70 हजार से 1 लाख रुपये तक लेकर आतंकियों को कश्मीर में छोड़ रहे ट्रक ड्राइवर

जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हजारों की संख्या में ट्रक सक्रिय हैं. खासतौर पर ये ट्रक आतंक ग्रस्त इलाकों से होकर आते हैं.
Truck Drivers Kashmir, 70 हजार से 1 लाख रुपये तक लेकर आतंकियों को कश्मीर में छोड़ रहे ट्रक ड्राइवर

जम्मू-कश्मीर के नगरोटा इलाके में 31 जनवरी को सुरक्षाबलों ने तड़के एक ट्रक में जम्मू से श्रीनगर जा रहे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों को मार गिराया. सुरक्षाबलों के मुताबिक, यह तीनों आतंकी 30 जनवरी को सीमापार से घुसपैठ कर जम्मू पहुंचे थे.

जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर नगरोटा के पास बने टोल प्लाजा के ठीक सामने अनंतनाग के ट्रक को रोका गया. ट्रक नंबर जेके-03 एफ-1478 को यहां तैनात सुरक्षाबलों ने सुबह करीब साढ़े 5:25 बजे पर रोका और ट्रक की तलाशी शुरू कर दी.

इस पर ट्रक में छिपे आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी और जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक जवान को घायल कर दिया. सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी मौके पर ही मारा गया, जबकि दो अन्य आतंकी हाईवे के साथ ही जंगल के इलाके में भाग खड़े हुए.

अफरातफरी में ट्रक के ड्राइवर और हेल्पर ने भी भागने की कोशिश की लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. इस घटना के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने मौके के भागे आतंकियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया.

जिस ट्रक में यह आतंकी सवार होकर श्रीनगर जा रहे थे, वो अनंतनाग का था. सुरक्षाबलों की मानें तो ये आतंकी 29 या 30 जनवरी को कठुआ के हीरानगर से घुसपैठ कर भारत पहुंचे थे. इस ट्रक में सवार होकर वो श्रीनगर जा रहे थे.

कश्मीर में बर्फबारी के चलते एलओसी से घुसपैठ करने में नाकाम आतंकी अब अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ कर रहे हैं. यह आतंकी श्रीनगर पहुंचने के लिए ट्रकों का सहारा ले रहे हैं.

सितंबर 2018 में आतंकी इसी तरह की कैविटी बनाकर पीओपी से भरे एक ट्रक में सवार होकर श्रीनगर जा रहे थे. जम्मू के झज्जर कटोली इलाके में उन्हें मार गिराया गया था.

इस बार आतंकी उसी तरीके से ट्रक में कैविटी बना कर श्रीनगर जा रहे थे, लेकिन इस बार ट्रक के ड्राइवर और हेल्पर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.आतंकियों के पास से नाइट विजन टेलिस्कोप से लैस अमेरिकन एम-4 कार्बाइन राइफल बरामद की है. इस राइफल को आमतौर पर स्निपिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

पकड़े गए तीनों आरोपियों की पहचान समीर अहमद डार, पुत्र राशिद डार निवासी पुलवामा, आसिफ अली मंटू, पुत्र फिरदौस अहमद मंटू निवासी पुलवामा और आसिफ अहमद मलिक, पुत्र बशीर अहमद मलिक निवासी काजीगुंड के रूप में हुई है.

जम्मू-कश्मीर पुलिस की मानें तो पकड़े गए तीनों आरोपी ट्रक में सवार आतंकियों के लगातार संपर्क में थे. तीनों आरोपियों ने इन आतंकियों को 30 जनवरी को रात के करीब 2 बजे सांबा के चीची माता मंदिर इलाके से ट्रक में बिठाया था.

पकड़े गए आरोपियों में से एक समीर अहमद डार पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले आदिल अहमद डार का ‘कजिन’ भाई है. आदिल अहमद डार ने 14 फरवरी 2019 को श्रीनगर के पुलवामा में एक बड़े फिदायीन हमले को अंजाम दिया था.

सूत्रों ने टीवी9 भारतवर्ष को यह बताया कि तीनों आरोपी राजस्थान, दिल्ली और पंजाब से होते हुए जम्मू पहुंचे थे. इस दौरान वह लगातार व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान में अपने हैंडलर के संपर्क में थे.

समीर अहमद डार जो कि ट्रक ड्राइवर था, सूत्रों की मानें तो उसने यह कबूला है कि 40 दिन पहले तीन आतंकियों को दा रोड के जरिए साउथ कश्मीर में छोड़ा था और इस काम के लिए उसको भारी रकम भी मिली थी.

सुरक्षा एजेंसियों ने अब जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर पूरी तरीके से खासतौर पर ट्रकों पर निगरानी रखना शुरू कर दिया है. दरअसल, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ट्रक ड्राइवरों को आतंकियों को कश्मीर पहुंचाने के लिए 70000 से लेकर 100000 रुपये तक दिया जाता है.

जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हजारों की संख्या में ट्रक सक्रिय हैं. खासतौर पर ये ट्रक आतंक ग्रस्त इलाकों से होकर आते हैं. पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आका बुरी तरीके से बौखला गए हैं. वो चाहते हैं कि जम्मू कश्मीर में एक बड़ा आतंकी हमला करवाया जाए.

इसे देखते हुए जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीसीटीवी कैमरे और खासतौर पर टोल प्लाजा पर हाईटेक कैमरे लगवाने का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा. इससे हर एक गाड़ी पर नजर रखी जाएगी.

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