जम्मू-कश्मीर: युवक की पुलिस हिरासत में कथित मौत के बाद सोपोर में विरोध प्रदर्शन, गरमाई सियासत

उत्तरी कश्मीर (jammu kashmir) के सोपोर (Sopore) शहर में मंगलवार को पुलिस हिरासत में कथित रूप से एक 23 वर्षीय युवक की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए.

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उत्तरी कश्मीर (jammu kashmir) के सोपोर (Sopore) शहर में मंगलवार को पुलिस हिरासत में कथित रूप से एक 23 वर्षीय युवक की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए.जबकि पुलिस का कहना है कि युवक हिरासत से भाग गया था और बाद में उसका शव मिला. वहीं युवक के परिवार का दावा है कि यह पुलिस हिरासत में की गई हत्या है. प्रदेश के राजनीतिक दलों ने पुलिस पर युवक की मौत की कहानी गढ़ने का आरोप लगाया.

एक बयान में पुलिस ने दावा किया है कि सोपोर में सिद्दीक कॉलोनी निवासी इरफान अहमद डार ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) और एक आतंकवादी था जिसे मंगलवार दोपहर को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने कहा कि उसके कब्जे से दो हथगोले बरामद किए गए.

पुलिस का दावा, इरफान आतंकियों के करता था काम

पुलिस का कहना है कि वह एक ओवर ग्राउंड वर्कर वह है जो आतंकवादियों को नकदी, रसद, आश्रय और अन्य बुनियादी सुविधाओं के साथ मदद करता है. पुलिस ने अपने बयान में कहा कि पूछताछ के दौरान इरफान ने एक आतंकी ठिकाने और हथियारों के एक जखीरे की जानकारी दी. यह आतंकी ठिकाना चारदाजी तुज्जर (सोपोर) में था.

मंगलवार देर शाम पुलिस की एक टीम इरफान को लेकर आंतकी ठिकाने पर गई और मौका पाते ही वह भागने में कामयाब हुआ. पुलिस ने बताया कि देर रात को उसका शव एक पत्थर की खदान के पास मिला.

पुलिस के दावे को परिजनों ने बताया झूठी कहानी

वहीं इरफान अहमद के परिजनों ने पुलिस के दावे को झुठलाते हुए विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने इरफान के परिजनों को मामले की निष्पक्ष जांच करने का आश्ववासन दिया. इरफान के बड़े भाई जावेद अहमद डार को भी पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में लिया और शाम को पूछताछ के बाद छोड़ दिया. जावेद ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके भाई की हत्या की है, उनका कहना है कि पुलिस को उनके भाई से कुछ भी बरामद नहीं हुआ है. उनका भाई सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक उनके साथ था. जावेद का कहना है कि पूरे मामले में पुलिस कहानी बनाकर झूठ बोल रही है.

राजनीतिक दलों ने की कार्रवाई की मांग, सियासत शुरू

वहीं दूसरी ओर इरफान अहमद डार की संदिग्ध मौत की घटना ने कश्मीर में सियासी रंग ले लिया. पूर्व मुख्यमंत्री व नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा ‘जुलाई में शोपियां में फर्जी मुठभेड़ में राजाौरी के तीन निर्दोष श्रमिकों को आतंकी बनाकर कत्ल कर दिया गया और अब सोपोर में एक युवक मारा गया है. ऐसी घटनाओं के रहते प्रशासन कभी भी जम्मू कश्मीर विशेषकर कश्मीर के लोगों का विश्वास नहीं जीत सकता. दोषियों को कठोर दंड देना होगा। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा इन दोनों मामलों में हस्ताक्षेप करें.’

वहीं पीडीपी अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की ओर से उनके ट्विटर हैंडल से उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा ‘सोपोर में इरफान नामक एक दुकानदार को आतंकियों का ओवरग्राउंड वर्कर बताकर कथित तौर पर मार दिया गया है.यह घटना हमें बताती है कि कैसे जम्मू कश्मीर में सच का गला दबाया जाता है.’

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