‘मेड इन अमेठी’ राइफल से पीएम मोदी का राहुल गांधी पर निशाना

हाल ही में केंद्र सरकार ने करीब 72 हजार असॉल्ट राइफलों की खरीद के लिए एक अमेरिकी कंपनी से भी एक करार किया है. जिसके तहत करीब 700 करोड़ रुपये में ये राइफलें खरीदी जाएंगी.

पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के गढ़ अमेठी में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का उद्घाटन किया. इस दौरान देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे.अमेठी में इस ऑर्डिनेंस फैक्‍ट्री की मदद से बीजेपी नेतृत्‍व सीधे तौर पर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी को निशाने पर लेना चाहता है. अमेठी से राहुल गांधी सांसद हैं और बीजेपी यहां संदेश देना चाहती है कि विकास के नाम पर कांग्रेस ने यहां कुछ नहीं किया, जबकि बीजेपी ने कम समय में उन्‍हें बड़ा तोहफा दिया है. ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का प्रोजेक्ट अमेठी के कोरवा में हैं, जहां अत्याधुनिक AK-203 राइफल तैयार की जाएंगी. ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे एक ऐतिहासिक अवसर बताया और कहा, इस राइफल्स से सैनिकों को मदद मिलेगी.

अमेठी में लगने वाली इस फैक्ट्री में हुई देरी का जिक्र करते हुए नरेंद्र मोदी ने इसे सुरक्षाबलों के साथ अन्याय करार दिया, तो वहीं, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से अत्याधुनिक AK-203 राइफल का अमेठी में निर्माण होगा. अपने भाषण में रक्षा मंत्री ने ये भी कहा कि, इस फैक्ट्री से अमेठी का विकास होगा और यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा.

AK-203 राइफल के बारे में जानिए
रूस की कंपनी करीब साढ़े सात लाख AK-203 राइफल का निर्माण भारत के साथ मिलकर अमेठी में करेगी. AK-203 राइफल भारतीय सेना की पुरानी इंसास राइफल की जगह लेगी.  AK-203 राइफल AK सीरीज की ही नई राइफल है. ये 2018 का नया मॉडल है, जो ज्यादा ठिकाऊ और भरोसेमंद है. इतना ही नहीं, इस राइफल की एक्यूरेसी भी ज्यादा है और इसका होल्ड भी बेहतर है. पहले चरण में AK-203 राइफलें सेना, वायुसेना और नौसेना को दी जाएंगी. उसके बाद अर्धसैनिक और राज्य पुलिस बलों को भी इनसे लैस किया जाएगा. माना जा रहा है कि, अगले 15 से 20 सालों में हमारे सुरक्षाबल इन राइफलों से लैस हो जाएंगे. दरअसल, भारत ने लगभग 10 साल पहले अपने सैनिकों के लिए नई राइफल्स की तलाश शुरू की थी. लेकिन तब डील नहीं हो पाई थी.
अमेरिकी कंपनी से भी हुआ करार
आपको बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने करीब 72 हजार असॉल्ट राइफलों की खरीद के लिए एक अमेरिकी कंपनी से भी एक करार किया है. जिसके तहत करीब 700 करोड़ रुपये में ये राइफलें खरीदी जाएंगी.