इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक भारत आने को तैयार, लेकिन सरकार के सामने रखी ये शर्त

जाकिर नाइक ने कहा, 'इसके अलावा, अगर हम इतिहास देखें तो आतंक के आरोपों का सामना करने वाले 90 फीसदी से ज्यादा मुसलमानों को 10 से 15 साल में बरी किया गया.

नई दिल्ली: साल 2016 में भारत से भागा हुआ इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक भारत वापस आने को तैयार है. इसको लेकर जाकिर नाइक ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट अगर यह आश्वासन दे कि दोषी ठहराए जाने तक उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा तो वह वापस आ सकते हैं.

न्याय व्यवस्था पर बयान
एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में नाइक ने कहा कि उसे न्यायिक व्यवस्था में विश्वास है, लेकिन यह आज की तुलना में पहले ज्यादा बेहतर थी. नाइक ने बीजेपी सरकार पर बोलते हुए कहा, ‘बीजेपी सरकार के आने से पहले आप सरकार के खिलाफ बोल सकते थे और आपको न्याय मिलने की संभावना 80 फीसदी तक होती थी. आज के समय में यह संभावना 10 से 20 फीसदी है.’

मैं नहीं करूंगा बेवकूफी
जाकिर नाइक ने कहा, ‘इसके अलावा, अगर हम इतिहास देखें तो आतंक के आरोपों का सामना करने वाले 90 फीसदी से ज्यादा मुसलमानों को 10 से 15 साल में बरी किया गया. लिहाजा मुझे भी औसतन 10 साल के लिए जेल में डाला जा सकता है. इससे मेरा पूरा अभियान बाधित होगा, ऐसे में मैं यह बेवकूफी क्यों करूं.’

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भारत आने के लिए रखी शर्त
नाइक का कहना है कि अगर एनआईए चाहे तो वह उससे मलेशिया में पूछताछ कर सकती है. जब उससे न्याय का आश्वासन मिलने पर भारत लौटने के बारे में पूछा गया तो नाइक ने कहा, ‘अगर भारत का सुप्रीम कोर्ट आश्वासन देता है कि डॉक्टर जाकिर नाइक आएं, उन्हें दोषी ठहराए जाने तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तो ही मैं भारत वापस आऊंगा.’

आतंकी हमले में आया था नाम
गौरतलब है कि इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक का नाम 1 जुलाई 2016 को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक कैफे में हुए आतंकी हमले के बाद उछला था, जिसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उस पर आरोप लगाए थे. आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के उस हमले में 20 लोगों की मौत हो गई थी. मलेशिया सरकार ने जाकिर नाइक को भारत को सौंपने से भी मना कर दिया है.

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