4 साल की बच्ची की जिंदगी और मौत के बीच खड़ा रहा गजराज

घटना तब हुई जब नितु घोष अपनी पत्नी तितली और 4 साल की बेटी अहाना के साथ जंगल में स्थित एक मंदिर से पूजा करके वापस लौट रहे थे.

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में इंसान और जानवर के रिश्ते की एक अज़ब मिसाल देखने को मिली है. मामला है जलपाईगुड़ी के जंगल का जहां 4 साल की
अहाना अपने माता-पिता के साथ मंदिर से दर्शन करके लौट रही थी, तभी रास्ते में इस परिवार को हाथियों का एक झुंड मिल गया. परिवार ने रुककर झुंड के निकलने का
इंतजार किया और जब सभी हाथी निकल गए तो परिवार राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर आगे बढ़ गया लेकिन थोड़ी दूर चलने के बाद ही उन्हें हाथियों का एक और झुंड मिल गया और
इस बार हाथी रुके नहीं बल्कि उनकी तरफ तेजी से बढ़ने लगे और घबराहट में परिवार के सदस्य जमीन पर गिर गए.

प्रत्यक्षदर्शी वन अधिकारियों ने बताया कि उनके जमीन पर गिरने के बाद एक हाथी 4 साल की अहाना के पास आया और उसे अपने पैरों के बीच में रखकर रुक गया और
तब तक वहां खड़ा रहा जब तक झुंड के बाकी हाथी वहां से निकल नहीं गए. इस घटना में अहाना को कोई चोट नहीं आई लेकिन उसके माता-पिता मामूली रुप से जख्मी हो
गए.

स्थानीय लोगों ने बताया कि ये ऐसी पहली घटना नहीं है आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं. हाथी आम तौर पर हाईवे पर जमा हो जाते हैं और उन्हें हटाने के लिए पटाखों का
इस्तेमाल करना पड़ता है.