जब पुलवामा में जवान मर रहे थे, पीएम मोदी नौका विहार कर रहे थे : कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आतंकवाद पर राजनीति करने में माहिर हैं. कांग्रेस के प्रवक्ता ने दावा किया कि सुरक्षा प्रबंधन में भारी चूक के कारण पुलवामा आतंकी हमला हुआ.

पुलवामा आतंकी हमले के सात दिनों बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि उनके लिए सत्ता शहादत से ऊपर है. पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आतंकवाद पर राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने 14 फरवरी को आतंकी हमले को सुरक्षा प्रबंधों में चूक का नतीजा बताया. सुरजेवाला के मुताबिक अगर सेक्योरिटी प्रोटोकॉल का पालन किया जाता तो 40 सीआरपीएफ जवानों की जान बच सकती थी.

पुलवामा हमले के ठीक 7 दिन बाद कांग्रेस अपने बिल्कुल नए स्टैंड के साथ सामने आई. अब तक सरकार के हर फैसले में साथ होने की बात कहकर चुप रही कांग्रेस ने सरकार पर तमाम सवाल खड़े कर दिए हैं. कई सवालों में तो व्यक्तिगत रूप से सीधा हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किया गया है. कांग्रेस का आरोप है कि जब जवान मर रहे थे, तो उसी वक्त पीएम नौका विहार कर रहे थे.

गुरुवार 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले को लेकर कांग्रेस आक्रामक हो गई है. कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि उनके लिए सत्ता हासिल करना शहादत से ऊपर है. पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हम 7 दिनों तक शहीदों के सम्मान में मौन रहकर सरकार के साथ रहे, लेकिन इन 7 दिनों में सरकार ने शहादत पर सिर्फ राजनीति की. जमीन पर कुछ भी नहीं किया.

मोदी-शाह आतंकवाद पर राजनीति करते हैं’

अमित शाह की एक रैली की चर्चा करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि रैली में शाह ने कहा कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, क्योंकि दिल्ली में कांग्रेस का नहीं, बल्कि मोदी जी का शासन है. सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि अमित शाह और मोदी को आतंकवाद पर राजनीति करने की पुरानी आदत है. मुंबई हमले के बाद भी नरेंद्र मोदी तब की यूपीए सरकार के साथ खड़े होने की जगह उसकी आलोचना में जुट गए थे. जब मुंबई हमले के दौरान हमारे जवान आतंकवादियों से लड़ रहे थे, तो उस वक्त भी मोदी ने सरकार के खिलाफ तमाम बयान दिए थे और कई सवाल उठाए थे.

कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नरेंद्र मोदी का तब का दिया हुआ बयान भी सुनाया और कहा कि मोदी जी ने 2014 तक लगातार मुंबई हमले के दु:स्वप्न को जिंदा रखा और उस पर राजनीति की. शहादत और शहीदों के अपमान का जो उदाहरण मोदी सरकार ने पेश किया वैसा कहीं नहीं हुआ.

कांग्रेस ने ये भी आरोप लगाया है कि पुलवामा हमले वाले दिन देश सदमे से जूझ रहा था और देश के प्रधानमंत्री नैनीताल के जिम कॉर्बेट पार्क में फिल्म की शूटिंग कर रहे थे और नौका विहार में व्यस्त थे. तब वे एक चैनल के लिए कैमरापर्सन को निर्देश दे रहे थे. मोदी अपने प्रचार और प्रसार के लिए एक फिल्म की शूटिंग में व्यस्त थे.

‘पुलवामा आतंकी हमले के समय मोदी नाश्ते का आनंद ले रहे थे’

बकौल कांग्रेस हमले वाले दिन 3 बजकर 10 मिनट पर जब हमले की खबर आ गई थी, तब भी मोदी जी वहीं व्यस्त थे. शाम पौने 7 बजे मोदी जी का काफिला वहां से निकला. कांग्रेस ने इसके बाद सवाल उठाया कि क्या दुनिया का कोई प्रधानमंत्री ऐसा कर सकता है? शाम के वक्त जब उनका काफिला निकला, तो प्रधानमंत्री अपने लिए जिंदाबाद के नारे लगाने वालों का अभिवादन स्वीकर कर रहे थे.

सुरजेवाला ने कहा कि पूरे देश के चूल्हे बंद थे और प्रधानमंत्री 7 बजकर 7 मिनट पर चाय-नाश्ते का आनंद ले रहे थे. इससे अमानवीय और शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता. कांग्रेस का दावा है कि पत्रकारों ने ही ये सारी जानकारी बाहर लाई है. उनके नौका विहार की तस्वीर वहां के लोकल अखबारों में भी छपी है. प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी ने राजधर्म को तार-तार कर दिया है. मोदी के पर्यटन मंत्री ने तो शहीद के साथ सेल्फी लेने का जघन्य काम तक कर दिया.

सुरजेवाला ने सुरक्षा में हुई चूक पर भी कई गंभीर सवाल उठाए और पूछा कि मोदी सरकार ये बताए कि ये सैंकड़ो किलोग्राम आरडीएक्स आए कहां से? ये सवाल हम इसलिए पूछ रहे हैं क्योंकि मोदी ही ये सवाल हमसे तब पूछते थे, जब हम सत्ता में थे. मोदी सरकार ने पुलवामा हमले से 48 घंटे पहले जैश के धमकी भरे वीडियो को नजरअंदाज कैसे कर दिया? कांग्रेस ने ये भी पूछा कि सरकार सुरक्षा के लिए रास्ते को सैनेटाइज करने को लेकर लिखी गई चिट्ठी को भी क्यों नजरअंदाज किया?