कांग्रेस के युवा नेताओं ने उठाए मनमोहन सरकार पर सवाल, बचाव में उतरे शशि थरूर सहित कई बड़े नेता

सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने गुरुवार को पार्टी के सांसदों की एक वर्चुअल मीटिंग बुलाई और देखते ही देखते मीटिंग का मुद्दा बदल गया, क्योंकि पार्टी के एक वरिष्ठ नेता और सांसद ने प्रमुख मुद्दों पर पार्टी के भीतर समन्वय की कमी की बात छेड़ दी.
Young Congress leaders raise questions on Manmohan, कांग्रेस के युवा नेताओं ने उठाए मनमोहन सरकार पर सवाल, बचाव में उतरे शशि थरूर सहित कई बड़े नेता

कांग्रेस (Congress) में इन दिनों अंदरुनी कलह साफ देखने को मिल रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ युवा नेताओं ने पार्टी की गिरती लोकप्रियता का कारण UPA-2 यानी मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) की सरकार को बताया. इसके बाद पार्टी के कई वरिष्ठ नेता पूर्व प्रधानमंत्री के समर्थन में आ गए.

देखिये परवाह देश की सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 10 बजे

दअरसल सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने गुरुवार को पार्टी के सांसदों की एक वर्चुअल मीटिंग बुलाई और देखते ही देखते मीटिंग का मुद्दा बदल गया, क्योंकि पार्टी के एक वरिष्ठ नेता और सांसद ने प्रमुख मुद्दों पर पार्टी के भीतर समन्वय की कमी की बात छेड़ दी. इस दौरान बैठक में मौजूद कांग्रेस के युवा नेताओं ने कथित तौर पर पार्टी की आखिरी सरकार यानी मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली UPA-2 को पार्टी की लोकप्रियता गिरने का कारण बताया.

मनमोहन सरकार में मंत्री रहे ये वरिष्ठ नेता

इसके बाद मनिष तिवार, शशि थरूर, आनंद शर्मा सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने ट्वीट कर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का समर्थन किया. इसमें मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा भी शामिल थे, मालूम हो कि ये सभी मनमोहन सरकार में मंत्री भी रहे हैं.

“तथ्यों की कम जानकारी रखने वाले उठा रहे मनमोहन सिंह पर सवाल” 

इसमें सबसे पहले शुरुआत मनीष तिवारी ने की, उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “बीजेपी 10 साल से सत्ता से बाहर थी, लेकिन एक बार भी उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी या उनकी सरकार को विफलता के लिए दोषी नहीं ठहराया. दुर्भाग्य से कांग्रेस में तथ्यों की कम जानकारी रखने वाले कुछ लोग एनडीए और बीजेपी से लड़ने के बजाए डॉक्टर मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार पर निशाना साध रहे हैं.”

“पार्टी के कुछ लोगों ने उनकी देश सेवा को किया खारिज”

इसके बाद मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा ने मनीष तिवारी के ट्वीट पर लिखा कहा, “सही कहा मनीष. 2014 में जब कार्यालय का उद्घाटन किया गया, तो डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा, “इतिहास मेरे प्रति दयालु होगा.” क्या उन्होंने कभी सोचा होगा कि उनकी ही अपनी पार्टी के कुछ लोग उनकी वर्षों की देश सेवा को खारिज कर देंगे और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाएंगे, वो भी उनके रहते हुए.”

“UPA के 10 साल के कार्यकाल को बदनाम करने की साजिश”

इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मिलंद देवड़ा के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, “मैं मनीष तिवारी और मिलिंदा देवड़ा से सहमत हूं. यूपीए के 10 साल के परिवर्तनकारी कार्यकाल को प्रायोजित तरीके से बदनाम और खराब साबित किया जा रहा है. हार से सीखने के लिए हमारे पास बहुत कुछ है और कांग्रेस को फिर से खड़ा करने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है.”

“हर कांग्रेसी को यूपीए की विरासत पर होना चाहिए गर्व”

वहीं इसके बाद कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने लगातार 11 ट्वीट करते हुए मनमोहन सरकार की उपलब्धि गिनाते हुए लिखा, “डॉ मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी का सराहनीय योगदान इतिहास में दर्ज होगा. दोनों नेताओं ने भारत को समावेशी विकास के एक दशक तक पहुंचाया, जिस पर हम सभी को गर्व है.”

शर्मा ने आगे लिखा कि हर कांग्रेसी को यूपीए की विरासत पर गर्व होना चाहिए. कोई भी पार्टी अपनी विरासत को अस्वीकार या अपमानित नहीं करती है. बताया जा रहा है कि तीन घंटे तक चली इस बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद थे और इस मुद्दे पर वो कुछ नहीं बोले.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे

Related Posts