‘फ्री कश्मीर’ का पोस्टर लहराने वाली लड़की, उमर खालिद समेत 31 के खिलाफ FIR दर्ज

महक ने कहा कि पोस्टर लगाने के पीछे उसका इरादा यह था कि वह जम्मू-कश्मीर में लगाए गई पाबंदियों को ओर ध्यान आकर्षित कर सके.
FIR registered 31 protesters, ‘फ्री कश्मीर’ का पोस्टर लहराने वाली लड़की, उमर खालिद समेत 31 के खिलाफ FIR दर्ज

मुंबई में हुत्तामा चौक से गेटवे ऑफ इंडिया तक मार्च करने के मामले में 31 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इनमें सुवर्णा साल्वे, मिठी बोरवाल, उमर खालिद और अन्य प्रदर्शनकारी शामिल हैं.

मुंबई पुलिस के डीसीपी ने बताया है कि जेएनयू के पूर्व छात्र और कार्यकर्ता उमर खालिद के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज हुई हैं. एक एफआईआर हुतात्मा चौक से गेटवे ऑफ इंडिया तक मार्च करने के मामले से जुड़ी है. दूसरी गेटवे ऑफ इंडिया पर गैरकानूनी तरीके इकट्ठा होने से जुड़ी हुई है.


वहीं, गेटवे ऑफ इंडिया पर ‘फ्री कश्मीर’ का पोस्टर दिखाने वाली महक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. महक ने सोमवार को जेएनयू हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान गेटवे ऑफ इंडिया पर ‘फ्री कश्मीर’ का पोस्टर दिखाया था.

एफआईआर दर्ज होने से पहले महक ने कहा था कि पोस्टर लगाने के पीछे उसका इरादा यह था कि वह जम्मू-कश्मीर में लगाए गई पाबंदियों को ओर ध्यान आकर्षित कर सके.

महक ने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर करके अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा, “मैंने कुछ लोगों को देखा जो एनआरसी, सीएए और जेएनयू छात्रों के मुद्दे पर प्लेकार्ड पेंट कर रहे थे. मैंने वहां पर एक प्लेकार्ड देखा जिस पर ‘फ्री कश्मीर’ लिखा था. इस प्लेकार्ड को देखते हुए सबसे पहले मेरे दिमाग में यही आया कि यह कश्मीरियों के बेसिक संवैधानिक अधिकार है.”


वहीं, मुंबई पुलिस ने मंगलवार को हजारों प्रदर्शनकारियों को मशहूर गेटवे ऑफ इंडिया से हटाकर आजाद मैदान जाने के लिए मजबूर किया, जो रविवार देर रात जेएनयू कैंपस में हुए हमलों की निंदा करने के लिए इकट्ठा हुए थे.

पुलिस उपायुक्त (जोन-प्रथम) संग्राम सिंह निशानदार ने गेटवे ऑफ इंडिया पर एक पुलिस दल का नेतृत्व किया और प्रदर्शनकारियों से जगह खाली कर लगभग दो किलोमीटर दूर आजाद मैदान जाने का अनुरोध किया, जिन्होंने रविवार आधी रात के बाद से इस क्षेत्र पर कब्जा कर रखा था. लेकिन प्रदर्शनकारियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया.

डीसीपी निशानधर ने मीडिया को बताया, “यहां विरोध प्रदर्शन से लोगों, कार्यालय जाने वालों, पर्यटकों को असुविधा हो रही है. इसके अलावा, यहां पानी और शौचालय की कोई सुविधा नहीं है. इसलिए हमने उन्हें आजाद मैदान में भेज दिया है जो इस तरह के प्रदर्शन के लिए बेहतर है.”

ऐसे संकेत हैं कि पुलिस प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अनधिकार प्रवेश करने और पुलिस की अनुमति के बिना कार्यक्रम स्थल पर जाने का मामला दर्ज कर सकती है, जो होटल ताजमहल के अपोजिट एक लैंडमार्क पर्यटक आकर्षण भी है.

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