निजामुद्दीन मरकज: मौलाना साद समेत 7 पर FIR, कई राज्यों में मिले Coronavirus संदिग्ध जमाती

निजामुद्दीन थाने के SHO मुकेश वालिया की कंप्लेंट पर FIR दर्ज की गई है. FIR में मौलाना साद समेत सात लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं. इनमें मौलाना साद, डॉक्टर जीशान, मुफ़्ती शहजाद, मोहम्मद अशरफ, मुर्सलीन सैफ़ी, यूनिस और मोहम्मद सलमान को नामजद किया गया है.

दिल्ली स्थित हजरत निजामुद्दीन दरगाह के पास तबलीगी जमात के मरकज में जनता कर्फ्यू और लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाने के बाद देश-विदेश में कोरोनावायरस का खतरा बढ़ गया है. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है. इसके साथ ही मरकज के प्रमुख बताए जा रहे मौलाना साद की तलाश तेज कर दी है.

निजामुद्दीन थाने के SHO मुकेश वालिया की कंप्लेंट पर FIR दर्ज की गई है. FIR में मौलाना साद समेत सात लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं. इनमें मौलाना साद, डॉक्टर जीशान, मुफ़्ती शहजाद, मोहम्मद अशरफ, मुर्सलीन सैफ़ी, यूनिस और मोहम्मद सलमान को नामजद किया गया है.

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कौन है मौलाना साद

तबलीगी जमात का मौलाना साद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शामली के कांधला स्थित शेखजादगान मोहल्ले का रहने वाला है. साद का यहां आलीशान मकान है. स्थानीय निवासी फरमान ने बताया कि साद अक्सर जमात के कामों के चलते बाहर रहता है. हालांकि लगभग हर महीने उसका कांधला आना होता है. शामली में कई दशकों से तबलीगी जमात का प्रचार हो रहा है. फिलहाल साद के परिवार का यहां पर कोई नहीं है और घर पर ताला लटका हुआ है.

कहां फरार है मौलाना साद

दिल्ली पुलिस सूत्रों की माने तो मौलाना साद के दिल्ली में दो घर हैं. एक निजामुद्दीन में है और दूसरी जाकिर नगर में. पुलिस सूत्रों के अनुसार शायद उसने खुद को आईसोलेशन में रखा हुआ है. उससे संबंधित जानकारी जुटायी जा रही है.

मरकज का मौलाना साद 28 मार्च से लापता है. उससे जुड़े लोगों के मुताबिक 28 मार्च को ये मरकज से निकला. वहां ओखला या जाकिर नगर गया. इसके बाद वहां से वह लापता है. इसकी तलाश में दिल्ली पुलिस की टीम जुटी है. इस पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा. दिल्ली पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उसका लास्ट लोकेशन जाकिर नगर ओखला है. पुलिस के सामने सबसे बड़ी दिक्कत है कि मौलाना साद पर्सनल मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता.

सैनेटाइज करवाया जा रहा है मरकज का इलाका

दूसरी ओर निजामुद्दीन स्थित मरकज को पूरी तरह से खाली करवाया जा चुका है. मेडिकल टीम और दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने मरकज को सेनीटाइज करने का फैसला किया. उनकी टीम इस काम में जुट गई हैं. डिप्टी कमिश्नर सेंट्रल जोन जी सुधाकर की अगुवाई में टीम मरकज और आस-पास के इलाके को सेनेटाइज कर रही है. वहीं ड्रोन से पूरे निजामुद्दीन पर एहतीयातन नजर रखी जा रही है.

केंद्रीय मंत्री ने तबलीगी जमात की हरकत को बताया तालीबानी

केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तबलीगी जमात को तालीबानी अपराध करार देते हुए कहा कि यह गुनाह माफी के लायक नहीं है. उन्होंने कहा कि हजारों लोगों की जान दांव पर लगाने वाले ऐसे अपराधी लोग और संगठनों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

सिसोदिया ने कोरोना वॉरियर्स को सराहा

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर मरकज को खाली करवाने की मुहिम से जुड़े कोरोना वॉरियर्स की सराहना की. उन्होंने ट्वीट किया कि निजामुद्दीन के आलमी मरकज में 36 घंटे का सघन अभियान चलाकर सुबह चार बजे पूरी बिल्डिंग को खाली करा लिया गया है. इस इमारत में कुल 2361 लोग निकले. इसमें से 617 को अस्पताल में और बाकी को क्वारैंटाइन में भर्ती कराया गया है.
करीब 36 घंटे के इस ओपरेशन में मेडिकल स्टाफ, प्रशासन, पुलिस, डीटीसी स्टाफ सबने मिलकर, अपनी जान जोखिम में डालकर काम किया. इन सबको दिल से सलाम.

जेएनयू में वामपंथी छात्र संगठन ने जारी किया विवादित पोस्टर

इस बीच दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में माकपा की स्टूडेंट यूनिट एसएफआई ने तबलीगी जमात को सपोर्ट करते हुए इसमें मजहबी रुख देने की कोशिश की है. इसको लेकर यूनिवर्सिटी के व्हाट्सएप ग्रुप में एक विवादित पोस्टर भी जारी किया गया है.

लखनऊ में 24 और बांदा में मिले 18 जमाती

दूसरी ओर तबलीगी जमात से जुड़े लोगों की राज्यों में तलाश जारी है. इस दौरान लखनऊ में कैसरबाग, मड़ियांव, काकोरी समेत पांच जगहों पर तलाशी के दौरान अबतक 24 विदेशी लोग मिले हैं. वहीं बांदा मस्जिद में 18 लोग जमात लगाने 22 मार्च को पहुंचे थे. जिला प्रशासन और पुलिस ने उन सभी को खुटाला में एक मौलवी के घर से पकड़ कर मेडिकल कॉलेज में चेकअप कराया और मस्जिद में ही 14 दिन के लिए क्वारैंटाइन रखा है. इन सभी के सैंपल लखनऊ भेजे गए हैं.

बांदा के जामिया अरेबिया विश्वविद्यालय हथौरा मदरसे में आज भी केरल, कर्नाटक और जम्मू के करीब 200 लोग रुके हुए हैं. इनसे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा. क्योंकि सभी सामूहिक तौर पर नमाज भी अदा कर रहे हैं. हथौरा मदरसे में कुल 531 बच्चे है. विदेश के नाम पर 15 नेपाल के हैं. बाकी देश के अन्य राज्यों जैसे केरल, मणिपुर, अंडमान, जम्मू कश्मीर, इम्फाल, बिहार, उड़ीसा के रहने वाले हैं.

कर्नाटक में इंडोनेशिया-मलेशिया के 12 लोग क्वारैंटाइन

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री बी श्रीरामुलु ने बताया कि दिल्ली में मरकज में इंडोनेशिया और मलेशिया के 62 नागरिक कर्नाटक भी आए थे. उनमें से 12 की शिनाख्त कर क्वारैंटाइन किया जा चुका है. राज्य का गृह विभाग बाकी लोगों की तलाशी की कार्रवाई कर रही है.

बिहार-एमपी-हरियाणा-पंजाब में ये हाल

वहीं बिहार के ज्यादातर मस्जिदों में ताला लगा है. बिहार के रहने वाले 86 लोग मरकज में शामिल हुए थे. इनमे में 37 को ढूंढ लिया गया है और बाकी को ढूंढा जा रहा है.

हरियाणा के लगभग 125 लोग दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात की एक धार्मिक सभा में शामिल हुए थे. उन सभी को अब क्वारैंटाइन में रखा गया है. अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पंजाब सरकार ने उन नौ लोगों की पहचान की है जो इस बैठक में शामिल हुए थे. ये सभी अभी दिल्ली में हैं.

तबलीगी जमात में भाग लेने वाले मध्य प्रदेश के 107 लोगों में से 82 की पहचान कर ली गई. वे यहां पांच मस्जिदों से तलाश कर निकाला गया है. उन्हें आईसोलेशन में रखा जा रहा है. वहीं बाकी लोगों की तलाश जारी है.

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