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दिग्विजय सिंह के भाई की कांग्रेस को नसीहत, ड्रग माफिया पर चुप्पी पार्टी को बदनाम करेगी

लक्ष्मण सिंह अपनी बेवाक बयानबाजी के लिए हमेशा चर्चाओं में रहते हैं. जब राज्य में कमल नाथ (Kamalnath) सरकार थी, तब भी उन्होंने अपने बयानों से सरकार की मुसीबतें बढ़ाने का काम किया था.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 8:02 pm, Thu, 17 September 20

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के भाई और कांग्रेस के विधायक लक्ष्मण सिंह ने कांग्रेस (Congress) की ड्रग माफिया के मुददे पर चुप्पी साधने पर सवाल उठाए और पार्टी को ही नसीहत दे डाली है.

विधायक लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट कर कहा है, “कांग्रेस पार्टी को ड्रग माफिया के खिलाफ खुल कर बोलना चाहिए. इस मुद्दे को घोषणा पत्र में भी हमने बहुत विचार-विमर्श के बाद शामिल किया था. हमारी चुप्पी हमें बदनाम करेगी.”

बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं ‘लक्ष्मण’

लक्ष्मण सिंह अपनी बेवाक बयानबाजी के लिए हमेशा चर्चाओं में रहते हैं. जब राज्य में कमल नाथ सरकार थी, तब भी उन्होंने अपने बयानों से सरकार की मुसीबतें बढ़ाने का काम किया था. अब उन्होंने ड्रग माफिया के मसले पर कांग्रेस को खुलकर बात करने की सलाह दी है. कांग्रेस ने विधानसभा के चुनाव के घोषणा पत्र में ड्रग्स के मामले को शामिल किया था.

उपचुनाव में 15 माह बनाम 15 महीने

मध्यप्रदेश में विधानसभा के उपचुनाव से पहले सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी दल कांग्रेस के तेवर आक्रामक हो चले हैं. दोनों ही दल विकास को लेकर एक दूसरे पर तीखे हमले बोलने लगे हैं. राज्य में होने वाले उप-चुनाव 15 साल बनाम 15 माह पर आकर सिमटने लगे हैं.

BJP ने कांग्रेस के 15 माह के शासनकाल को राज्य को गर्त में धकेलने वाला करार दिया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हों या पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, कांग्रेस के शासनकाल को भ्रष्टाचार और तबादला उद्योग का काल बता रहे हैं. साथ ही आरोप लगा रहे हैं कि राज्य में तमाम विकास कार्यों को रोक दिया गया था.

BJP ने की मेडिकल कॉलेज की घोषणा

मुख्यमंत्री चौहान ने तो छतरपुर में कमल नाथ (Kamalnath) की सरकार पर विकास कायरे की अनदेखी का आरेाप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार ने वर्ष 2018 में छतरपुर में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति देते हुए इसे खोलने की प्रक्रिया शुरु की थी, मगर कमल नाथ और दिग्विजय सिंह ने सांठगांठ कर निरस्त कर दिया था. छतरपुर के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा, अब जल्दी ही मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य शुरु होगा.