Surgical Strike 2: आतंकी कैंपों को बर्बाद करने वाले ‘सुदर्शन’ बम के बारे में जानिए!

पाकिस्तान में तबाही मचाने वाला 'सुदर्शन' की मारक क्षमता बेहद सटीक और घातक है. ये एक बम किट है. इसको खासतौर पर वायुसेना और नौसेना के लिए तैयार किया गया है.

नई दिल्‍ली: इस बार पाकिस्तान के अंदर घुसकर मां भारती के सपूतों ने पाकिस्तान की धरती पर पल रहे आतंकियों और उनके अड्डों को बर्बाद कर दिया. भारत के इस जवाबी हमले के बाद पाकिस्तान में खलबली, हड़कंप है. आतंकिस्तान को नेस्तानाबूद करने की कसम खा चुकी भारतीय सेना में ऐसे-ऐसे हथियार हैं, जो पाकिस्तान की बर्बादी की वजह बन सकते हैं. पुलवामा आतंकी हमले का बदला लेने के लिए हुई एयर स्ट्राइक में मिराज-2000 की मदद से पाकिस्तान के बालकोट में 1000 किलो बमबारी की गई. लेकिन मिराज ही नहीं आतंकी कैंपों को बर्बाद करने में लेजर गाइडेड बम ‘सुदर्शन’ ने भी अहम भूमिका निभाई थी.

सुदर्शन’ बम के बारे में जानिए
पाकिस्तान में तबाही मचाने वाले ‘सुदर्शन’ की मारक क्षमता बेहद सटीक और घातक है. ये एक बम किट है. इसको खासतौर पर वायुसेना और नौसेना के लिए तैयार किया गया है. इसकी रेंज करीब 9 किलोमीटर है. लेकिन इसकी रेंज बढ़ाकर 50 किलोमीटर तक किए जाने पर काम चल रहा है. ये देश का पहला पूरी तरह से स्वदेशी लेजर गाइडेड बम किट है. इस बम का सबसे पहला परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर में 21 जनवरी 2010 में किया गया था. 9 जून 2010 को पोकरण टेस्‍ट रेंज में दोबारा इसका परीक्षण किया गया.‘सुदर्शन’ को पहली बार भारतीय वायुसेना की मिग-27 यूनिट में शामिल किया गया. इसके बाद जगुआर, सुखोई, मिराज-2000 और मिग-29 में भी इसे शामिल कर लिया गया. वर्तमान में ‘सुदर्शन’ एयरफोर्स के साथ नेवी में भी शामिल है.

डीआरडीओ की लैब में हुआ तैयार
यह बम डीआरडीओ की लैब में तैयार किया गया था. डीआरडीओ ने इस प्रोजेक्‍ट की शुरुआत साल 2006 में की थी. इसका मकसद एक ऐसी एडवांस्‍ड लेजर गाइडेड किट को विकसित करना था जो 450 किग्रा के बम को सटीक जगह पर गिराने में कामयाब हो सके. इस बम को बनाने में आईआईटी दिल्‍ली और बीईएल की भी भूमिका रही है.