तुषार देशपांडे: बैटिंग की लाइन लंबी थी तो बॉलर बन गए, रणजी के लिए छोड़ दिया था IPL

दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) के पेसर तुषार देशपांडे (Tushar Deshpande) की तेज गेंदबाज बनने और आईपीएल 2020 (IPL 2020) में खेलने की कहानी.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 5:17 pm, Thu, 15 October 20
तुषार देशपांडे.

आईपीएल 2020 (IPL 2020) में तेज गेंदबाज तुषार देशपांडे (Tushar Deshpande) ने 14 अक्टूबर को डेब्यू किया. मुंबई के इस गेंदबाज ने दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) की ओर से पहला आईपीएल मैच खेला. देशपांडे ने डेब्यू मैच में अपने खेल से प्रभावित किया. उन्होंने चार ओवर में 37 रन देकर दो विकेट चटकाए. राजस्थान रॉयल्स के बेन स्टोक्स और श्रेयस गोपाल उनके शिकार बने. लेकिन देशपांडे के तेज गेंदबाज बनने की कहानी भी दिलचस्प है. वे बनना तो बल्लेबाज चाहते थे लेकिन बैटिंग की लंबी कतार देखकर गेंदबाज बन गए.

ऐसे शुरू हुई तुषार की कहानी

तुषार देशपांडे ने इस बारे में बताया,

यह 2007 की बात है. जब मैं तीन-चार लड़कों के साथ कल्याण से शिवाजी पार्क जिमखाना में चयन के लिए गया था. वहां बल्लेबाजों की लंबी कतार थी. उसमें 40-45 खिलाड़ी थे और 20-25 बल्लेबाज पैड पहनकर तैयार थे. गेंदबाजों की लाइन में केवल 15-20 खिलाड़ी थे. उस समय दोपहर के साढ़े तीन बज रहे थे. वहां पर सलेक्शन का टाइम शाम साढ़े बजे तक ही था. मुझे लगा कि बल्लेबाजी के लिए लंबी कतार है और मुझे मौका नहीं मिलेगा. लेकिन मैं खाली हाथ नहीं लौटना चाहता था. इसलिए मैं गेंदबाजों की कतार में खड़ा हो गया.

आउट स्विंगर ने बना दिया तुषार का काम

अपने चयन ट्रायल की बात करते हुए देशपांडे ने आगे कहा कि उस समय तक किसी ने यह नहीं कहा था कि वह एक औसत लड़के की तुलना में ज्यादा तेज गेंद फेंकते हैं. उन्होंने बताया,

गेंदबाजों की कतार तेजी से आगे बढ़ रही थी. जब मेरी बारी आई तो मुझे सौभाग्य से नई गेंद मिल गई. मैंने अपना रन अप तय किया और गेंद डाली. यह बहुत अच्छी आउटस्विंग थी और टप्पा खाने के बाद बड़ी तेजी से आगे गई. पैडी सर (पदमाकर शिवालकर) ने कहा कि बहुत अच्छी गेंद की, फिर से ऐसी गेंद करो.

श्रेयस अय्यर के साथ करते थे प्रैक्टिस

देशपांडे बताते हैं कि उस समय उन्हे नहीं पता था कि वह कौन हैं. लेकिन उन्होंने फिर से गेंद फेंकी. उस दिन उन्होंने छह-सात गेंदें की और उन्हें चुन लिया गया. उन्होंने कहा कि सलेक्शन के दौरान दूसरे और तीसरे दिन भी यही प्रक्रिया अपनाई गई. पैडी सर और संदेश कावले सर ने उनका मनोबल बढ़ाया. इसके बाद वे जिमखाना से खेलने लगे और तेज गेंदबाज बन गए. देशपांडे बचपन से ही दिल्ली कैपिटल्स के अपने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ शिवाजी पार्क जिमखाना में अभ्यास करते रहे हैं.

दिल्ली कैपिटल्स के साथियों के साथ विकेट का जश्न मनाते हुए तुषार देशपांडे.

रणजी के लिए छोड़ा आईपीएल

साल 2016 में तुषार पारसी जिमखाना से जुड़ गए. इस क्लब के अधिकारी खोड़ाडाड याज्देगार्डी ने बताया कि तुषार काफी होनहार और मानसिक रूप से मजबूत खिलाड़ी है. उन्होंने कहा कि पुलिस शील्ड के एक मैच में उसे बुरी तरह चोट लगी थी. लेकिन उसने जबरदस्त वापसी की. मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन की अपेक्स काउंसिल के मेंबर याज्देगार्डी ने पीटीआई को बताया,

दो साल पहले किंग्स इलेवन पंजाब ने उसे ट्रायल के लिए बुलाया. लेकिन दो सप्ताह में रणजी सीजन शुरू होने को था. ऐसे में मेरे पास उसका फोन आया. उसने कहा कि वह ट्रायल में नहीं जाएगा क्योंकि रणजी शुरू होने को है और वह पुलिस शील्ड में खेलना चाहता है. वह उस मुकाबले में खेला लेकिन इस दौरान चोटिल हो गया. करीब एक महीने तक वह खेल से दूर रहा. लेकिन उसे हमेशा खुद पर भरोसा था कि वह ठीक होगा और खेलेगा. वह मानसिक रूप से काफी मजबूत है.

25 साल के तुषार ने अभी तक 20 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं. इनमें 28.66 की औसत से 50 विकेट लिए हैं. 70 रन देकर छह विकेट उनका बेस्ट प्रदर्शन है.

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