सरकार ने शुरू कर दिया है काम, पानी-पानी को तरसेगा पाकिस्तान

जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, यह प्रक्रिया पहले से ही पानी के बहाव को रोककर पानी को सुरक्षित करने के लिए शुरू हो गई है.

केंद्र सरकार ने सिंधु जल संधि को तोड़े बिना पाकिस्तान में पानी के प्रवाह को रोकने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मंगलवार को कहा, यह प्रक्रिया पहले से ही पानी के बहाव को रोककर पानी को सुरक्षित करने के लिए शुरू हो गई है.

शेखावत ने कहा,”अगर आप हमारी प्राथमिकताओं के बारे में बात कर रहे हैं तो बता दूं कि आने वाले समय में पाकिस्तान जाने वाले पानी को कैसे रोका जा सकता है, उस पर काम चालू है. मैं बात कर रहा हूं उस पानी की जो पाकिस्तान की ओर बह रहा है. मैं सिंधु जल संधि को तोड़ने की बात नहीं कर रहा हूं.”

विस्तार से पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “जो पानी अधिक है और पाकिस्तान में जा रहा है, हम उस पानी को कैसे रोक सकते हैं? कुछ जलाशय और नदियां हैं जो जलग्रहण क्षेत्र के बाहर हैं. हम उस चैनल को डायवर्ट करेंगे ताकि हम पानी की कमी के समय में उस पानी का उपयोग कर सकें. आज, हमारे सभी जलाशय भरे हुए हैं, लेकिन हम उस पानी (जो पाकिस्तान जा रहा है) का उपयोग कर सकते हैं और रावी नदी की ओर मोड़ सकते हैं.”

नितिन गडकरी ने भी पुलवामा हमले के बाद दिया था ऐसा ही बयान

जम्मू कश्मीर को आर्टिकल 370 के तहत दी जाने वाली विशेष दर्जे को हटाए जाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटे जाने के करीब एक पखवाड़े बाद शेखावत का ये बयान आया है. शेखावत ने यह भी कहा कि बांध “न केवल पनबिजली उत्पन्न करने के लिए” बनाए गए थे बल्कि “कमजोर मौसम” में उपयोग के लिए बनाए गए थे.

मालूम हो कि पूर्व जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले के बाद इसी तरह की टिप्पणी की थी. तब गडकरी ने कहा था कि सरकार ने सिंधु की तीन पूर्वी नदियों में पानी को रोकने का फैसला किया था. उन्होंने कहा था कि अतिरिक्त पानी को पाकिस्तान में बहने रोककर जम्मू और कश्मीर और पंजाब में हमारे लोगों की पानी की आपूर्ति के लिए प्रवाह को मोड़ दिया जाए.

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