बजट 2020 पेश होने के बाद शेयर मार्केट में क्‍यों आई 10 साल की सबसे बड़ी गिरावट?

बजट से ठीक एक दिन पहले 31 जनवरी को सेंसेक्‍स इंडेक्‍स बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1,56,50,981.73 करोड़ रुपये था, जबकि 1 फरवरी को जिस दिन बजट आया, मार्केट कैप घटकर 1,53,04,724.97 करोड़ रुपए हो गया.
Share Market nose dived, बजट 2020 पेश होने के बाद शेयर मार्केट में क्‍यों आई 10 साल की सबसे बड़ी गिरावट?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को अपना दूसरा बजट पेश किया. वित्त मंत्री के इस बजट का शेयर बाजार पर अच्छा असर दिखाई नहीं दे रहा है. बजट आते ही शेयर मार्केट धड़ाम से गिर गया. पिछले 10 सालों में बजट आने के बाद शेयर बाजार में ये सबसे बड़ी गिरावट है. इस गिरावट ने इन्वेस्टर्स को मायूस कर दिया है, एक झटके में निवेशकों के करोड़ों रुपए डूब गए.

निर्मला सीतारमण के बजट में शिक्षा, महिला, किसानों, ट्रांसपोर्ट, कॉर्पोरेट समेत कई सेक्टर्स में बड़े ऐलान किए गए है, लेकिन केंद्रीय वित्‍त मंत्री की घोषणाएं शेयर बाजार को रास नहीं आईं. इसका नतीजा ये हुआ कि इंवेस्टर्स का 3.46 लाख करोड़ से ज्‍यादा का नुकसान हो गया.

बजट से ठीक एक दिन पहले 31 जनवरी को सेंसेक्‍स इंडेक्‍स बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1,56,50,981.73 करोड़ रुपए था, जबकि 1 फरवरी को जिस दिन बजट आया, मार्केट कैप घटकर 1,53,04,724.97 करोड़ रुपए हो गया. इस हिसाब से इंवेस्टर्स को एक दिन में 3.46 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकासान हुआ.

दिन के अंत में सेंसेक्स 2.43 फीसदी के नुकसान के साथ 987.96 अंक से गिरकर 39,735.53 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 2.51 फीसदी की गिरावट के साथ 300.25 अंक गिरकर 11,661.85  पर आ गया.

शनिवार को शेयर बाजार में कारोबार नहीं होता, लेकिन आम बजट आने की वजह से शनिवार यानि 2 फरवरी को शेयर मार्केट खुला था. एक्‍सपर्ट की मानें तो डीडीटी हटाने की वजह से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई.

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