पुलवामा हमला: बेटी का रिश्‍ता पक्‍का करने के लिए लौटने का वादा करके गए थे संजय

पटना। जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए बिहार के सपूत संजय कुमार सिन्‍हा पटना के मसौढ़ी, तारेगना मठ के रहने वाले थे। 45 वर्ष के संजय कुमार सिन्हा सीआरपीएफ हेड कॉन्‍स्‍टेबल के पद पर तैनात थे। वह परिवार के साथ छुट्टी बिताकर 8 फरवरी को ही लौटे थे। संजय घर पर […]

पटना। जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए बिहार के सपूत संजय कुमार सिन्‍हा पटना के मसौढ़ी, तारेगना मठ के रहने वाले थे। 45 वर्ष के संजय कुमार सिन्हा सीआरपीएफ हेड कॉन्‍स्‍टेबल के पद पर तैनात थे। वह परिवार के साथ छुट्टी बिताकर 8 फरवरी को ही लौटे थे। संजय घर पर बोलकर गए थे कि वह अगली बार जब छुट्टी पर आएंगे, तब बड़ी बेटी रूबी का रिश्‍ता पक्‍का करके जाएंगे। संजय अपने पीछे दो बेटी- रूबी कुमारी, टुन्नी कुमारी और बेटा सोनू कुमार छोड़ गए हैं।

संजय की दोनों बेटी ग्रेजुएशन कर चुकी हैं, जबकि बेटा सोनू कोटा में मेडिकल की तैयारी कर रहा है। संजय ने पत्‍नी बविता से कहा था कि 15 दिन बाद लौटकर आएंगे और बड़ी बेटी का रिश्‍ता पक्‍का कर देंगे। संजय का छोटा भाई शंकर सिंह, सीआरपीएफ बिहार शरीफ में तैनात है। संजय के पिता के महेंद्र प्रसाद भी सीआरपीएफ में ही थे। संजय के पड़ोसी कहते हैं कि वह बेहद मिलनसार थे और हमेशा सबकी मदद के लिए तैयार रहते थे। उनके शहीद होने की खबर सुनते ही तारेगना मठ मोहल्‍ले में किसी ने खाना नहीं खाया।

भागलपुर के रतन कुमार भी हुए शहीद: जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आतंकी हमले में भागलपुर के रहने वाले रतन ठाकुर भी शहीद हुए हैं। उनका पैतृक गांव रतनपुर है। रतन की शहादत की बात सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं, लेकिन शहीद की पत्‍नी ने हिम्‍मत जुटाकर बड़ी बात कही। रतन की गर्भवती पत्‍नी राजनंदिनी ने कहा कि उन्‍हें पति की शहादत पर गर्व है।