Yes Bank के संस्थापक राणा कपूर से ED के मुंबई कार्यालय में पूछताछ

ED ने कपूर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (Money laundering) का मामला दर्ज किया है और उनके आवास पर छापा मारा गया. इसके अलावा कपूर के खिलाफ एक लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया था.
Yes Bank founder Rana Kapoor, Yes Bank के संस्थापक राणा कपूर से ED के मुंबई कार्यालय में पूछताछ

यस बैंक (Yes Bank) के संस्थापक राणा कपूर को आगे की पूछताछ के लिए शनिवार को मुंबई स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कार्यालय लाया गया है, जहां उनसे पूछताछ जारी है. ED ने शुक्रवार को यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर (Yes Bank founder Rana Kapoor) के मुंबई स्थित आवास पर छापे मारे थे. कपूर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (Money laundering) मामले की जांच चल रही है.

केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने शुक्रवार रात मुंबई के समुद्र महल स्थित आवास पर कपूर से पूछताछ की थी. इसके बाद अब दोपहर करीब 12:30 बजे उन्हें ED कार्यालय ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ चल रही है.

ED के अधिकारियों ने कहा कि कपूर से रात भर पूछताछ की गई.

जांच से जुड़े ED के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) को यस बैंक द्वारा दिए गए ऋणों के बारे में कपूर से पूछताछ की जा रही है.”

अधिकारी ने कहा कि तलाशी के दौरान बहुत से भ्रामक दस्तावेज पाए गए हैं और एजेंसी उसके DHFL के प्रमोटरों और अन्य कंपनियों के साथ संपर्को को लेकर पूछताछ करना चाहती है.

एक कंपनी को ऋण देने में कपूर की कथित भूमिका और उनकी पत्नी के बैंक खाते में कथित तौर पर मिली खामियां भी जांच के दायरे में हैं.

ED ने कपूर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है और उनके आवास पर छापा मारा गया. इसके अलावा कपूर के खिलाफ एक लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया था, ताकि वह देश से बाहर न भाग सके.

ED ने DHFL के खिलाफ अपनी जांच जारी रखने के क्रम में कपूर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया, जिसमें कथित तौर पर पाया गया कि एक लाख फर्जी कर्जदारों का उपयोग करके 80 शेल कंपनियों को 12,500 करोड़ रुपये दिए गए. इन शेल कंपनियों के साथ लेन-देन की तारीख 2015 तक है.

नई दिल्ली में ED के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि DHFL की जांच से पता चला है कि DHFL द्वारा निकाली गई धनराशि यस बैंक से ही प्राप्त हुई थी.

उन्होंने कहा कि शुक्रवार रात कपूर के आवास पर हुई छानबीन का मकसद यस बैंक द्वारा DHFL को ऋण देने में किसी भी तरह की अनियमितता का पता लगाना था.

-IANS

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