पुलवामा हमले के बाद जिम कॉर्बेट में मोबाइल से हिरण की तस्वीरें क्लिक कर रहे थे मोदी ?

पुलवामा हमले के बाद भी क्या पीएम मोदी जिम कॉर्बेट में फोटो शूट में व्यस्त रहे ? आतंकी हमले में जवानों की मौत खबर मिलने के बाद भी  क्या उन्होंने फोटो शूट प्रोग्राम कैंसिल करने की जरूरत नहीं समझी?

जब सीआरपीएफ जवानों की शहादत पर पूरे देश में कोहराम मचा था तब क्या पीएम मोदी अपने मोबाइल फोन से जिम कार्बेट में काले हिरण की तस्वीर खींच रहे थे? पीएम मोदी पर कांग्रेस की ओर से लगाए गंभीर आरोपों के बीच ये कुछ अहम सवाल हैं जिसका पुरजोर जवाब बीजेपी और सरकार की ओर से दिया भी जा रहा है. इस बीच अंग्रेजी दैनिक द टेलीग्राफ ने जिम कॉर्बेट में पीएम मोदी के प्रोग्राम का शिड्यूल जारी किया है जिससे फिर से ये सवाल हवा में तैरने लगे हैं कि क्या वाकई पीएम को पुलवामा हमले की जानकारी देर से मिली थी? सरकारी सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी को इस हमले की जानकारी वारदात के 25 मिनट बाद मिली, इस लिहाज से भी देखा जाए तो पीएम को शाम 3 बजकर 35 मिनट पर हमले की सूचना मिल गई होगी, ऐसे में सवाल ये कि पीएम मोदी शाम 4 बजे से पहले जिम कार्बेट से क्यों नहीं निकल पाए?  

 अंग्रेजी दैनिक ‘द टेलीग्राफ’ जिम कार्बेट के एक अधिकारी के हवाले से लिखता है कि पुलवामा हमले के दिन 14 फरवरी को पीएम  नरेंद्र मोदी दोपहर ढाई बजे मोटरबोट से जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के ढिकाला इलाके में पहुंचे थे जबकि पुलमामा में हमला दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर हुआ था. माना जाता है कि हमले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने स्वभाविक तौर पर इससे पीएम मोदी को तुरंत अवगत कराने की कोशिश की होगी.

‘द टेलीग्राफ’ के मुताबिक दोपहर ढाई बजे से शाम 4 बजे के बीच पीएम मोदी ने जिम कार्बेट के अंदर  फोटो शूट समेत कई गतिविधियों में हिस्सा में लिया. जिम कॉर्बेट में दाखिल होते वक्त उन्होंने विजिटर बुक में गुजराती भाषा में अपनी ओर से संदेश भी लिखा था. जिम कार्बेट में कार्यक्रम के दौरान मोदी पुराने एफआरएच रेस्ट हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने लंच किया. पीएम ने यहां अपने मोबाइल फोन से काले हिरण की फोटो भी खींची. इसके बाद मोदी खिनानौली गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां फिल्म की शूटिंग पूरी हुई. मोदी शाम 4 बजे यहां से करीब 110 किलोमीटर दूर रुद्रपुर में एक रैली को मोबाइल फोन के जरिए संबोधित किया, हालांकि मोबाइल नेटवर्क खराब होने की वजह से पीएम को अपना स्पीच 5 मिनट में ही खत्म करना पड़ा.

पीएम को देर से मिली हमले की सूचना?

सरकारी सूत्रों के मुताबिक खऱाब मौसम और नेटवर्क की वजह से पीएम को पुलवामा हमले की जनकारी 25 मिनट देरी से मिली. सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी को रुद्रपुर में एक रैली को संबोधित करना था लेकिन पुलवामा हमले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसे रद्द कर दिया.

इसके तुरंत बाद उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से फोन बात कर पूरे मामले की जानकारी ली और वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए. इस दौरान वो थोड़ी देर रामनगर गेस्ट हाउस में रुके और फिर से गृहमंत्री समेत सभी संबंधित लोगों से फोन पर बात की.

इसके बाद वो सड़क मार्ग से रामनगर से बरेली पहुंचे और फिर दिल्ली के लिए उड़ान भरी. सरकार के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार इस दौरान पीएम मोदी ने कुछ भी नहीं खाया और हमले की जानकारी देर से मिलने की वजह से वो नाराज भी थे. मीडिया के कुछ हलकों में इस बात की भी जोरों से चर्चा है कि पुलवामा हमले की सूचना देर से मिलने पर पीएम राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से नाराज हैं.

कांग्रेस ने पीएम पर लगाए थे आरोप   

कांग्रेस ने गुरुवार को कहा था कि पुलवामा हमले के बाद जब पूरा देश गम में डूबा था और शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहा था, उस समय प्रधानमंत्री मोदी जिम कॉर्बेट पार्क में फिल्म की शूटिंग में व्यस्त थे. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पूछा था कि क्या दुनिया में इस तरह का कोई प्रधानमंत्री होगा? कांग्रेस ने कहा था कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्य़क्ष अमित शाह अपनी रैलियों में पुलवामा हमले पर राजनीति करने से नहीं चूक रहे और बीजेपी शहीदों का अपमान कर रही है. कांग्रेस के मुताबिक जिम कार्बेट में पीएम मोदी का फोटो शूट देर शाम तक चला था. सुरजेवाला ने पीएम की शूटिंग से संबंधित अखबारों की करतनों का हवाला भी दिया था.

बीजेपी ने किया पीएम का बचाव

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ सवाल पूछना जानती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता देश के आर्मी चीफ पर घटिया इलजाम लगाते हैं, राहुल गांधी सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हैं, लेकिन लंदन में अपने नेता की ओर से देश की चुनाव प्रक्रिया को गलत बताने पर सवाल नहीं उठाते हैं.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सोच और हमारी सोच में बुनियादी अंतर है. हम सभी मंत्री, वीर शहीदों के अंतिम संस्कार में पहुंचे, लेकिन हमारा मानना है कि देश रुकना नहीं चाहिए और विकास कार्य लगातार चलते रहने चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस से कहना चाहूंगा कि वो सेना का मनोबल तोड़ने का काम न करें. उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि  इमरान खान और कांग्रेस के प्रवक्ताओं के स्वर एक ही हैं. आज पाकिस्तान में खुशियां मनाई जा रही होंगी कि जो बात इमरान खान ने की, वही हमारे यहां का मुख्य विपक्षी दल का नेता कह रहा है.

इस बीच भाजपा ने कांग्रेस के दावे को फेक न्यूज बताया है. पार्टी का कहना है कि जो तस्वीरें प्रसारित की जा रही हैं वो दरअसल 14 फरवरी की सुबह की हैं.

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