पश्चिम यूपी में अपराध के बाद ‘आतंक का साया’, देश के अंदर ‘जैश’ की ‘ऐश’ कैसे ?

पश्चिमी यूपी हमेशा से ही दहशतगर्दों के लिए सुरक्षित ठिकाना रहा है. अब तक खुफिया एजेंसियां मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बिजनौर, सहारनपुर और गाजियाबाद से कई आतंकी मॉड्यूल को ट्रैक कर चुकीं हैं. पश्चिमी यूपी से कई स्लीपिंग सेल एजेंट भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं.

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जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी छात्रों की भेष में देवबंध से किए गए गिरफ्तार.

नई दल्ली: यूपी एटीएस ने शुक्रवार को जैश-ए-मोहम्मद के 2 आतंकियों को सहारनपुर के देवबंद से गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक ये दोनों संदिग्ध यहां छिपकर आतंकियों की नई भर्ती में जुटे हुए थे. हॉस्टल में छात्र बनकर रह रहे दोनों आंतकियों में से एक शाहनवाज अहमद तेली कश्मीर के कुलगाम का है. जो ग्रेनेड लॉन्च करने में एक्सपर्ट बताया जा रहा है. दूसरा आतंकी आकिब अहमद मलिक पुलवामा का रहने वाला है. पुलिस ने दोनों आतंकियों के पास से 32 बोर की पिस्टल और 30 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. साथ ही इनके पास से पुलिस को भारी मात्रा में जेहादी साहित्य भी मिला है. पश्चिम यूपी से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों की गिरफ्तारी कई बड़े सवाल खड़े कर रही है.

पश्चिमी यूपी बन रहा आतंकियों का सुरक्षित अड्डा !

पश्चिमी यूपी हमेशा से ही दहशतगर्दों के लिए सुरक्षित ठिकाना रहा है. अब तक खुफिया एजेंसियां मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बिजनौर, सहारनपुर और गाजियाबाद से कई आतंकी मॉड्यूल को ट्रैक कर चुकीं हैं. पश्चिमी यूपी से कई स्लीपिंग सेल एजेंट भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. पश्चिम यूपी में आतंक की बढ़ती गतिविधियों पर आरटीआई के जरिए साल 2018 में पूछ गए सवाल पर गृहमंत्रालय ने जो रिपोर्ट दी है, वो बेहद चौकाने वाली है. रिपोर्ट के मुताबिक ‘आतंकियों ने अपने रहने और आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने के लिए पश्चिमी यूपी को अपनी शरणस्थली बनाया है’. गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार ‘बीते दो दशक में यूपी में 9 आतंकी घटनाएं हुई हैं . इसके अलावा इन्हीं दो दशकों में पश्चिमी यूपी से बड़ी संख्या में आतंकियों की गिरफ्तारियां भी हुई हैं’.

पश्चिमी यूपी में किसने खड़ा किया आतंकी मॉड्यूल ?

पश्चिम यूपी में आतंक की पौध लगाने वाला शख्स पिलखुआ निवासी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा है. बम बनाने में एक्सपर्ट टुंडा ने दिल्ली-पंजाब में कई ट्रेन विस्फोट किए. दिल्ली पुलिस ने साल 2013 में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी टुंडा को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया. जिसके बाद साल 1996 में हरियाणा के सोनीपत में हुए 2 बम धमाकों के आरोपी टुंडा को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई . आतंकी अब्दुल करीम टुंडा का जन्म 1943 में पुरानी दिल्ली के दरियागंज इलाके में हुआ था. जिस पर देश भर में 40 से ज्यादा बम धमाके कराने का आरोप है.

आतंकियों के लिए मुफीद है पश्चिम यूपी की आबोहवा !

पश्चिम यूपी में अवैध हथियारों का गोरखधंधा, तस्करी, हत्या, अपहरण और एक्सटॉर्शन जैसे अपराध आम हैं. राजनीतिक संरक्षण के चलते यहां कई आपराधिक नेटवर्क सक्रीय हैं. जिसके चलते पुलिस प्रशासन इन पर कार्रवाई करने से ना केवल परहेज करता है, बल्कि मौन स्वीकृति भी देता है. पुलिस प्रशासन की इसी लापरवाही का नतीजा है कि कुछ आसामाजिक तत्व देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हो रहे हैं. इनका फायदा अब्दुल करीम उर्फ टुंडा जैसे आतंकी और दूसरी तंजीमें उठाती हैं . सहारनपुर से पकड़े गए दोनों संदिग्ध आतंकी इन्हीं आतंकी मॉड्यूल का एक हिस्सा भर हैं. अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा टास्क ये है कि वो जल्द से जल्द इन आतंकियों के मददगारों का पता लगाए और कानूनी शिकंजे में लेकर उन्हें सख्त से सख्त सजा दें.

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