सिख, बौद्ध और जैन भी राम मंदिर ट्रस्ट का हिस्सा हों, सुब्रमण्यम स्वामी की सरकार से मांग

सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि 'संविधान के अनुच्छेद 25 में कहा गया है कि जो शख्स मुस्लिम या ईसाई नहीं है वो भारत में हिंदू है.'
Subramanian Swamy demands, सिख, बौद्ध और जैन भी राम मंदिर ट्रस्ट का हिस्सा हों, सुब्रमण्यम स्वामी की सरकार से मांग

बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने राम मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए ट्रस्ट के सदस्यों को लेकर टिप्पणी की है. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि ट्रस्ट में सिख, बौद्ध और जैन धर्म के लोगों को भी शामिल किया जाए.

सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री की ओर से घोषित किए गए राम मंदिर ट्रस्ट का सदस्य बनने के लिए हिंदू होना जरूरी है. लेकिन संविधान के अनुच्छेद 25 में कहा गया है कि जो शख्स मुस्लिम या ईसाई नहीं है वो भारत में हिंदू है. इसलिए प्रधानमंत्री को ट्रस्ट में सिख, बौद्ध और जैन को शामिल करना चाहिए.”


बता दें कि गृहमंत्री अमित शाह ने बताया था कि मंदिर ट्रस्ट में 15 सदस्य होंगे जिसमें एक ट्रस्टी हमेशा दलित समाज से रहेगा. इनमें 9 स्थायी और 6 नामित सदस्य होंगे.

राम मंदिर ट्रस्ट में वरिष्ठ वकील के. पराशरण, कामेश्वर चौपाल, महंत दिनेंद्र दास और अयोध्या राज परिवार से जुड़े बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा शामिल हैं.

साथ ही जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज, जगद्गुरु माधवाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ जी महाराज, युगपुरुष परमानंद जी महाराज,स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज, होम्योपैथी डॉक्टर डॉ अनिल कुमार मिश्र को भी ट्रस्टी बनाए गए हैं.

गौरतलब है कि अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने गुरुवार को एक रुपया नकद दान दिया. मंदिर निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ को मिला यह पहला दान है.

सरकार ने ट्रस्ट को एक रुपये का दान नकद में दिया, ताकि ट्रस्ट अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का काम शुरू हो सके. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ही संसद में ट्रस्ट का ऐलान किया था.

केंद्र सरकार की ओर से यह दान ट्रस्ट को गृह मंत्रालय में अवर सचिव डी. मुर्मू ने दिया है. ट्रस्ट किसी भी व्यक्ति से अचल संपत्ति समेत बिना किसी शर्त के किसी भी रूप में दान, अनुदान, अंशदान, योगदान ले सकता है.

शुरुआत में तो ट्रस्ट वरिष्ठ अधिवक्ता के. पारासरन के आवास से कार्य करेगा, लेकिन बाद में इसका स्थायी कार्यालय खोला जाएगा.

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