नारी शक्ति पुरस्कार: बेटी हुई तो पति ने छोड़ा, महिला ने PM मोदी को सुनाई आपबीती

पीएम मोदी ने कहा कि ‘जब सुनते हैं तो आश्चर्य होता है कि हमारे लोग किस प्रकार से आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व कर रहे हैं, समाज में परिवर्तन कर रहे हैं.'
PM Narendra Modi met, नारी शक्ति पुरस्कार: बेटी हुई तो पति ने छोड़ा, महिला ने PM मोदी को सुनाई आपबीती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर ‘नारी शक्ति पुरस्कार’ से सम्मानित महिलाओं से मुलाकात की. इस दौरान इन महिलाओं ने जीवन की कठिनाइयों के बीच समाज में दिए गए अपने योगदान की कहानिआं पीएम नरेंद्र मोदी से साझा की.

‘आप दूसरों के लिए प्रेरणा बन गए हैं’

पीएम मोदी ने उनके काम की तारीफ करते हुए कहा कि आज आप दूसरों के लिए प्रेरणा बन गई हैं. उन्होंने कहा, “जब आपने अपना काम शुरू किया, तो आपने इसे एक मिशन के रूप में किया होगा. या फिर जीवन में कुछ मूल्यवान करने के लिए किया होगा. आपका काम इनाम पाने के मकसद से नहीं किया गया है, लेकिन आज आप दूसरों के लिए प्रेरणा बन गए हैं.”

पीएम मोदी ने कहा, ‘जब सुनते हैं तो आश्चर्य होता है कि हमारे लोग किस प्रकार से आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व कर रहे हैं, समाज में परिवर्तन कर रहे हैं. आपने इस भूमिका को निभाया है, एक प्रकार से आपका सम्मान नारी शक्ति का सम्मान है. आपने बहुत बड़ा योगदान किया है.


उन्होंने कहा कि आज का दिवस एक प्रकार से जन सामान्य से जुड़ चुका है. पहली बार देश के सभी अखबार, टीवी चैनल, सोशल मीडिया सब जगह चर्चाओं में हमारे देश की नारी शक्ति पर विशेष ध्यान गया है.

बेटियां होने पर पति ने छोड़ा
तेलंगाना की किसान पडाला भूदेवी ने बताया कि कैसे तीन बेटियां होने पर उनके पति ने उन्हें छोड़ दिया था, तब उनकी बड़ी बेटी की उम्र महज 3 साल और सबसे छोटी की उम्र दो महीने थी. पडाला को पिता के घर लौटना पड़ा. हालांकि, मायके वापस आकर वह निराश नहीं बैठीं बल्कि पिता के साथ ग्राम सभा का काम सीखा और आज एक सफल किसान हैं.

पर्यावरण का बताया महत्व

चामी मुर्मू ने पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काफी काम किया है. उन्होंने बताया कि उन्होंने गांव-गांव में महिलाओं को जागरूक किया और लोगों को पर्यावरण के महत्व के बारे में बताया. वहीं, कलावेती देवी ने बताया कि उन्होंने शौचालय निर्माण का काम जारी रखा. वहीं अब 58 साल की उम्र तक 4000 से ज्यादा शौचालय बना चुकी हैं.

इन 14 महिलाओं ने बताई अपनी जर्नी
103 साल की एथलीट मान कौर, वायु सेना की पहली महिला फाइटर पायलट मोहना सिंह, भावना कांत और अवनि चतुर्वेदी, किसान पडाला भूदवी और बीणा देवी, शिल्पकार आरिफा जान, पर्यावरण विद चामी मूर्मू, उद्यमी निलजा वांगमू, ऑटोमोटिव रिसर्च प्रफेशनल रश्मी उर्धावरदेशे, राजमिस्त्री कलावती देवी, पर्वतारोही ताशी और नुंगशी मलिक, गायिका कौशिकी च्रकवर्ती और साक्षरता परीक्षा में 2018 में टॉप करने वाली 98 साल की कार्तियायिनी अम्मा.

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