भारत की सेना LAC पर करती रहेगी पेट्रोलिंग, उन्हें रोकने की किसी में हिम्मत नहीं: राजनाथ सिंह

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा कि ''चीन की कथनी और करनी में बहुत फर्क है. जब भारत-चीन राजनयिक और सैन्य स्तर पर बातचीत कर रहे थे तब 29-30 अगस्त की रात को चीन की सेना ने भारतीय सैनिकों को उकसाने का काम किया.''

भारत चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने राज्यसभा में बड़ा बयान दिया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दुनिया में ऐसी कोई ताकत नहीं है जो भारत को LAC पर पेट्रोलिंग करने से रोक सके. विपक्ष की ओर से पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने जवाब देते हुए ये कहा.

पूर्व रक्षामंत्री और राज्यसभा सांसद एक एंटनी की ओर से कहा गया था कि चीन भारतीय सेना को LAC पर पेट्रोलिंग करने से रोक रहा है. चीन लगातार भारतीय सेना द्वारा परंपरागत तरीके से की जा रही पेट्रोलिंग में बाधा डाल रहा है.

एंटनी के सवाल पर जवाब देते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ”चीन के साथ हमारा विवाद पेट्रोलिंग को लेकर ही है. लड़ाई भी इसी लिए होती है. फेस ऑफ भी इसी वजह से होता है. जहां तक पेट्रोलिंग पैटर्न की बात है तो वह पारंपरिक है. भारत की सेनाओं को पेट्रोलिंग से दुनिया की कोई भी ताकत नहीं रोक सकती है. हमारे सैनिकों ने इसीलिए अपना बलिदान दिया है. इस पैटर्न में कोई भी बदलाव नहीं होगा.”

देश किसी के आगे नहीं झुकेगा

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि ”मैं इससे ज्यादा और कुछ भी नहीं बता सकता. मुझे आशा है कि सदन इस मुद्दे की गंभीरता को समझेगा.” राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से आग्रह किया कि वो इस मुद्दे चुनिंदा नेताओं के साथ विस्तार से बैठक को संबोधित करें और सवालों के जवाब दें.

राज्यसभा में रक्षामंत्री की ओर से दिया गया बयान लोकसभा में दिए गए बयान की ही तरह था. उन्होंने कहा कि इस साल दोनों तरफ से सेना की संख्या और संघर्ष प्वाइंट्स ज्यादा हैं, जिसके कारण हालात में काफी अंतर हैं. विवाद को हम बातचीत से सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं. युद्ध शुरू करना हमारे हाथ में होता है, लेकिन उसे खत्म करना हमारे बस में नहीं होता. मैं देश के 130 करोड़ लोगों को यह बताना चाहूंगा कि देश का गौरव झुकने नहीं दिया जाएगा, न ही हम किसी के आगे घुटने टेकेंगे और न ही कुछ ऐसा करेंगे कि कोई हमारे आगे घुटने टेकने को मजबूर हो जाए.

चीन की कथनी और करनी में फर्क

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ”चीन की कथनी और करनी में बहुत फर्क है. जब भारत-चीन राजनयिक और सैन्य स्तर पर बातचीत कर रहे थे तब 29-30 अगस्त की रात को चीन की सेना ने भारतीय सैनिकों को उकसाने का काम किया.” पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी ने कहा कि सरकार कहती है कि वह ”संप्रभुता सुरक्षित रखने के लिए हर कदम उठाएगी. सरकार यह बताए कि वह संप्रभुता से क्या समझती है? गलवान घाटी कभी भी विवादित क्षेत्र नहीं था. सरकार जल्द से जल्द पूरी सीमा पर पेट्रोलिंग सुनिश्चित करे.”

कांग्रेस नेता गुलामनबी आजाद ने कहा कि ”हम सरकार के साथ हैं. मैं अपनी पार्टी की ओर से कहना चाहूंगा कि हम सरकार के साथ खड़े हैं. लेकिन अप्रैल से पहले हमारी जो जमीन थी हमें वह वापस चाहिए.”

वीर जवानों की होनी चाहिए प्रशंसा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं सदन से यह अनुरोध करता हूं कि महारे वीर जवानों की वीरता और बहादुरी की प्रशंसा करनी चाहिए. हमारे बहादुर जवान अत्यंत मुश्किल परिस्थितियों में देश को सुरक्षित रख रहे हैं. मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि हमारे सेना के जवानों का हौसला बुलंद है. हमारे जवान किसी भी संकट का सामना करने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ हैं.

Related Posts