शहीद के पिता बोले- दूसरा बेटा भी कुर्बान करने को तैयार पर पाकिस्‍तान से बदला लो

भागलपुर। जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों में बिहार के भागलपुर के रहने वाले रतन ठाकुर भी शामिल हैं, उनका पैतृक गांव रतनपुर है। रतन की शहादत की बात सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं, लेकिन शहीद की पत्‍नी ने हिम्‍मत जुटाकर बड़ी बात कही। […]

भागलपुर। जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों में बिहार के भागलपुर के रहने वाले रतन ठाकुर भी शामिल हैं, उनका पैतृक गांव रतनपुर है। रतन की शहादत की बात सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं, लेकिन शहीद की पत्‍नी ने हिम्‍मत जुटाकर बड़ी बात कही। रतन की गर्भवती पत्‍नी राजनंदिनी ने कहा कि उन्‍हें पति की शहादत पर गर्व है। रतन ठाकुर अपने पीछे चार साल का बेटा भी छोड़ गए हैं। रतन ठाकुर 2011 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग गढ़वा में हुई थी। उनके पिता का नाम निरंजन ठाकुर है। उन्‍होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह देश के लिए अपने दूसरे बेटे की कुर्बानी देने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन इस हमले के लिए पाकिस्‍तान को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए।

जानकारी के मुताबिक, शाम चार बजे ही रतन ने पत्नी राजनंदिनी को फोन कर बताया था कि वह श्रीनगर जा रहे हैं और वहां पहुचकर बात करेंगे। उधर, श्रीनगर जाते वक्‍त सीआरपीएफ काफिले पर हमला हो गया और इधर रतन के परिवारवाले उनके फोन का इंतजार करते रहे। पूरा परिवार हमला की बात से बेखबर था, लेकिन किसी अनहोनी का डर उन्‍हें सता रहा था। काफी देर तक फोन न आने पर परिजनों ने फोन किया तो रतन का मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। कुछ समय और बीता तो रतन के घर के पास फोन आया, लेकिन यह फोन कॉल एक अधिकारी का था, जिसने बताया कि रतन अब इस दुनिया में नहीं हैं।

रतन के पिता निरंजन ठाकुर ने बताया कि तीन दिन पहले उनका बेटा महाराष्ट्र से ट्रेनिंग लेकर जम्मू लौटा था। वह गुरुवार को श्रीनगर जा रहे थे। रतन यहां दो साल से तैनात थे। रतन झारखंड के गढ़वा और छत्तीसगढ़ में भी रह चुके थे। संजय कुमार सिन्‍हा भी हुए शहीद: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आतंकी हमले में मसौढ़ी के तारेगना डीह गांव के रहने वाले सीआरपीएफ जवान संजय कुमार सिन्हा भी शहीद हो गए हैं। वह अपने पीछे पत्नी बबीता देवी, दो बेटियां- रूबी कुमारी और टुन्नी कुमारी के अलावा बेटा सोनू कुमार छोड़ गए हैं। संजय छुट्टी बिताकर 8 फरवरी को ही ड्यूटी के लिए वापस लौटे थे।