जम्मू-कश्मीर में आजादी के बाद सिर्फ एक शासक रहा हिंदू

शिवसेना ने जम्मू कश्मीर में हिंदू सीएम बनाने की मांग की है. इसकी कितनी संभावना है, आंकड़ों में समझिए.
Shivsena, जम्मू-कश्मीर में आजादी के बाद सिर्फ एक शासक रहा हिंदू

अमित शाह गृहमंत्री बनने के तुरंत बाद ‘मिशन कश्मीर’ में जुट गए हैं. जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की अटकलों के बीच शिवसेना ने इसका समर्थन किया है. शिवसेना के मुखपत्र सामना में लेख छपा है जिसमें कहा गया है कि अगर जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री कोई हिंदू बनता है और वहां कश्मीरी पंडितों की वापसी होती है तो देश के लिए अच्छी खबर होगी. शिवसेना का कहना है कि अमित शाह के नेतृत्व में कश्मीर की सूरत बदलेगी.

राजनैतिक नक्शे में बदलाव पर राज्य सरकार ने 2026 तक रोक लगा रखी है लेकिन केंद्र सरकार अगर इस फैसले को बदल दे तो अच्छा होगा. फिलहाल जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लगा हुआ है. इससे पहले वहां बीजेपी-पीडीपी गठबंधन से सरकार बनी थी जिसमें महबूबा मुख्यमंत्री थीं. गठबंधन टूटने के बाद सरकार गिर गई और राज्यपाल शासन लागू हो गया. चुनाव आयोग का कहना है कि इसी साल वहां विधानसभा चुनाव हो सकते हैं.

पहले भी हो चुकी हिंदू सीएम की मांग

जहां तक जम्मू-कश्मीर में हिंदू सीएम बनाने की मांग हो रही है तो इसमें कोई नई बात नहीं है. 2014 में नेशनल कॉनफ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन की सरकार थी तो कांग्रेसी नेता श्यामलाल शर्मा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री थे. उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा था कि ‘क्‍या संविधान में कहीं लिखा है कि जम्‍मू कश्‍मीर का हिंदू यहां का मुख्‍यमंत्री नहीं बन सकता? जब कलाम देश के राष्ट्रपति बन सकते हैं, मनमोहन सिंह 10 साल के लिए देश के प्रधानमंत्री रह सकते हैं.’

पहला हिंदू पीएम

बता दें कि जम्मू-कश्मीर को हिंदू सीएम कभी नहीं मिला है. आजादी के समय जब कश्मीर को भारत का हिस्सा बनाना था और भारतीय संविधान अस्तित्व में भी नहीं था उस वक्त जम्मू-कश्मीर का पीएम एक हिंदू था. मेहरचंद महाजन को 15 अक्टूबर 1947 से 5 मार्च 1948 तक 142 दिन के लिए प्राइम मिनिस्टर बनाया गया था. मेहरचंद महाजन आगे चलकर 4 जनवरी 1954 को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बने.

Shivsena, जम्मू-कश्मीर में आजादी के बाद सिर्फ एक शासक रहा हिंदू

हिंदू-मुस्लिम समीकरण

जम्मू-कश्मीर में हिंदू अल्पसंख्यक हैं. 1989 के बाद घाटी में हिंदुओं के नरसंहार के बाद बहुत से कश्मीरी पंडितों ने वहां से पलायन किया. उसके बाद कई सरकारें उनका हक दिलाने का वादा करके आती-जाती रहीं लेकिन उनकी वापसी पर किसी ने ध्यान नहीं दिया. 2011 की जनगणना रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर की कुल जनसंख्या 125.41 लाख थी. जिनमें 85.67 लाख यानी कुल जनसंख्या का 68.31 फीसदी मुसलमान और 35.66 लाख यानी 28.43 फीसदी हिंदू थे.

जम्मू-कश्मीर में आजादी के बाद से मुसलमान मुख्यमंत्री ही रहे हैं. कद्दावर हिंदू नेता का उदय अभी तक नहीं हो सका है. ये देखना दिलचस्प होगा कि हिंदू सीएम की मांग करने वाले लोग किस कश्मीरी हिंदू नेता को मुख्यमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाते हैं. और क्या वो बहुसंख्यक मुसलमानों और अल्पसंख्यक हिंदुओं को साथ लेकर जम्मू-कश्मीर को आगे बढ़ा पाता है?

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