फरार आतंकी जलीस अंसारी गिरफ्तार, नेपाल भागने की फिराक में था 1993 धमाकों का आरोपी

डीजीपी ओ पी सिंह ने बताया कि 'गिरफ्तारी के समय अंसारी एक मस्जिद से निकल कर रेलवे स्टेशन जा रहा था. ऐसी आशंका थी कि वह बॉर्डर से भागकर नेपाल जा सकता था.'

फरार आंतकी जलीस अंसारी को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है. अंसारी की गिरफ्तारी कानपुर से हुई है. वह मुंबई से फरार हुआ था. अंसारी 1993 मुंबई ब्लास्ट में आरोपी है. साथ ही 50 से अधिक बम धमाकों में उसका नाम आ चुका है.

अंसारी पेरोल के दौरान फरार हो गया था. 26 दिसंबर को 3 सप्ताह के लिए उसे पेरोल पर छोड़ा गया था.

डीजीपी ओ पी सिंह बताया, “आई जी एसटीएफ के पास सूचना आई कि अंसारी को कानपुर से गिरफ्तार कर लखनऊ लाया गया है. एसटीएफ ने अंसारी से बातचीत करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया.”


डीजीपी ओ पी सिंह ने बताया कि ‘गिरफ्तारी के समय अंसारी एक मस्जिद से निकल कर रेलवे स्टेशन जा रहा था. ऐसी आशंका थी कि वह बॉर्डर से भागकर नेपाल जा सकता था. नेपाल के रास्तों को चेक किया जा रहा था.’

डीजीपी ओ पी सिंह ने बताया कि ‘अंसारी को 17 जनवरी को वापस जेल जाना था. अंसारी यूपी के संतकबीरनगर का रहने वाला है. वह यूपी से ही देश छोड़कर भागने की फिराक में था. अंसारी पेशे से डॉक्टर था. वह बम बनाने का मास्टर है.’

जलीस अंसारी एक एमबीबीएस डिग्रीधारी डॉक्टर है लेकिन उसने जिंदगियां बचाने की बजाय जिंदगी छीनने वाला पेशा चुना, उसने बम बनाने में महारत हासिल कर ली. देश भर में उसने 50 से ज्यादा बम धमाकों को अंजाम दिया, यानी हर धमाके से किसी न किसी रूप में जुड़ा रहा. इसी वजह से उसे डॉ बॉम्ब कहा जाने लगा.

डॉ. बॉम्ब सिमी और इंडियन मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहा था. इन्हीं संगठनों की मदद से पाकिस्तान में उसे बम बनाने की ट्रेनिंग मिली. उसे पहली बार 1994 में सीबीआई ने गिरफ्तार किया, उसके ऊपर राजधानी एक्सप्रेस में बम रखने का आरोप था.

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