जैसे नचिकेता आए थे क्या वैसे ही आ पाएंगे अभिनंदन?

देश के सामने बड़ा सवाल यही है कि विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी कैसे हो? हमारी सरकार पाकिस्तान को चेतावनी दे चुकी है कि वह अंतरराष्ट्रीय नियमों की इज्जत करे और अभिनंदन की सुरक्षित वापसी कराए.

नई दिल्ली: करगिल युद्ध के दौरान फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता के उदाहरण को देखते हुए अभिनंदन की वापसी की उम्मीद पूरी तरह से बनी हुई है. तब पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त रहे जी पार्थसारथी ने बीबीसी से कहा कि- “करगिल युद्ध के समय फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता मिग एयरक्राफ्ट में थे. उन्हें आदेश था कि नियंत्रण रेखा पार नहीं करना है. लेकिन जब वह आक्रमण के बाद नीचे आए, तो पाकिस्तानी सेना के कब्जे में चले गए.”

कुछ दिनों बाद मुझे पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय से संदेश मिला कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा है कि नचिकेता को रिहा कर दिया जाए. उनकी तरफ से ये सद्भाव का प्रदर्शन था. मैंने पूछा कि उनसे मैं कहां मिलूं? तो उन्होंने मुझे जिन्ना हॉल में बुलाया.”

नचिकेता को अपनी शर्तों पर रिहा कराया था भारत

लेकिन नचिकेता की रिहाई पर भी पाकिस्तान शातिर चाल चल रहा था. बीबीसी से बातचीत में पार्थसारथी ने आगे बताया कि- “मुझे पता चला कि जिन्ना हॉल में तो प्रेस कॉन्फ्रेंस होती है. लिहाजा मैंने उनसे पूछा कि रिहाई के वक्त क्या मीडिया की मौजूदगी रहेगी? इस पर उन्होंने हां में जवाब दिया. मैंने कहा कि जो युद्धबंदी रहे हैं उनकी रिहाई के वक्त मिडिया की मौजूदगी मैं कभी मंजूर नहीं करुंगा. मैंने उन्हें कहा कि आप निजी तौर पर नचिकेता को मुझे सौंपें. इसके बाद मैंने दिल्ली से संपर्क किया तो मुझे कहा गया कि आपने ठीक फैसला किया है.”

हमारे रुख को देखते हुए उन्होंने फोन कर मुझसे पूछा कि आप बताएं कि उन्हें कैसे छोड़ा जाए? इस पर मैंने उन्हें जवाब दिया कि देखिए आप के ऊपर से हमारा विश्वास चला गया है. आप उन्हें हमारे दूतावास में छोड़ें. फिर मैं उनका चार्ज लूंगा. इसके बाद उन्हें दूतावास लाया गया और वहां मैंने उनका चार्ज लिया.”

इसके बाद उन्हें एयर कमोडोर जसवाल के घर में ठहराया गया और अगले दिन मैंने कहा कि आप जहाज में नहीं जाएंगे. मैंने उनको एक गाड़ी में रखा, उनके साथ एक-एक वायुसेना और नेवी के अधिकारी को लगाया और फिर वाघा में अपनी सेना के हवाले करने को कहा.”

“नचिकेता की तर्ज पर ही रिहा हों अभिनंदन”

पार्थसारथी मानते हैं कि जिस तरह से नचिकेता की रिहाई हुई, उसी तरह की कार्रवाई अभिनंदन के मामले में भी होनी चाहिए. खास बात ये है कि युद्धबंदियों पर जेनेवा कन्वेंशन लागू होता है. ऐसे में पाकिस्तान अभिनंदन के साथ मानवीय व्यवहार करने के लिए मजबूर है.

इस बीच बुधवार को भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायुक्त को तलब किया और अभिनंदन के मसले पर विरोध जाहिर किया. अभिनंदन ने बुधवार सुबह फाइटर प्लेन मिग 21 से उड़ान भरी थी.