कश्मीर में पहली बार असम राइफल्स की महिला विंग की तैनाती, लोकल लोगों पर दिखा ये पॉजिटिव बदलाव

असम राइफल्स (Assam Rifles) ने वहां के लोगों की तस्वीरें महिला सैनिकों के साथ ट्विवटर पर शेयर कर कहा कि कश्मीर में पहली बार तैनात असम राइफल्स की महिला सैनिकों ने कुछ ही दिनों में स्थानीय आबादी पर सकारात्मक प्रभाव डाला.

कश्मीर (Kashmir) में सीमा के पास सुरक्षा की अहम जिम्मेदारी असम राइफल्स (Assam Rifles) की राइफल वुमेन भी संभाल रही हैं. पाकिस्तान, बॉर्डर के पास से महिलाओं के जरिए नारकोटिक्स, नकली करेंसी और हथियार भेजने की कोशिश करता है. जिसके चलते तलाशी का काम राइफल वुमेन के हाथों में है.

यहां के स्थानीय लोगों पर पॉजिटिव प्रभाव पड़ रहा है. असम राइफल्स ने वहां के लोगों की तस्वीरें महिला सैनिकों के साथ ट्विवटर पर शेयर की हैं. ट्वीट में लिखा, ”कश्मीर में पहली बार तैनात असम राइफल्स की महिला सैनिकों ने कुछ ही दिनों में स्थानीय आबादी पर सकारात्मक प्रभाव डाला. स्थानीय लोगों का मुस्कुराता हुआ चेहरा असम राइफल्स के राइफलवमेन की प्रोफेशनालिज्म का प्रमाण है.”

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बता दें कि LoC के पास तंगधार और तिथवाल इलाके में भारत के करीब 40 गांव पड़ते हैं. LoC के पास इस गांवों से होकर ही सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले घुसपैठ के रास्ते हैं.

आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के साथ-साथ पाकिस्तान यहां से नारकोटिक्स, नकली करेंसी और हथियार भेजने की कोशिश करता रहता है. तस्करी में महिलाओं की संख्या बढ़ रही है. इसके बाद सेना ने महिला सैनिकों को तैनात करना शुरू किया है.

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