‘1971 में मैंने जिस फर्स्‍ट प्रिजनर ऑफ वॉर की जान बचाई, वो बाद में पाक एयरफोर्स का चीफ बना’

विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान में युद्धबंदी बना लिए गए. इसके बाद युद्धबंदियों से जुड़े कई किस्से मीडिया में हैं. ऐसी ही एक दिलचस्प कहानी लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग के पास है. आप भी जानिए-

नई दिल्ली: आज भारत के विंग कमांडर अभिनंदन की पाकिस्तान से वापसी होनी है, 48 साल पहले 1971 की लड़ाई के दौरान भारत ने पाकिस्तान के पायलट परवेज कुरैशी मेहंदी को पकड़ा था, पाकिस्तानी पायलट को लेफ्टिनेंट जनरल एच एस पनाग ने कस्टडी में लिया था, दिलचस्प बात ये है कि पाकिस्तान के जिस पायलट परवेज कुरैशी मेहंदी को हिंदुस्तान में पकड़ा गया था वो बाद में पाकिस्तान की एयरफोर्स के प्रमुख बने थे.

लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग 1971 की उस कहानी को याद करते हैं, जब उन्होंने एक पाकिस्तानी पायलट को युद्धबंदी तो बनाया था, लेकिन उसकी जान भी बचाई थी. ये पहला मौका था जब भारत ने दुश्मन देश के किसी सैनिक को युद्धबंदी बनाया. तब पनाग पूर्वी पाकिस्तान में मोर्चे पर थे.

एचएस पनाग बताते हैं कि “वो 22 नवंबर 1971 की तारीख थी. दुश्मनों के 4 फाइटर एयरक्राफ्ट अचानक मेरी जीप के ऊपर मंडराने लगे. ऐसा लगा कि पीएएफ ने अपनी पूरी ताकत मोर्चे को फतह करने में लगा दी हो. चंद सेकेंड्स बाद उनके तीन और एयरक्राफ्ट इस मिशन में शामिल में हो गए. मैंने अपनी जीप रोक दी और ‘डॉगफाइट’ के लिए तैयार हो गया. लेकिन ये स्थिति नहीं आई. कुछ देर की भीषण अफरातफरी के बाद उनके एयरक्राफ्ट लौट गए.

लेकिन तभी आसमान से दो पैराशूट नीचे गिरते हुए नजर आए. इनमें से एक एयरक्राफ्ट हमारी ओर आ गया. हमारे साथ मौजूद साथी उस पैराशूट की ओर भागे. मैं तुरंत भांप गया कि हमारे जवान युद्ध की गर्मी में उसे भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं. मैं उसकी ओर भागा. लेकिन इससे पहले ही हमारे जवान उस पर हमला बोल चुके थे. वे उसे जमीन पर गिराकर राइफल की बट से मारने लगे. हमारे कई और सैनिक उसकी ओर मारने के लिए भागे. तभी मैं जोर से चिल्लाया कि रुक जाओ. मैं बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गया. मैंने उसे भरोसा दिया कि वो सुरक्षित है.”