IPL 2020: कैसे एक ओवर में राहुल तेवतिया ने बदल डाली अपनी और टीम की किस्मत?

बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान ने शानदार जवाब दिया था, लेकिन यहां पर एक फैसले ने सबको चौंका दिया. स्मिथ का विकेट गिरने के बाद राजस्थान ने रॉबिन उथप्पा के बजाए ऑलराउंडर राहुल तेवतिया को भेजा.

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अंक तालिका में आरसीबी तीसरे और राजस्थान सातवें स्थान पर है. (फोटोः BCCI/IPL)

IPL के इतिहास में कई शानदार मैच और शानदार पारियां देखने को मिली हैं. कई खिलाड़ी हैं, जिन्होंने IPL में अपने करियर की सबसे शानदार पारी खेली है, तो कई खिलाड़ियों के लिए ऐसे मौके भी आए हैं, जब वह टीम की उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए. इस लीग में क्रिस गेल और ब्रैंडन मैक्कलम जैसे दिग्गजों की तूफानी पारियां सबको याद रहेंगी, लेकिन शारजाह में रविवार को जो पारी राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के राहुल तेवतिया (Rahul Tewatia) ने खेली, वो किसी भी पारी से सबसे अलग थी और हमेशा के लिए याद रहने वाली पारी बन गई.

राजस्थान रॉयल्स और किंग्स इलेवन पंजाब (Kings XI Punjab) के बीच रविवार 27 सितंबर को हुआ मैच IPL इतिहास के सबसे खास मैचों में शामिल हो गया. इस मैच में गेंदबाजों के लिए कुछ नहीं था, लेकिन दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने जो प्रदर्शन किया, वो न सिर्फ इस सीजन का बल्कि IPL इतिहास की सबसे बेहतरीन बैटिंग में से रही.

पंजाब ने पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवरों में 223 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. मयंक अग्रवाल ने अपनी सबसे बेहतरीन टी20 पारी खेली और शानदार शतक ज़ड़ा. केएल राहुल ने भी बेहतरीन पारी खेली और अर्धशतक जड़ा. जवाब में में राजस्थान की शुरुआत अच्छी नहीं रही और जॉस बटलर तीसरे ही ओवर में आउट हो गए. इसके बावजूद स्टीव स्मिथ और संजू सैमसन ने हमलावर रुख जारी रखा.

उल्टा पड़ता दिखा दांव

स्मिथ ने लगातार दूसरे मैच में बेहतरीन अर्धशतक जड़ा. 9 ओवर में राजस्थान के 100 रन पूरे हुए और उसी वक्त स्मिथ का विकेट गिरा. बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान ने शानदार जवाब दिया था, लेकिन यहां पर एक फैसले ने सबको चौंका दिया. स्मिथ का विकेट गिरने के बाद राजस्थान ने रॉबिन उथप्पा के बजाए ऑलराउंडर राहुल तेवतिया को भेजा.

राजस्थान का ये फैसला टीम पर भारी पड़ने लगा. संजू सैमसन एक तरफ से आसानी से छक्के और चौके जड़ रहे थे और टीम को लक्ष्य के करीब ले जाने में जुटे हुए थे. दूसरी ओर स्पिनरों पर हमलावर पारी खेलने के लिए भेजे गए तेवतिया के हर एक गेंद के साथ टीम के फैसले को गलत साबित करते जा रहे थे. पंजाब के स्पिनर मुरुगन अश्विन और रवि बिश्नोई के सामने एकदम बेबस नजर आने लगे. तेवतिया हर बॉल पर बल्ला घुमा रहे थे, लेकिन गेंद उनके बल्ले के करीब भी नहीं पहुंच रही थी. हालात ये हो गए कि कॉमेंटेटर भी कहने लगे कि तेवतिया को रिटायर्ड हर्ट हो जाना चाहिए.

14 ओवर के बाद राजस्थान का स्कोर था- 132/2. तेवतिया उस वक्त 16 गेंदों पर सिर्फ 7 रन बना सके थे. तेवतिया के चेहरे पर भी तनाव दिख रहा था, लेकिन वह जमे हुए थे. 15वें ओवर में तेवतिया 19 गेंदों पर सिर्फ 8 रन बना सके थे. इसी ओवर में उन्होंने बिश्नोई पर स्ट्रेट बाउंड्री पर पहला छक्का जड़ा. इसके बाद भी तेवतिया के लिए राह आसान नहीं थी. 17वें ओवर की पहली ही गेंद पर संजू सैमसन के विकेट के साथ राजस्थान की उम्मीदें घटने लगीं और शायद इसका ही असर तेवतिया पर दिखा.

वो 6 गेंद और 5 छक्के

18वें ओवर की शुरुआत में राजस्थान को 3 ओवरों में 51 रनों की जरूरत थी. गेंदबाजी पर थे शेल्डन कॉटरेल, जिन्होंने अपने पहले 2 ओवरों में 22 रन दिए थे. स्ट्राक पर थे तेवतिया. यहां से शुरू हुई तेवतिया के मैच बदलने वाली पारी की शुरुआत. खुद तेवतिया के आत्मविश्वास को बदलने की शुरुआत. तेवतिया और राजस्थान की किस्मत बदलने की शुरुआत.

तेवतिया ने कॉटरेल की पहली गेंद पर स्क्वायर लेग के ऊपर छक्का जड़ दिया. ऐसा लगा कि अब तेवतिया कम से कम अपने लिए स्थिति कुछ बेहतर कर पाएंगे. कॉटरेल की अगली गेंद लगभग उसी लाइन और लेंथ पर थी और इस बार तेवतिया ने थोड़ा बाहर निकलकर उसे स्क्वायर लेग पर ही 6 रन के लिए भेज दिया. इसने सबको चौंका दिया. तीसरी गेंद थोड़ा लंबी पड़ी और तेवतिया ने इसे लॉन्ग ऑफ पर उठा दिया. गेंद बाउंड्री के बाहर गिरी और डगआउट में निराश बैठे राजस्थान के खिलाड़ी-सपोर्ट स्टाफ उठ खड़े हुए.

पंजाब से लेकर राजस्थान तक, दोनों खेमों में खलबली मच गई थी. संजू सैमसन उठकर जोरदार तालियां बजा रहे थे और तेवतिया को जोश दिला रहे थे. वहीं ग्राउंड पर केएल राहुल, कॉटरेल को कुछ समझाने लगे. फायदा कुछ नहीं हुआ. हताश नजर आ रहे कॉटरेल ने ऑफ स्टंप के बाहर फुल टॉस गेंद डाली, जिसे तेवतिया ने मिडविकेट पर खेल दिया और छक्का जड़ डाला. 4 पर 4. सब हैरान थे. राजस्थान को अपनी वापसी नजर आने लगी थी. 6 गेंदों पर 6 छक्के की उम्मीदें होने लगी थीं.

पांचवी गेंद पर शॉर्ट ऑफ लेंथ रही और तेवतिया ने एक बार फिर बल्ला घुमाया, लेकिन इस बार सफलता नहीं मिली. कॉटरेल को कुछ राहत मिली, लेकिन तेवतिया का मूड सेट था. आखिरी गेंद पर तेवतिया ने एक बार फिर बल्ले को लेग साइड के लिए घुमा दिया और गेंद सीधे मिडविकेट के स्टैंड्स पर जा गिरी. 6 गेंदों पर 5 छक्के. इस IPL में पहली बार. IPL इतिहास में दूसरी बार. इससे पहले क्रिस गेल ने ये कारनामा किया था.

18वें ओवर के बाद स्कोर था- 203/3. तेवतिया का स्कोर था- 29 गेंद, 47 रन, 6 छक्के. टीम को चाहिए थे- 12 गेंदों में 21 रन.

एक बेहतरीन अर्धशतक, यादगार जीत

19वें ओवर में शमी ने उथप्पा को आउट कर दिया और पंजाब को फिर मजबूती दी, लेकिन छक्कों से भरे इस मैच में काम अभी बाकी था. क्रीज पर आए जोफ्रा आर्चर ने आते ही शमी की लगातार 2 गेंदों पर 2 छक्के जड़ डाले. ओवर की पांचवीं गेंद पर तेवतिया ने प्वाइंट के ऊपर से छक्का जड़कर अपना अर्धशतक पूरा किया और साथ ही पूरी की IPL इतिहास की सबसे अजीबो-गरीब लेकिन यादगार पारी.

आखिर तेवतिया 31 गेंद में 53 रन की यादगार पारी खेलकर आउट हुए, जिसमें 7 छक्के शामिल थे. आखिरी ओवर में राजस्थान को जीत के लिए सिर्फ 2 रन की जरूरत थी और वो उसने सिर्फ एक और विकेट खोकर हासिल कर लिया. इसके साथ ही राजस्थान ने IPL इतिहास में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी जीत हासिल की.

(IPL 2020 की सबसे खास कवरेज मिलेगी TV9 भारतवर्ष पर. देखिए हर रोज: ‘रेगिस्तान में महासंग्राम’)

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