दिल्ली में Covid-19 से निपटने के लिए अमित शाह का मेगा प्लान तैयार, बड़े पैमाने पर होगा सेरो सर्वे

कमेटी की सिफारिशों के आधार पर अमित शाह (Amir Shah) ने यह मेगा प्लान तैयार किया है. इसके तहत उच्च जोखिम वाली आबादी पर सेरो-सर्वे कराने की सलाह दी गई है.
sero survery in delhi, दिल्ली में Covid-19 से निपटने के लिए अमित शाह का मेगा प्लान तैयार, बड़े पैमाने पर होगा सेरो सर्वे

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने आने वाले दिनों में दिल्ली के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया है, ताकि कोरोना (Coronavirus) से निपटा जा सके. इसके तहत बड़े पैमाने पर सेरो सर्वे किया जाएगा. कोरोना की व्यापकता का पता लगाने के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल साइंस (ICMR) के साथ-साथ नीति आयोग से डॉ. वीके पॉल की अध्यक्षता में दिल्ली के लिए खास तौर पर 14 जून को एक कमेटी का गठन किया गया था.

कमेटी की सिफारिशों के आधार पर अमित शाह ने यह मेगा प्लान तैयार किया है. इसके तहत उच्च जोखिम वाली आबादी पर सेरो-सर्वे कराने की सलाह दी गई है. इनमें उन रोगियों को भी शामिल किया जाएगा, जिनमें कोरोनावायरस के लक्षण दिखाई नहीं दिए हैं.

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क्या है यह सेरो सर्व

कोरोना संक्रमित इलाके में बड़े पैमाने पर आम लोगों के बीच इस तरह का सर्वे किया जाता है. सेरो सर्वे में लोगों के एक ग्रुप के ब्लड सीरम को इकट्ठा कर उसे अलग-अलग लेवल पर मॉनिटर किया जाता है. इससे कोरोनावायरस के पैमाने का पता लगाया जा सकता है. यह सर्वे आईसीएमआर और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के अधिकारियों और राज्य के स्वास्थ्य विभागों के सहयोग से किया जाएगा.

क्या है सेरो सर्वे की प्रक्रिया

इस सर्वे में स्थनीय स्तर पर बनायी गयी स्टडी टीम संक्रमित इलाकों में लोगों के घरों में अचानक (रैंडम) से जाएगी. लोगों को सर्वे की प्रक्रिया और उद्देश्य के बारे में बताएगी. सर्वे करने से पहले टीम परिवार के सदस्यों की सहमती लेगी. बेसिक डेमोग्राफिक डिटेल, कोविड-19 मामलों की एक्सपोजर हिस्ट्री, एक महीने में कोविड-19 जैसे लक्षणों और क्लिनिकल हिस्ट्री दर्ज की जाएगी. दिल्ली में बड़े पैमाने पर इसे करने की योजना है.

सेरो-सर्वेक्षण में संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी का पता लगाने के लिये लोगों के एक समूह के रक्त सीरम का परीक्षण किया जाता है, जिससे की यह पता लगाया जा सके कि कौन इससे पीड़ित होकर ठीक हो चुका है. आईसीएमआर और अन्य एजेंसियों के शोधकर्ताओं ने इसके लिए दिशा-निर्देश तैयार किए हैं. इसके अनुसार प्रति एक लाख की आबादी पर सामने आए मामलों के तहत चार स्तर – शून्य, निम्न, मध्यम और उच्च के आधार पर यह सर्वेक्षण किया जाएगा.

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, घरेलू स्तर के क्रॉस-सेक्शनल सर्वेक्षण में 20 हजार लोगों को शामिल किया जाएगा. पूरी दिल्ली में सेरो टेस्ट 27 जून से 10 जुलाई के बीच कराया जाएगा.

हर दिन बेहद अहम

अमित शाह के प्लान के अनुसार, दिल्ली सरकार 22 जून, 2020 तक एक योजना निर्धारित करेगी. 23 जून, 2020 तक जिला स्तरीय टीमों का गठन करेगी. 26 जून, 2020 तक सभी कंटामिनेटेड जोन का संशोधित परिसीमन करेगी.  30 जून, 2020 तक कंटामिनेटेड जोन का शत-प्रतिशत सर्वेक्षण करेगी और 06 जुलाई, 2020 तक बाकी दिल्ली का भी वृहद पैमाने पर सर्वेक्षण करेगी.

इससे क्या फायदा होगा?

अध्ययन से पता चलेगा कि सार्स-कोव-2 का कितना प्रसार हो चुका है. बाद में कोविड जांच के जरिए देखा जाएगा कि एंटी बॉडी विकसित हुई हैं या नहीं. इसके द्वारा, दिल्ली में संक्रमण के फैलाव का समग्र आंकलन हो सकेगा और एक व्यावपक रणनीति निर्धारित की जा सकेगी.

वहीं दिल्ली में कोरोनावायरस मामलों को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “एक हफ्ते के अंदर दिल्ली में सिर्फ एक हज़ार एक्टिव केस बढ़े हैं. हमने टेस्टिंग को तीन गुना कर दिया है. अब टेस्ट कराने में कोई दिक्कत नहीं है. 18,000 टेस्ट हो रहे हैं. खूब टेस्ट करने हैं. एंटीजन टेस्ट शुरू है. दिल्ली में हम तेज़ी से टेस्टिंग कर रहे हैं.”

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