Supreme Court gets four new judges, इतिहास में पहली बार पांच जजों की संविधान पीठ साल भर करेगी सुनवाई
Supreme Court gets four new judges, इतिहास में पहली बार पांच जजों की संविधान पीठ साल भर करेगी सुनवाई

इतिहास में पहली बार पांच जजों की संविधान पीठ साल भर करेगी सुनवाई

1950 में सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या आठ थी. वहीं आज यह संख्या 34 पर पहुंच गई है.
Supreme Court gets four new judges, इतिहास में पहली बार पांच जजों की संविधान पीठ साल भर करेगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट के के चार नए न्यायाधीशों ने सोमवार को अपने पद की शपथ ली. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 30 अगस्त को इन नामों की सिफारिश की थी. वहीं केंद्र ने बुधवार को सभी मुख्य न्यायाधीशों के नामों पर अपनी मंजूरी दी थी.

भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट्ट, न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यन और न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

इसके साथ ही उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है और अब न्यायाधीश का एक भी पद खाली नहीं बचा है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 31 थी. 1950 में सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या आठ थी.  केंद्र सरकार ने हाल में बढ़ाकर 34 कर दी थी, जिसमें चीफ जस्टिस भी शामिल हैं.

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस राम सुब्रमण्यन, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के जस्टिस कृष्ण मुरारी, राजस्थान हाई कोर्ट के आर रविंद्र भट्ट और केरल हाई कोर्ट से ऋषिकेश रॉय के नाम की सिफारिश सरकार को भेजी थी.

दरअसल मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कुछ समय पहले एक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के लिए कहा था. उनका कहना था कि कोर्ट में केस की संख्या काफी ज़्यादा है, इसलिए मामलों की संख्या को देखते हुए न्यायधीशों की संख्या बढ़ाना बेहद जरूरी है.

सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या दस फीसद बढ़ाए जाने का विधेयक लोकसभा और राज्यसभा ने पिछले दिनों पारित कर दिया था. इस विधेयक में चूंकि जजों की बढ़ी संख्या के मुताबिक सरकारी खजाने से धन आवंटित कराना भी था, लिहाजा इसे वित्त विधेयक के रूप में दोनों सदनों से पारित कराना पड़ा था.

भारत के 70 साल के न्यायिक इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब पांच जजों की यह संविधान पीठ साल भर संवैधानिक मामलों और कानून की व्याख्या से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई करेगी.

हालांकि अब तक भी ऐसा होता था लेकिन वो बेहद ख़ास केसों में ही होता था. जैसे कि अयोध्या भूमि विवाद मामले में सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई में एक पांच सदस्यीय संविधान पीठ बनाई गई है.

Supreme Court gets four new judges, इतिहास में पहली बार पांच जजों की संविधान पीठ साल भर करेगी सुनवाई
Supreme Court gets four new judges, इतिहास में पहली बार पांच जजों की संविधान पीठ साल भर करेगी सुनवाई

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