तेंदुए ने दबोच रखा था मासूम बेटे का सिर, मां ने बहादुरी दिखा यूं बचा ली जान

जिस गांव में हमला हुआ, वहां के लोग चाहते हैं कि तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग पिंजड़ा लगाए।
Leopard Attack, तेंदुए ने दबोच रखा था मासूम बेटे का सिर, मां ने बहादुरी दिखा यूं बचा ली जान

महाराष्‍ट्र के पुणे में एक महिला ने गजब की दिलेरी दिखाते हुए अपने बच्‍चे को तेंदुए की गिरफ्त से बचा लिया. तेंदुए ने जबड़े में बच्‍चे का सिर दबोच रखा था. महिला ने हाथ से जबड़े पर वार किया तो उसने बच्‍चे को तो छोड़ दिया पर मां को निशाना बनाने की कोशिश की. हालांकि महिला की चीख-पुकार सुनकर तेंदुआ वहां से भाग गया. घटना जुन्‍नर तालुका में पुष्‍पवती नदी के किनारे बसे ढोलवाड़ गांव में शुक्रवार रात डेढ़ बजे हुई. गन्‍ना काटने के काम में लगे कई परिवार यहां नदी किनारे झोपड़ी बनाकर रहते हैं.

दिलीप और दीपाली अपने 18 महीने के बच्‍चे दयानेश्‍वर संग बाहर सोए थे. बाकी मजदूरों की तरह वह भी अपने घर के बाहर सो रहे थे. रात में तेंदुए की गुर्राहट सुन दीपाली की नींद खुली तो उन्‍हें अपनी आंखों पर विश्‍वास नहीं हुआ. तेंदुए ने दयानेश्‍वर का सिर जबड़े में फंसा रखा था.

दीपाली ने तेंदुए पर हाथ से वार किया तो जानवर ने बच्‍चे को पकड़ से आजाद कर दिया मगर उसका हाथ दबोच लिया. जब उसने चीख-पुकार मचाई तो तेंदुआ पास के खेतों में भाग गया. बच्‍चे की गर्दन और आंख-कान के पास तेंदुए के दांतों के निशान हैं. दयानेश्‍वर को नजदीकी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है जहां से उसे सोमवार को छुट्टी दी जाएगी.

गांववालों की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी रात 2 बजे के लगभग घटनास्‍थल पर पहुंचे. घायल दयानेश्‍वर को पहले ओतूर के सरकारी अस्‍पताल ले जाया गया, जहां से उसे पिंपरी-चिंचवड़ स्थित यशवंतराव चव्‍हाण मेमोरियल हॉस्पिटल लाया गया.

रिपोर्ट्स के अनुसार, गांववाले चाहते हैं कि वन विभाग इलाके में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाए. वन विभाग के अधिकारी लोगों से खुले में न सोने की अपील करते रहे हैं. जुन्‍नर में तेंदुए के हमले की यह दूसरी घटना है. इसी साल जनवरी में यदगांव नाम के गांव में 5 साल की एक बच्‍ची को तेंदुए ने मार डाला था.

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