बदले की बात न करें, केरल में हमारे 120 कार्यकर्ता मार दिए गए. मालूम हो कि केरल में कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार है.
  • अमित शाह ने कहा कि गांधी परिवार की सुरक्षा हटाई नहीं गई है, जितने जवान पहले तैनात थे, उतने ही आज भी हैं. गांधी परिवार को जो सुरक्षा दी गई है, वही राष्‍ट्रपति, उपराष्‍ट्रपति के पास है, रक्षा मंत्री के पास है और गृह मंत्री के पास भी है.
  • गृह मंत्री अमित शाह ने SPG बिल संशोधन पर जवाब देते गांधी परिवार से सवाल किया कि आखिर गांधी परिवार को SPG सुरक्षा क्यों चाहिए. अमित शाह ने राज्य सभा में कहा कि SPG एक विशिष्ट सुरक्षा दल है, यह किसी शान के लिए नहीं है.
  • प्रियंका गांधी के घर पर हुई सुरक्षा चूक के बारे में गृह मंत्री ने कहा कि बड़ा इत्तेफाक था. प्रियंका गांधी के घर पर मैसेज था कि राहुल गांधी काली सफारी में आने वाले हैं. उसी समय मेरठ कांग्रेस के शारदा त्यागी के नेतृत्व में चार कांग्रेस कार्यकर्ता काली सफारी में आए थे. इस मामले में तीन लोगों को निलंबित किया गया है. जांच चल रही है.
  • राज्यसभा में SPG बिल पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि संशोधन गांधी परिवार को ध्यान में रखकर नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि हम सिर्फ गांधी परिवार को ध्यान में रखते हुए SPG बिल लाए हैं. गांधी परिवार से सुरक्षा उनको होने वाले खतरे की पूरी तरह से जांच पड़ताल करने के बाद हटाई गई है.
  • अमित शाह ने इस बिल पर आगे कहा कि SPG एक्ट में यह 5वां संशोधन है. यह संशोधन गांधी परिवार को ध्यान में रखकर नहीं लाया गया है, लेकिन, एक बात जो मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं, वह यह है कि पिछले 4 संशोधन केवल एक परिवार को ध्यान में रखकर किए गए थे.
  • गृह मंत्री अमित शाह ने विरोध करने वाले तमाम लोगों को जवाब देते हुए कहा कि अगर लोकतंत्र में हैं तो कानून सबके लिए समान होना चाहिए. हम परिवार का नहीं परिवारवाद का विरोध कर रहे हैं और जब तक सीने में दम रहेगा करेंगे.
  • गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सभा में साफ शब्दों में कहा कि सबको प्रधानमंत्री जैसी सुरक्षा नहीं दी जा सकती है.
  • मालूम हो कि सदन में बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्टी सदन से वॉक आउट कर गई.

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