महबूबा मुफ्ती पर लगा PSA, अलगाववादियों से मिलीभगत का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती सहित पार्टी के कई नेता के खिलाफ दर्ज FIR में आर्टिकल 370 और 35A हटाए जाने के खिलाफ कई भड़काऊ ट्वीट और बयानों का हवाला दिया गया है.
PSA on Mehbooba Mufti, महबूबा मुफ्ती पर लगा PSA, अलगाववादियों से मिलीभगत का आरोप

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. राज्य से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से नजरबंद महबूबा मुफ्ती के खिलाफ पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. प्रशासन द्वारा दर्ज FIR में हवाला दिया गया कि महबूबा मुफ्ती अलवागवादियों के साथ मिलकर काम करती रही हैं.

6 पेज के डोजियर में मुफ्ती के कई ट्वीट और बयानों का जिक्र किया गया है. जिसमें आर्टिकल 370 और 35A हटाए जाने से पहले मुफ्ती का बयान भी शामिल है. जिसमें कहा गया था, केंद्र सरकार को बताना चाहते हैं कि आर्टिकल 35A के साथ छेड़छाड़ बारूद को हाथ लगाने जैसा होगा. 35A को जो कोई भी हाथ लगाएगा, न सिर्फ उसका हाथ बल्कि पूरा शरीर जल कर राख हो जाएगा.

इसके अलावा आर्टिकल 370 हटाने पर लिंचिंग और ‘हाइवे बंद’ करने की चेतावनी दी थी. साथ ही उमर अब्दुला, मुफ्ती की कई रैलियां में दिए गए भड़काऊ भाषण का भी जिक्र है.

पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत जम्मू-कश्मीर में किसी व्यक्ति को बिना जांच के 2 साल हिरासत में रखने का प्रावधान है. आर्टिकल 370 हटने के बाद 6 प्रमुख नेताओं के खिलाफ PSA लगाया गया है जिनमें तीन पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हैं.

अगस्त में आर्टिकल 370 हटने के तुरंत बाद फारूक अब्दुल्ला पर PSA लगा दिया गया, जबकि उमर अब्दुला और महबूबा मुफ्ती के 6 महीने नजरबंद रहने के बाद PSA लगाया गया है.

बात दें कि पीडीपी नेता नईम अख्तर, नेशनल कॉन्फ्रेंस के महासचिव अली मोहम्मद सागर और वरिष्ठ पीडीपी नेता सरताज मदनी, महबूबा मुफ्ती के चाचा पर भी PSA लगाया गया है.

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