अभिनंदन को पाक में दिया कुछ ‘ऐसा इंजेक्शन’, जिससे हुई रिहाई में देरी?

पाकिस्तान ने अभिनंदन की रिहाई का समय दो बार टाला और बदला था,  शुरुआत में जानकारी आई थी कि अभिनंदन को शाम 4 बजे भारत को सौंपा जाएगा. इसके बाद घंटे बढ़ते चले गए और आखिरकार पाकिस्तान ने विंग कमांडर अभिनंदन को रात 9 बज कर 20 मिनट पर भारत को सौंपा. इस बीच रिहाई की प्रक्रिया में करीब पांच घंटे की देरी हुई. 

नई दिल्ली: विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान की रिहाई में हुई देरी से जुड़ी नई थ्योरी सामने आई है. पूर्व मेजर जनरल जीडी बक्शी ने बड़ा दावा किया है. मेजर जनरल बख्शी के मुताबिक अभिनंदन से जानकारी जुटाने के लिए पाकिस्तान में उनका नार्को टेस्ट किया गया. इसके लिए सोडियम पेंटोथॉल इंजेक्शन का इस्तेमाल हुआ था. इस इंजेक्शन का असर खत्म होने तक उन्हें पाकिस्तान में रोक कर रखा गया, ताकि भारत में मेडिकल परीक्षण होने के वक्त सोडियम पेंटोथॉल इंजेक्शन के इस्तेमाल का खुलासा नहीं हो सके.

जीडी बख्शी का कहना है कि इस इंजेक्शन के इस्तेमाल से अभिनंदन के मिशन का पता लगाने की नापाक कोशिशें हुईं. जाने-माने रक्षा विशेषज्ञ जीडी बख्शी का कहना है कि पाकिस्तान इस तरह की हरकतें करता रहता है, इस बार भी उसने अभिनंदन से महत्वपूर्ण और संवदेनशील जानकारी जुटाने के लिए इस तरह की हरकत को अंजाम दिया. अभिनंदन को सोडियम पेंटोथॉल इंजेक्शन देकर नार्को के जरिये उनसे भारतीय प्लान और मिशन का सच जानने की कोशिश की गई. जीडी बख्शी आगे कहते हैं कि पाकिस्तान का मकसद पूरा हुआ या नहीं ये साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता, मगर अभिनंदन को भारत को सौंपने में हुई देरी इस बात की तस्दीक करती है कि उन्हें इस इंजेक्शन का असर खत्म होने के चलते पाकिस्तान में तय वक्त से ज्यादा रोक कर रखा गया.


अभिनंदन की रिहाई में 5 घंटे हुई देरी!

ख़बरों के मुताबिक पाकिस्तान ने अभिनंदन की रिहाई का समय दो बार टाला और बदला था,  शुरुआत में जानकारी आई थी कि अभिनंदन को शाम 4 बजे भारत को सौंपा जाएगा. इसके बाद घंटे बढ़ते चले गए और आखिरकार पाकिस्तान ने विंग कमांडर अभिनंदन को रात 9 बज कर 20 मिनट पर भारत को सौंपा. इस बीच रिहाई की प्रक्रिया में करीब पांच घंटे की देरी हुई.

नार्को में होता है सोडियम पेंटोथॉल इंजेक्शन का इस्तेमाल!

नार्को टेस्ट का प्रयोग किसी व्यक्ति से सच उगलवाने के लिए किया जाता है. अधिकतर आपराधिक मामलों में ही नार्को टेस्ट का इस्तेमाल किया जाता है. इस टेस्ट में व्यक्ति को “Truth serum” इंजेक्ट किया जाता है. जिससे व्यक्ति स्वाभाविक तौर पर सच बोलता है.  “Truth serum” में सोडियम पेंटोथॉल, इथेनॉल और स्कोपोल-अमाइन समेत कई “साइकोएक्टिव ड्रग्स” दिए जाते है. जिससे व्यक्ति सम्मोहन की हालत में चला जाता है.

30 से 40 सेकेंड के अंदर होता है असर!
सोडियम पेंटोथॉल के इंजेक्शन का असर 30 से 40 सेकेंड के अंदर ही होने लगता है. अगर नार्को टेस्ट के दौरान अधिक मात्रा दे दी जाए तो वो कोमा में भी जा सकता है या उसकी मौत भी हो सकती है.

सोडियम पेंटोथॉल का 3 से 8 घंटे तक रहता असर
सामान्य तौर पर ड्रग्स का असर 3 से 8 घंटे तक रहता है. परीक्षण में सवालों के जवाब देते हुए पूरी तरह से व्यक्ति होश में नहीं होता है और इसी कारण से वो सवालों के सही उत्तर देता है. हालांकि ये भी संभव है कि नार्को टेस्ट के दौरान भी व्यक्ति सच ना बोले. अगर ड्रग्स का असर कम रहता है तो वो विशेषज्ञों को गुमराह भी कर सकता है.