क्या पाकिस्तान ने F-16 का इस्तेमाल कर अमेरिका को किया नाराज़?

पाकिस्तान F-16 के मार गिराए जाने की खबर का बार-बार खंडन कर रहा है. इसकी वजह अमेरिका और पाकिस्तान के बीच F-16 रक्षा सौदे की शर्तें. जिनका पाकिस्तान ने उल्लंघन कर दिया है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 3:01 pm, Thu, 28 February 19

नई दिल्ली: बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों की तबाही के बाद पाकिस्तानी एयर फोर्स ने मंगलवार सुबह F-16 लड़ाकू विमान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर निशाना साधा. लेकिन पाकिस्तान की ये साजिश कामयाब नहीं हो पाई. जैसे ही अमेरिका से खरीदा गया पाकिस्तान का ये विमान भारत की वायु सीमा में घुसा. जम्मू कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में भारतीय वायु सेना ने उसे मार गिराया.

दुश्मन के F-16 एयरक्राफ्ट को हिंदुस्तान के फाइटर प्लेन मिराज 2000 ने नहीं, बल्कि मिग-21 ने निशाना बनाया. जबकि अमेरिका में बना F-16, रूस से भारत को मिले मिग-21 के मुकाबले काफी तेज तर्रार लड़ाकू विमान है. लेकिन भारतीय वायु सेना के जांबाज पायलट अपनी सूझबूझ से उसे मात देकर पाकिस्तान के नापाक इरादे को नेस्ताबूद करने में कामयाब रहे.

पाकिस्तान कर रहा खंडन
पाकिस्तान के लिए ये बड़ा झटका था. लेकिन उसके लिए राहत की बात ये रही कि लाइन ऑफ कंट्रोल के ऊपर मिग-21 का शिकार होने के बाद F-16 फाइटर प्लेन का मलबा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जा गिरा. यही वजह है पाकिस्तान तुरंत इस बात से मुकर गया कि टुकड़े-टुकड़े हुआ वो विमान F-16 था. सवाल ये है कि आखिर क्यों पाकिस्तान F-16 के मार गिराए जाने की खबर का बार-बार खंडन कर रहा है? इसकी वजह क्या है: मिग-21 में मात खा जाने की जिल्लत या अमेरिकी लड़ाकू विमान की साख गिराने का डर? इन सवालों का जवाब है- अमेरिका और पाकिस्तान के बीच F-16 रक्षा सौदे की शर्तें. जिनका पाकिस्तान ने उल्लंघन कर दिया है.

पाकिस्तान कर रहा फाइटर जेट 16 के इस्तेमाल से इनकार
अमेरिका की शर्त थी कि किसी भी देश के खिलाफ F-16 का इस्तेमाल करने से पहले पाकिस्तान को अमेरिका की इजाजत लेनी होगी. पाकिस्तान को सिर्फ अपने ही देश में किसी सैन्य कार्रवाई के लिए इस विमान के इस्तेमाल की इजाजत थी. जाहिर है पाकिस्तान ने ऐसा नहीं किया. बालाकोट के आतंकी ठिकानों पर भारत के हमले से बौखलाए पाकिस्तान ने अगले ही दिन मिराज-2000 के जवाब में अमेरिकी एयरक्राफ्ट F-16 से भारत पर धावा बोलने का फैसला ले लिया. पाकिस्तान ने सोचा था भारत को नुकसान पहुंचाने के बाद F-16 वापस पाकिस्तान वायु सेना के बेड़े में पहुंचने में सफल होगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

पाकिस्तान का दांव पड़ गया उल्टा
पाकिस्तान का दांव उल्टा पड़ गया. और ना सिर्फ उसने अमेरिकी शर्तों की अनेदखी कर उसे धोखा दिया. बल्कि पूरी दुनिया में F-16 विमान की साख गिरा दी. जिसका बुरा असर अमेरिकी रक्षा सौदों पर पड़ सकता है. यही वजह है कि पाकिस्तान F-16 के इस्तेमाल की खबर से पलट रहा है. पाकिस्तान को डर है कि अमेरिकी शर्तों का उल्लंघन करने की उसे भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है. पाकिस्तान जानता है कि जरूरत पड़ी तो अमेरिका उससे एक-एक F-16 का हिसाब ले सकता है. और झूठ का पर्दाफ़ाश होने पर वो पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर सकता है.