केजरीवाल के शपथ ग्रहण में सरकारी टीचर्स को शामिल होने के लिए कहा गया, विपक्ष आगबबूला

शिक्षा निदेशालय ने शपथ ग्रहण के न्योते में कहा है कि सभी प्रिंसिपल 20 शिक्षकों के साथ वाली सूची निदेशालय के ऑफिस को 15 फरवरी तक भेज दें.

अरविंद केजरीवाल रविवार को लगातार तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही अलग-अलग क्षेत्र की कई हस्तियों को आमंत्रित किया गया है.

वहीं, शिक्षा निदेशालय ने एक सर्कुलर जारी करके दिल्ली सरकार के सभी स्कूलों के शिक्षकों और प्रिंसिपल्स और अधिकारियों को शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित किया है. इस सर्कुलर को लेकर विपक्षी दलों ने केजरीवाल सरकार पर हमला बोला है.

शिक्षा निदेशालय ने शपथ ग्रहण के न्योते में कहा है कि ‘सभी प्रिंसिपल 20 शिक्षकों के साथ वाली सूची निदेशालय के ऑफिस को 15 फरवरी तक भेज दें और उसकी एक कॉपी एंट्री गेट पर अटेंडेंस देख रहे संबंधित अधिकारी को भी भेजें.’

इसके साथ ही सभी से आईडी कार्ड लेकर आने कहा गया है. इसके अलावा 16 फरवरी की सुबह 10 बजे तक शपथ ग्रहण कार्यक्रम में पहुंचने की बात कही गई है.

इस सर्कुलर को लेकर बीजेपी और कांग्रेस ने केजरीवाल सरकार पर हमला बोला है. दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि ‘आम आदमी पार्टी जो मुफ्त योजनाओं की घोषणा से चुनाव जीती है, उनके पास विधायक बहुत हैं, लेकिन पब्लिक सपॉर्ट नहीं है. शपथ ग्रहण में लोगों के भाग न लेने के भय से, इसने 30,000 शिक्षकों को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने को कहा है.’

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने ट्वीट करके कहा कि ‘सरकारी आदेश में सरकारी स्कूल के टीचर्स से केजरीवाल के शपथ ग्रहण में शामिल होने कहा गया है. यह साफ है कि शपथ ग्रहण में भीड़ जुटाने को शक्ति का दुरुपयोग हो रहा है.’

गौरतलब है कि केजरीवाल ने गुरुवार को दिल्ली के नागरिकों को रविवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने कहा कि लोगों को अपने बेटे को आशीर्वाद देने के लिए आना चाहिए. केजरीवाल ने ट्वीट कर अपने शुभचिंतकों का आभार जताया.

केजरीवाल ने ट्वीट में कहा, “दिल्लीवासियों, आपका बेटा तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहा है. अपने बेटे को आशीर्वाद देने जरूर आना है. रविवार, 16 फरवरी सुबह 10 बजे, रामलीला मैदान में.”

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनावों में 70 में से 62 सीटों पर जीत हासिल की है. वहीं, बीजेपी के खाते में 8 सीटें आई हैं जबकि कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाई है.

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