भारतीय नौसैनिकों को हनीट्रैप में फंसा रही हैं ISI की हसीनाएं, NIA ने किया भंडाफोड़

पाकिस्तानी एजेंट के रूप में काम करने वाली महिलाओं का एक विशेष समूह सक्रिय है. ये महिलाएं नौसैनिकों के संपर्क में आने के लिए फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल करती हैं.
ISI use social media IDs to trap sailors, भारतीय नौसैनिकों को हनीट्रैप में फंसा रही हैं ISI की हसीनाएं, NIA ने किया भंडाफोड़

नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने  पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के हनीट्रैप के जरिए नौसैनिकों को फंसाने का भंडाफोड़ किया है. आईएसआई एजेंट्स के जरिए एक जैसे अकाउंट्स का इस्तेमाल करके भारतीय नौसैनिकों को हनी ट्रैप में फंसा रही है.

जांच में पता चला है कि अभी तक कोई भी संवेदनशील जानकारी लीक नहीं हुई है. नौसैनिकों के पास कोई अहम जानकारी ना होने की वजह से आईएसआई के हाथ कोई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं लग पाई. इस बात की जांच हो रही है कि विशाखापट्टनम में पूर्वी नौसेना कमान या मुंबई में पश्चिमी कमान के नौसैनिक जहाजों या पनडुब्बियों की कोई भी जानकारी आईएसआई को लीक तो नहीं कर दी गई.

जांच के दायरे में आए ज्यादातर जूनियर नौसैनिक

जांच अधिकारियों ने बताया कि जो लोग जांच के दायरे में हैं उन्होंने साल 2015 के बाद ही नेवी ज्वाइन की है. अधिकारियों ने बताया कि सभी संदिग्ध मामलों की जांच की जा रही है. आंध्र प्रदेश पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के संयुक्त अभियान में 20 दिसंबर को जासूसी रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद से 10 नौसैनिकों को गिरफ्तार किया गया है.

एनआईए को शक है कि जूनियर रैंक के कुछ और नौसैनिक हैनीट्रैप में फंसे हो सकते हैं. अधिकारी ने बताया कि ऐसा लगता है कि पाकिस्तानी एजेंट के रूप में काम करने वाली महिलाओं का एक विशेष समूह सक्रिय है. ये महिलाएं नौसैनिकों के संपर्क में आने के लिए फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल करती हैं.

हवाला के जरिए दी जाती थी रकम

एनआईए ये पता करेगी कि कौन-कौन से अकाउंट भारतीय नौसेनिकों को हनी ट्रैप में फंसाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि नौसिकों को हवाला के जरिए पांच हजार से 10 हजार रुपए तक की छोटी रकम दी जाती थी. उन्होंने बताया कि हम सबके अकाउंट्स और निजी निवेश की जांच कर रहे हैं.

पाकिस्तानी एजेंट्स के जरिए भारतीय नौसैनिक अधिष्ठान में सेंध लगाने की कोशिश करने वाले हैंडलर की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. शक है कि भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा, पूर्वी और पश्चिमी नेवी कमांड की वजह से पाकिस्तानी एजेंट्स की जानकारी में आई है.

जासूसी रिंग का भंडाफोड़ होने के बाद नौसेना ने अपने सभी कर्मियों को ऑन-बोर्ड युद्धपोतों, डॉकयार्ड और नौसैनिक ठिकानों पर खुद को सोशल मीडिया और स्मार्टफोन से दूर रखने के लिए कहा है.

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