जब बजट भाषण पढ़ते समय बिगड़ी सीतारमण की तबीयत और गडकरी ने दी टॉफी

निर्मला सीतारमण ने पूर्व के वित्त मंत्रियों द्वारा भाषण दिए जाने के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. उन्होंने जुलाई 2019 में अपने पहले बजट भाषण में दो घंटे और 17 मिनट तक बात की थी.
Nitin Gadkari Toffee, जब बजट भाषण पढ़ते समय बिगड़ी सीतारमण की तबीयत और गडकरी ने दी टॉफी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को शनिवार को अपने बजट भाषण में कटौती करनी पड़ी, क्योंकि लोकसभा में उनके 160 मिनट के रिकॉर्ड संबोधन के दौरान वह अस्वस्थ हो गईं. उन्हें बजट भाषण के दो पेज और पढ़ने थे, लेकिन इस दौरान वह अस्वस्थ महसूस करने लगीं और उन्होंने अपने माथे से पसीना पोछा.

इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें टॉफी दी ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके. बाद में टीएमसी के सौगत रॉय और काकोली घोष भी वित्त मंत्री को टॉफी जैसी किसी चीज की पेशकश करते नजर आए.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने उनके शेष हिस्से को पढ़ा समझे जाने के लिए कहा. हालांकि, उन्होंने पूर्व के वित्त मंत्रियों द्वारा भाषण दिए जाने के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. उन्होंने जुलाई 2019 में अपने पहले बजट भाषण में दो घंटे और 17 मिनट तक बात की थी.

बता दें कि निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार का ऋण 52.2 फीसदी से घटकर 2019 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 48.7 फीसदी रह गया है.

संसद में शनिवार को आम बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा कि 2014-19 के बीच 7.4 फीसदी की जीडीपी वृद्धि दर्ज की गई है और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 2009-14 में 119 अरब डॉलर से बढ़कर 284 अरब डॉलर हो गया है.

उन्होंने कहा, “10 लाख लोग गरीबी से बाहर हैं और हमें इस पर गर्व करना चाहिए. हम 1950 के दशक में चार फीसदी वृद्धि से बढ़कर 2014-19 की अवधि तक 7.4 फीसदी तक पहुंच गए हैं. प्रधानमंत्री मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के आदर्श वाक्य ने गरीबों और वंचितों के लिए नए कार्यक्रम लागू किए हैं.”

उन्होंने कहा, “हमने 2014-19 में 7.4 फीसदी की जीडीपी वृद्धि दर्ज की है और 2014-19 में एफडीआई 119 अरब डॉलर से बढ़कर 284 अरब डॉलर हो गई है.”

इससे पहले उन्होंने कहा, “मई 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से सरकार बनाने के लिए बड़े पैमाने पर जनादेश मिला. हम विनम्रता और समर्पण के साथ सेवा करते हैं.”

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