झारखंड (Jharkhand) के साहिबगंज (Sahibganj) जिले में मिर्जा चैकी थानांतर्गत एक गांव की 17 वर्षीय नाबालिग आदिवासी लड़की के साथ आधा दर्जन युवकों ने गुरुवार को सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) किया. मामले में दर्ज शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. साहिबगंज के पुलिस अधीक्षक अनुरंजन किस्पोट्टा ने शनिवार को बताया कि गुरुवार की रात्रि बास्कोडीह जाने के मार्ग में हुए इस सामूहिक दुष्कर्म के अपराध में शामिल सभी छह युवकों को शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. सभी आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार भी कर लिया है.

साथ ही पुलिस ने नाबालिग लड़की का पीछा करने में युवकों द्वारा इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में पीड़ित लड़की की मेडिकल जांच करवा ली गई है और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि हो गई है.

‘मोटरसाइकिल से लड़की का किया पीछा’

उन्होंने बताया कि 22 अक्टूबर की रात्रि पीड़िता अपने माता-पिता की सहमति से अपने कुछ दोस्तों के साथ रात्रि लगभग आठ बजे घर से बास्कोडीह के लिए निकली थी. रास्ते में बदमाशों की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने लड़की और उसके साथियों का मोटरसाइकिल से पीछा प्रारंभ कर दिया.

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रास्ते में उन्होंने इन सभी को घेर लिया और वहां अपने तीन और साथियों को बुला लिया. फिर सभी लड़की को जबरन खींचकर समीप की नहर के पास ले गए और वहां उन सभी ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया.

मेडिकल जांच में बलात्कार की पुष्टि

घटना की सूचना नाबालिग लड़की के माता-पिता ने देर रात्रि पुलिस को दी जिसके बाद पुलिस ने लड़की को इलाज और मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा. बलात्कार की पुष्टि के बाद पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की बलात्कार से जुड़ी धाराओं एवं पाक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपियों की पहचान अजय कुमार सिंह (18), गौतम कुमार सिंह (21), शंकर कुमार सिंह (22), कुश कुमार (22), दिसंबर कुंवर (18), अनिकेत (18) के रूप में की है.

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एक ऐसा देश, जहां कन्या भ्रूण हत्या चिंता का एक विषय बनी हुई है, उस देश के एक राज्य झारखंड के बोकारो जिले में स्थित 170 साल पुराने दुर्गा मंदिर में लोग बेटी की कामना करने आते हैं. हर साल की तरह ही इस बार भी चाकुलिया गाँव में दुर्गा पूजा की शुरुआत एक अनुष्ठान घटस्थापना के साथ हुई. घटस्थापना में 150 साल पुराने तांबे के बर्तन की पूजा की जाती है, इस दौरान भक्त बेटी की आस में देवी सिद्धिदात्री दुर्गा को एक भव्य सलामी देते हैं और उनकी पूरी श्रद्धा से पूजा करते हैं.

लोक साहित्य के मुताबिक, करीब 150 साल पहले कालीचरण नाम के एक व्यक्ति ने इसी मंदिर में मां सिद्धिदात्री दुर्गा से बेटी पाने की कामना की थी, जो पूरी हो गई थी. इसी को आधार बनाकर अब अधिकतर दंपति बेटी पाने की मनोकामना लेकर देवी सिद्धिदात्री दुर्गा के मंदिर में आते हैं.

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गांव के एक व्यक्ति मनोज कुमार ने बताया कि हर साल शादीशुदा जोड़े इस मंदिर में एक बेटी की चाह लेकर आते हैं, कई जोड़ों की मनोकामनाएं मां सिद्धिदात्री दुर्गा ने पूरी भी की है. गांव वाले यहां पूरी ध्यान और भक्ति के साथ दुर्गा पूजा करते हैं’.

सिद्धिदात्री दुर्गा देवी के भक्त ने कहा, ‘हमारा पास एक बेटा था, मगर परिवार को एक बेटी की चाह थी, कुछ साल पहले हमने मंदिर में आकर देवी की अराधना की थी, उनसे एक बेटी की कामना की थी, हमारी मनोकामना पूरी हो गई, हमें कुछ साल पहले ही एक बेटी देवी के आशीर्वाद के रूप में मिली है.

गांव की निवासी कात्यानी देवी ने बताया कि मनोकामना पूरी होने के बाद उन्होंने अपनी बेटी का नाम भवानी रखा. कात्यानी ने बताया कि ‘मेरी तरह ही कई लोग यहां बेटी की कामना करने आते हैं, यहां तक की गर्भवती महिलाएं भी बेटी की आस लेकर यहां देवी मां की अराधना करने आती है.

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झारखंड प्रदेश भाजपा ने राजद प्रमुख लालू यादव (Lalu Yadav) द्वारा न्यायिक हिरासत में रिम्स के केली बंगले में रहने के दौरान लगातार जेल नियमावली के उल्लंघन (Violation of Jail Manual) का आरोप लगाया. पार्टी ने कहा है कि इसके लिए लालू के साथ राज्य की हेमंत सोरेन सरकार भी पूरी तरह जिम्मेदार है.

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि केली बंगले में लंबे समय से जेल मैनुअल का उल्लंघन हो रहा है जो बिल्कुल भी नहीं रुक रहा. उन्होंने कहा कि बिहार राजद के नेता सईद अली ने लालू प्रसाद से मुलाकात की और इसकी तस्वीरों को फेसबुक पर साझा करते हुए लिखा की लालू प्रसाद को बिहार चुनाव की स्थिति पर अवगत कराया.

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सजायाफ्ता मुजरिम के साथ तस्वीर नहीं खिंचा सकते

प्रतुल ने कहा, जेल मैन्युअल के अनुसार आप किसी सजायाफ्ता मुजरिम के साथ तस्वीर नहीं खिंचा सकते. यहां बड़ा प्रश्न यह है कि अगर यह तस्वीर मोबाइल से ली गई है तो मोबाइल को केली बंगले के अंदर ले जाने की इजाजत किसने दी?

दूसरा जेल मैनुअल स्पष्ट करता है की सजायाफ्ता मुजरिम के साथ कोई राजनीतिक बातचीत नहीं होगी और असिस्टेंट जेलर स्तर का अधिकारी मुलाकात के दौरान मौजूद रहेगा, लेकिन इसका कतई पालन नहीं हो रहा है. उन्होंने नियमावली के उल्लंघन की इन घटनाओं के लिए पूरी तरह हेमंत सोरेन सरकार को जिम्मेदार ठहराया.

ज़मानत के बाद भी जेल में लालू

हाल ही में राजद अध्यक्ष और बिहार (Bihar) के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) को झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) से चाईबासा ट्रेजरी से अवैध निकासी मामले में जमानत मिली थी. हालांकि, लालू अभी जेल से बाहर नहीं आ पा रहे हैं, उन्हें दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में जेल में ही रहना है. मालूम हो कि देवघर और चाईबासा के एक अन्य मामले में लालू को पहले ही जमानत मिल चुकी है.

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रांची की सीबीआई अदालत ने चारा घोटाले से संबंधित चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में लालू को पांच साल की सजा सुनाई थी. लालू ने अपनी जमानत याचिका में कहा था कि उन्होंने इस मामले में अपनी आधी सजा काट ली है. इस आधार पर उन्हें जमानत दी जानी चाहिए. साथ ही उन्होंने अपनी बीमारी का भी हलावा दिया था.

भोजपुरी सिनेमा की हॉट एक्ट्रेस और टेलीविज़न की सेक्सी डायन मोनालिसा का आज है 38 वां जन्मदिन. इस खूबसूरत अदाकारा ने सिर्फ भोजपुरी ही नहीं हिंदी, बंगाली, तेलुगू, तमिल, कन्नड़ और उड़िया सिनेमा में भी अपना जलवा दिखाया है. सिर्फ फिल्मों के साथ-साथ टेलीविज़न पर भी मोनालिसा ने काफी धूम मचाई है. मोनालिसा को टीवी इंडस्ट्री की सेक्सी डायन कहां जाता है.

जी हां स्टार प्लस के सीरियल ‘नज़र’ में पहली बहार दर्शक हेरोइन के नहीं बल्कि नयी डायन के कायल होगये. उनके जन्मदिन के मौके पर आइये जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ अनकही बातें जिससे आप अंजान है.

क्या है असली नाम ?

मोनालिसा का असली नाम ‘अंतरा बिस्वास’ है. भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले मोनालिसा ने अपना नाम बदल दिया.

बंगाली परिवार से निकली भोजपुरी हीरोइन

बंगाली परिवार में जन्मीं मोनालिसा ने 16 साल की उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया था. वो एक रेस्टोरेंट में काम करती थीं. काम करते -करते उन्होंने उडि़या वीडियो में काम करना शुरू किया. कई बी ग्रेड फिल्मों में मोनालिसा ने काम किया है.

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की सुपरस्टार

शुरुआत में बी ग्रेड और लो बजट फिल्मों से शुरुआत करने वाली मोनालिसा धीरे- धीरे भोजपुरी फिल्मों की सुपरस्टार बन गयी. उन्होंने 1997 में फिल्म ‘सत्यमेव जयते’ से भोजपुरी फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत की थी. मोनालिसा ने 125 से ज्यादा भोजपुरी फिल्मों में काम किया है.

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बॉलीवुड फिल्म में भी किया है काम

मोनालिसा ने फिल्म ‘ब्लैकमेल’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. इस फिल्म में ​मोनालिसा ने सुनील शेट्टी और अजय देवगन के साथ काम किया था.

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देश के सबसे बड़े रियलिटी शो में की शादी

सबसे विवादित शो बिग बॉस में जहां लोगों के रिश्ते टूटते है वहां मोनालिसा ने नेशनल टीवी पर शादी की थी. अपने बॉयफ्रेंड विक्रांत के साथ बिग बॉस के घर लोनावला में मोनालिसा ने शादी की थी.

बदल दी डायन की छवि
हमेशा से टीवी और फिल्मों में डायन को भद्दा दिखाया जाता है.पर डायन की यह“स्टीरियोटाइप” छवि मोनालिसा ने बदल दी. जिसके बाद कई शो में सेक्सी डायन का दर्शन होने लगा

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जन्मदिन के कुछ दिन पहले किया बोल्ड फोटोशूट

हालहि में मोनालिसा ने अपने जिस्म पर कपड़ों के जगह सिर्फ फूल लपेटे हुए के बेहद हॉट फोटोशूट किया है.. खुले बाल और कानों में हरे रंग के टॉप्स के साथ अपने होठों पर हल्की गुलाबी लिपस्टिक लगाकर मोनालिसा ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया था. ये तस्वीरें खूब वायरल हुई थी.

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झारखंड (Jharkhand) के औद्योगिक शहर बोकारो से 30 किलोमीटर दूर, मारहरा गांव (Village) में इस साल ऑनलाइन (Online) दुर्गा पूजा के लिए पहली बार वाई-फाई (WiFi) लगाया जा रहा है. गांव में करीब 700 बंगाली परिवार रहते हैं, यहां पिछले 300 सालों से खास दुर्गा पूजा (Durga Pooja) का आयोजन किया जाता रहा है, जो परिवार पूजा का आयोजन करता है, उस परिवार के कुछ सदस्य इस साल कोरोना (Corona) संकट की वजह से वह इस साल गांव से दूर हैं. इसलिए ऑनलाइन दुर्गा पूजा की योजना बनाई गई है.

घोष परिवार द्वारा हर साल गांव में खास दुर्गा पूजा (Durga Pooja) आयोजित की जाती है, गांव के लोग पारंपरिक छऊ मुखौटे की पूजा करते हैं. यह इस इलाके में होने वाली एकमात्र पारंपरिक (Traditional) पूजा है. इस साल कोरोनोवायरस महामारी( Pandemic) की वजह से दुर्गा पूजा के आयोजन में बाधा आ रही थी, दरअसल पूजा का आयोजन करने वाले घोष परिवार के कई सदस्य इस साल गांव (Village) से दूर हैं, वह वापस गांव नहीं आ सकते. लेकिन फिर भी वह पारंपरिक दुर्गा पूजा को पुराने आंदाज में ही मनाना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने खास योजना बनाई है. घोष परिवार गांव में वाईफाई लगवा रहा है, जिससे पूजा का आयोजन किया जा सके.

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ऑनलाइन पूजा से जुड़ सकेगा पूरा गांव

मारहरा गांव में बिजली की बहुत दिकक्त है, और यहां नेटवर्क भी बहुत खराब है, बावजूद इसके गांव में पहला वाई-फाई लगने जा रहा है. वाई-फाई के जरिए परिवार के वरिष्ठ सदस्य घर बैठे ही दूसरे सदस्यों को भी पूजा से जोड़ सकेंगे. वह ऑनलाइन पारंपरिक पूजा कराएंगे.

गांव की स्थिति इतनी खराब है कि यहां पूरे दिन में 10 घंटे से भी कम समय के लिए बिजली आती है, ऐसी जगह पर वाई-फाई लगाना एक तकनीकी बदलाव है. दुर्गा पूजा के लिए इस इलाके में जनरेटर लगाया गया था.

परिवार से जब मीडिया ने ऑनलाइन पूजा के बारे में पूछा, तो उन्होंने बताया कि, एक बार जब दुर्गा पूजा करना शुरू की जाती है, तो इसे कभी भी छोड़ना संभव नहीं है. गांव के लोग उनके परिवार की पूजा के लिए पूरी साल इंतजार करते हैं, और मां से उनकी मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करते हैं. उन्होंने कहा कि इसीलिए उन्हें पूजा के लिए वाई-फाई का खास इंतजाम करना पड़ा.

गांव में पहली बार ऑनलाइन दुर्गा पूजा का आयोजन

घोष परिवार के सदस्यों की कोशिश की वजह से ही गांव में वाई-फाई लग सका. वाईफाई लगाने के लिए 300 मीटर का तार बिछाया जाना था, उन्होंने वायरिंग की लागत, राउटर लगाने समेत पूरा खर्चा खुद ही उठाया.

कोल इंडिया में काम करने परिवार के वरिष्ठ सदस्य वाले प्रदीप कुमार घोष ने युवा पीढ़ी द्वारा की गई नई पहल का स्वागत किया.

उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी के लिए जगह बनाना बड़ों का काम है. फिलहाल हम सब एक कठिन परिस्थिति से गुजर रहे हैं, अगर उन्होंने वाई-फाई के जरिए पूजा कर गांव वालों को जोड़ने की योजना बनाी है, तो यह अच्छी बात है.

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गांव में स्थानीय केबल ऑपरेटर, मजनू ने कहा कि उन्होंने 300 मीटर की केबल वायरिंग रखी है, घोष परिवार ने उन्हें इस पहल के बारे में बताया है, जिसे सुनकर वह दुर्गा पूजा के लिए काफी उत्सुक हैं. उन्होंने कहा कि एक बार वाई-फाई लगने के बाद गांव के दूसरे लोग भी उसका उपयोग कर सकते हैं.

झारखंड (Jharkhand) के सरायकेला-खरसावा जिले (Saraikela-Kharsanwa District) में पशु चोरी (Cattle Theft) में संलिप्त होने के आरोप में एक सहायक उपनिरीक्षक (Assistant Sub-Inspector) सहित पांच पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है. उत्तरी छोटानागपुर डिवीजन (Chhotanagpur Division) के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) एवी होमकर (AV Homkar) ने जानकारी देते हुए बताया, ‘रामगढ़ (Ramgarh) में शनिवार को आदित्यपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में उन्हें गिरफ्तार किया गया था. इन पुलिसकर्मियों ने अवैध ट्रक से पांच गोवंशों को अवैध रूप से स्थानांतरित कर 32 मवेशियों के साथ एक निजी वाहन से भेजा गया था’.

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अधिकारी ने बताया, ‘पांचों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था, वे पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला सब-डिवीजन के चाकुलिया में एक पशु आश्रय में मवेशी ले जा रहे ट्रक को बचा रहे थे. पांचों को रामगढ़ जिले के रजरप्पा पुलिस स्टेशन में तैनात किया गया था’, डीआईजी ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

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झारखंड के दुमका से एक नाबालिक बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आया है. रामगढ़ के ठाडी के पास दिनदहाड़े एक 12 साल की नाबालिक आदिवासी बच्ची के साथ गैंगरेप के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई. यह घटना तब हुई जब बच्ची ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकली थी.

जानकारी के मुताबिक, छात्रा ट्यूशन पढ़ने के लिए अपने गांव से धर्मपुर सिंदुरिया के लिए निकली थी, जहां से, वो करीब 9.30 बजे अपने घर की ओर वापस लौट रही थी, घटनास्थल पर अपराधी पहले से ही घात लगाए बैठे थे, बच्ची को आते देख अपराधियों ने उसकी सइकिल रोकी और जबरन उसे झाड़ियों में ले गए, जहां उन्होंने बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और पकड़े जाने के डर उसकी गला घोटकर हत्या कर दी, इसके बाद दरिंदों ने लड़की के शव को वहीं पलास की झाड़ी में फेंक दिया.

झाड़ियों में मिला बच्ची का शव

परिजनों के मुताबिक, बच्ची हर रोज की तरह सुबह 7.30 बजे ट्यूशन के लिए निकली थी, मगर जब वो अपने समय (10 बजे) तक वापस घर नहीं लौटी, तब बच्ची के पिता अपनी बेटी को ढूंढ़ने के लिए निकले, इसी दौरान ठाडी गांव के काली मंदिर के पास उन्हें बेटी की साइकिल जमीन पर पड़ी मिली, थोड़ा और खोजने के बाद झाड़ियों के बीच उन्हें अपनी बच्ची का शव मिला, इसके बाद परिजनों ने घटना की जानकारी रामगढ़ पुलिस को दी. पुलिस को शक है कि बच्ची के साथ पहले सामूहिक दुष्कर्म किया गया है और फिर हत्या कर दी गई. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस अपराधियों की तलाश में जुट गई है.

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मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दुमका में बारह साल की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिदेशक को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं, साथ ही सभी जिला प्रशासन एवं जिला पुलिस को ऐसे घृणित मामलों की जाँच कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के निर्देश दिए हैं.

घटना पर सियासत गर्म

इस घटना को लेकर अब राजनीति तेज हो गई है, भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने हेमंत सोरेन सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है, ‘जिस प्रकार एक नाबालिग आदिवासी छात्रा की कथित सामूहिक बलात्कार के बाद निर्मम हत्या की गयी है, ये सरकार के असली चेहरे को जनता के सामने उजागर कर रहा है’.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाथरस घटना की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘झारखंड में हाथरस की तरह कार्रवाई नहीं होगी’. उन्होंने कहा, ‘मैं भाजपा को बताना चाहता हूं कि यह हमारा झारखंड है, उत्तरप्रदेश नहीं. यहां हाथरस की तरह रात के अंधेरे में पेट्रोल छिड़क अपनी नाकामी छिपाने की साजिश नहीं होगी. पत्रकारों समेत सरकार की नाकामी के खिलाफ आवाज उठाने वालों को भी यहां प्रताड़ित नहीं किया जाएगा.

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दिल्ली (Delhi) की एक अदालत (Court) ने बुधवार को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले (Coal Block Allocation Case) में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दिलीप रे (Dilip Ray) और पांच अन्य की सजा पर 26 अक्टूबर तक के लिए आदेश सुरक्षित रख लिया. राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश भरत पराशर ने 6 अक्टूबर को, उन्हें इस मामले में दोषी ठहराया था और कहा था कि इन लोगों ने कोयला ब्लॉक के आवंटन की खरीद को लेकर एक साथ साजिश रची थी. यह मामला 1999 में कोयला मंत्रालय की 14 वीं स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा कैस्ट्रन टेक्नोलजीज लिमिटेड के पक्ष में झारखंड के गिरिडीह जिले में 105.153 हेक्टेयर गैर-राष्ट्रीयकृत और परित्यक्त कोयला खनन क्षेत्र के आवंटन से संबंधित है.

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे दिलीप रे के अलावा, कोयला मंत्रालय के दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारी- प्रदीप कुमार बनर्जी, तत्कालीन अतिरिक्त सचिव और नित्या नंद गौतम, पूर्व सलाहकार (परियोजनाएं), और कैस्ट्रन टेक्नोलजीज लिमिटेड के निदेशक महेंद्र कुमार अग्रवाल और कैस्ट्रन माइनिंग लिमिटेड को भी दोषी पाया गया है.

‘सभी दोषियों ने एक साथ रची साजिश’

विशेष न्यायाधीश ने निष्कर्ष निकाला कि, “इसमें कोई शक नहीं है कि सभी दोषियों ने एक साथ साजिश रची ताकि कैस्ट्रन टेक्नोलजीज लिमिटेड के पक्ष में ब्रह्माडीह कोयला ब्लॉक का आवंटन प्राप्त किया जा सके.”

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अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धाराओं 120 बी (आपराधिक साजिश) 409 (आपराधिक विश्वासघात) और धारा 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के विभिन्न धाराओं के तहत अपराधों का दोषी ठहराया.

इसके अलावा, कैस्ट्रन टेक्नोलजीज लिमिटेड के महेश कुमार अग्रवाल और कैस्ट्रन माइनिंग लिमिटेड को भी भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध के लिए 379 (चोरी की सजा) और 34 (आम इरादे) के तहत दोषी ठहराया गया था. दोषियों को सजा पर बहस अदालत द्वारा 14 अक्टूबर को सुनी जानी थी.

मामले में 51 गवाहों की हुई जांच

मामले में 51 गवाहों की जांच की गई. अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामले के तथ्यों और परिस्थितियों ने स्पष्ट रूप से निजी पार्टियों और जन सेवकों द्वारा आपराधिक साजिश रचने की बात कही है.

सीनियर पब्लिक प्रॉसिक्यूटर एपी सिंह ने अदालत को बताया था कि ब्रह्मडीह कोयला ब्लॉक निजी पार्टियों को आवंटित किया जाने के तौर पर पहचाना गया कैप्टिव कोल ब्लॉक नहीं था, यहां तक कि स्क्रीनिंग कमेटी भी किसी कंपनी को कैस्ट्रन टेक्नोलजीज लिमिटेड से कम आवंटन पर विचार करने के लिए सक्षम नहीं थी.

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धनबाद (Dhanbad) सुदामडीह थाना क्षेत्र के भौंरा में सत्ताधारी JMM (झारखंड मुक्ति मोर्चा) के नेता शंकर रवानी और उनकी पत्नी की गला रेत कर निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई है. दोनों का शव भौंरा के गौरखूंटी स्थित घर में खून से लथपथ मिला है. JMM नेता की हत्या के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल शुरुआत कर दी है. इस वारदात को दो परिवारों के बीच काफी वक्त से चल रहे खूनी संघर्ष के परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है.

धनबाद जिले के भौरा गौर खूंटी निवासी व झामुमो नेता शंकर रवानी और उनकी पत्नी बालिका देवी की गला रेत कर हत्या कर दी गई. बदमाशों ने शनिवार रात वारदात को अंजाम दिया. सूचना के बाद पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई है. बताया जा रहा है कि दंपति पर चाकू से हमला करने के बाद गोली भी मारी गई.

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घर में घुसकर वारदात को दिया अंजाम

शनिवार रात झामुमो नेता शंकर रवानी और उनकी पत्नी बालिका देवी घर में सो रहे थे. तभी बदमाशों ने घर में घुसकर दोनों की हत्या कर दी. घर में किसी और के न होने के चलते वारदात की जानकारी सुबह ही मिल पाई.

शंकर रवानी का बेटा करण रवानी 22 साल का है और बाहर पढ़ाई करता है. फिलहाल हत्या का कारण आपसी रंजिश बताया जा रहा है. डीएसपी ने कहा है कि जल्द ही हत्यारों को पकड़ लिया जाएगा. घटनास्थल से पुलिस ने चाकू और नाइन एमएम का एक खोका ज़ब्त किया है. घटना के चलते लोगों में गुस्सा है. परिवार की रंजिश में बड़े बेटे कुणाल की भी अपराधियों ने हत्या कर दी थी.

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झारखंड के मुख्यमंत्री (Jharkhand CM) हेमंत सोरेन द्वारा बीजेपी नेता निशिकांत दुबे के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे (Defamation Case)  पर रांची कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई, इस दौरान निशिकांत दुबे के वकील (Lawyer) ने कहा कि उनके क्लाइंट और दूसरों के खिलाफ गलत तरीके से केस दायर (Wrongly Instituted) किया गया है, इस मामले में कोई भी निषेधाज्ञा (Injunction) लागू नहीं हो सकती.

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने हाल ही में बीजेपी नेता निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) और अन्य के खिलाफ 100 करोड़ से ज्यादा का मानहानि का दावा ठोका है. दावे में कहा गया है कि निशिकांत दुबे ने उनको बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया (Social Media) का सहारा लिया, उनके खिलाफ सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की गई.

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ट्विटर-फेसबुक पर मानहानि का मामला गलत-वकील

कोर्ट में बीजेपी नेता निशिकांत दुबे का पक्ष रख रहे वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि यह मुकदमा ठीक नहीं है, क्यों कि अभियोगी पक्ष को अपने खुद के स्टैंड की भी जानकारी नहीं है. सिविल कोर्ट रांची में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई सुनवाई में वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि दोनों बचावकर्ताओं,  ट्विटर इंडिया लिमिटेड और फेसबुक इंडिया ऑनलाइन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड को इस मामले में गलत तरीके से घसीटा गया है, दोनों का ही ऑपरेशन और मैनेजमेंट में कोई रोल नहीं है.

वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि उनकी दोनों कंपनियों की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उनकी सेवाओं की शर्तें मौजूद हैं, जिसके हिसाब से यह एक पब्लिक डोमेन है, दोनों को अमेरिका में ऑफिसों से कंट्रोल किया जाता है. फेसबुक की तरफ से मैजूद काउंसिल ने भी विजय अग्रवाल की दलीलों से सहमति जताई.

बीजेपी नेता निशिकांत पर ठोंका 100 करोड़ से ज्यादा का दावा

उन्होंने कहा कि निशिकांत दुबे ने सार्वजनिक तौर पर जो भी कहा वह निष्पक्ष विचार और निष्पक्ष आलोचना के कानून के तहत आता है. इसीलिए सार्वजनिक रूप से निष्पक्ष टिप्पणी के परीक्षण के तौर पर निषेधाज्ञा से राहत नहीं दी जा सकती .

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सीएम हेमंत सोरेन की तरफ से बीजेपी सांसद निशिकंत दुबे के खिलाफ 100 करोड़ से ज्यादा का  मानहानि का दावा ठोंका, मामले में सोशल मीडिया साइट फेसबुक और ट्विटर को भी आरोपी बनाया गया. कोर्ट ने निशिकांत दुबे और दो अन्य लोगों के खिलाफ सीएम सोरेन के केस को स्वीकार कर लिया.

कांग्रेस (Congress) ने आगामी विधानसभा उपचुनाव (Assembly Byelection 2020) के लिए अपने 6 उम्मीदवारों की एक लिस्ट जारी कर दी है. इसमें उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की पांच और झारखंड (Jharkhand) की एक विधानसभा सीट के लिए कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है.

मालूम हो कि उत्तर प्रदेश की साती सीटों पर उपचुनाव होंगे. इसी कड़ी में कांग्रेस ने पांच सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम जारी कर दिए हैं, जिसके मुताबिक, पार्टी ने नौगांव सादात से कमलेश सिंह, बुलंदशहर से सुशील चौधरी, टूंडला से स्नेहलता, घाटमपुर से कृपाशंकर और देवरिया से नितिन भास्मकर मणि त्रिपाठी को उम्मीदवार घोषित किया है.

इसके साथ ही कांग्रेस ने झारखंड की बेरमो विधानसभा सीट से कुमार जयमंगल को टिकट दिया है.

भीमा कोरेगांव (Bhima Koregaon) मामले में एनआईए (NIA) की टीम ने गुरुवार को झारखंड के 83 साल के कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी (Stan Swami) को उनके रांची आवास से गिरफ्तार कर लिया. स्टेन स्वामी को एल्गर परिषद (Elgaar Parishad) मामले में हिरासत में लिया गया है, इस मामले में यह 16 वीं गिरफ्तारी है. सोमवार और मंगलवार को भी इस मामले में गिरफ्तारियां की गई थीं.

एनआईए की टीम (NIA Team) ने एल्गर परिषद मामले में फादर स्टेन स्वामी से जुलाई और अगस्त महीने में पूछताछ की थी, और इस हफ्ते भी उन्हें पूछताछ के लिए मुंबई ऑफिस (Mumbai Office) में बुलाया गया था, लेकिन एक बयान में स्टेन स्वामी ने कहा था कि उम्र और कोरोना महामारी (Corona Pandemic) की वजह से वह यात्रा नहीं कर सकते, उन्होंने कहा कि उन्होंने एनआईए (NIA) को यह भी बताया था कि झारखंड सरकार के निर्देशों (According to Jharkhand Government Guideline) के मुताबिक 60 साल से ज्यादा उम्र को लोग सार्वजनिक रूप से उपस्थित नहीं हो सकते हैं, इसलिए उनसे वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ की जाए.

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‘सरकार से सवाल करने पर बनाया जा रहा निशाना’

स्टेन स्वामी ने यह भी कहा था कि उनके साथ जो कुछ भी हो रहा है, वह बहुत अजीब नहीं है, कई कार्यकर्ताओं ,वकीलों, लेखकों, पत्रकारों, छात्र नेताओं, कवियों, बुद्धिजीवियों और अन्य जो आदिवासियों, दलितों के अधिकारों के लिए खड़े, वह देश की सत्तारूढ़ शक्तियों के निशाने पर हैं. एनआईए ने दावा किया है कि आरोपी स्टेन स्वामी के माओवादियों से जुड़े हुए थे.

वहीं स्टेन स्वामी ने एनआईए के उस दावे को झूठा बताया, जिसमें उनके माओवादी ताकतों के साथ संबंध की बात कही जा रही थी. उन्होंने कहा कि उन्हें आदिवासियों के लिए काम करने और सरकार से भूमि अधिकारों, सामुदायिक सदस्यों के प्रतिनिधित्व और वन अधिकारों के मुद्दों पर सवाल करने की वजह से उन्हें रास्ते से हटाने की कोशिश की जा रही है.

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‘दुश्मनी की भावना से की गई फादर स्टेन की गिरफ्तारी’

पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) ने फादर स्टेन स्वामी की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि एनआईए द्वारा फादर स्टेन की गिरफ्तारी दुर्भावनापूर्ण और द्वेषपूर्ण है, फदर स्टेन ने लगातार चरमपंथी वामपंथी ताकतों या माओवादियों के साथ किसी भी लिंक से इनकार किया है.

बतादें कि एनआीए (NIA) ने सोमवार को आरोपी सागर तोताराम और मुरलीधर गाइचोर की भी  गिरफ्तारी की थी, वहीं  मंगलवार को NIA ने भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में ज्योति राघोबा जगताप को गिरफ्तार किया था.

झारखंड के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी (Haji Hussain Ansari) का निधन हो गया. मेदांता अस्पताल में शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली. वह 73 वर्ष के थे. कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद से वह अस्पताल में भर्ती थे. हालांकि शुक्रवार को उनकी कोविड जांच रिपोर्ट नेगेटिव आयी थी.

राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता हाजी हुसैन अंसारी के निधन की सूचना दी. मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा, ‘सरकार में मेरे साथी मंत्री आदरणीय हाजी हुसैन अंसारी साहब जी के निधन से अत्यंत आहत हूं.

हाजी साहब ने झारखण्ड के गठन के लिये आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई थी. वह सरल भाव और दृढ़ विश्वास वाले जन नेता थे’ सोरेन ने कहा, ‘परमात्मा हाजी साहब की आत्मा को शांति प्रदान कर परिवार को दुःख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे.’

मेदांता अस्पताल के प्रवक्ता ने बताया कि अंसारी के संक्रमण से उबरने के बाद शुक्रवार को उनकी कोविड-19 जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई थी, लिहाजा उनकी मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण से नहीं हुई.

उन्होंने बताया कि उनकी मृत्यु आज शाम हृदय गति रुक जाने से हुई. अंसारी के परिजनों ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व ही उनके हृदय की शल्य चिकित्सा हुई थी.

इस बीच, झारखंड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता विनोद पांडेय ने अंसारी के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा, ‘हाजी हुसैन अंसारी का जाना पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है. वह पार्टी के प्रति पूरी तरह समर्पित थे और बहुत ही सरल स्वभाव के थे.

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी उनके निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा, ‘अंसारी के निधन से मैं व्यक्तिगत रूप से बहुत दुखी हूं. वह बहुत ही सरल स्वभाव के थे और उन्होंने राजनीति का स्तर सदा उंचा बनाये रखा.’ उन्होंने कहा कि ऐसी प्रारंभिक सूचना मिली है कि अंसारी की मृत्यु कोरोना से नहीं हुई है.

केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा औ पूर्व सीएम रघुवर दास ने जताया शोक

केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने अंसारी के निधन पर शोक प्रकट किया है और कहा कि अंसारी के निधन से राज्य की राजनीति में एक सूनापन आ गया है.

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी अंसारी के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.

इससे पूर्व इस वर्ष मार्च में दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए तबलीगी जमात के मरकज से लौटने के बाद अंसारी तथा उनके पुत्र घर पर ही पृथक-वास में रहे थे.

झारखंड के मधुपुर विधानसभा से अंसारी झामुमो के टिकट पर चार बार विधायक निर्वाचित हुए थे. दिसंबर 2019 में विधायक निर्वाचित होने के बाद उन्हें हेमंत सोरेन सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाया गया था.

मानव तस्करी की आशंका के चलते रांची रेलवे स्टेशन पर 14 लड़कियों को रेलवे पुलिस ने रोक लिया. इसमें 8 नाबालिग लड़कियां भी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि इन्हें सिलाई ट्रेनिंग का लालच देकर हैदराबाद ले जाया जा रहा था. इन लड़कियों को ले जा रही है मीना देवी नाम की महिला को रेलवे पुलिस ने पकड़ा है. महिला पर ट्रेनिंग के लिए वैध दस्तावेज नहीं दिखाने का आरोप है. फिलहाल सभी लड़कियों को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है.

घरवालों को भी नहीं थी सही जानकारी

दरअसल देर रात संदिग्ध अवस्था में रेलवे सुरक्षा बल की महिला जवान ने उन्हें देख लिया. जिसके बाद उसने वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले की सूचना दी.

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मामले की पूछताछ में शुरूआत में ही शक होने पर अधिकारियों को संदेह हुआ. विस्तृत पूछताछ की गई तो पता चला कि उन्हें सिलाई ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद ले जाया जा रहा था.

हालांकि इनके पास से ट्रेनिंग से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या कागज़ नहीं मिला. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब लड़कियों के घरवालों से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने भी इस बारे में कोई जानकारी होने से इनकार कर दिया. ये सभी लड़कियां लातेहर ज़िले की रहने वाली बताई गई हैं.

झारखंड (Jharkhand) की हेमंत सोरेन सरकार ने दो अक्टूबर को कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं, कोरोना महामारी के बीच दुर्गा पूजा (Durga Pooja) और दशहरा (Dussehra) मनाने के लिए सरकार द्वारा जारी इन दिशा निर्देशों (Guidelines) का पालन लोगों को करना होगा.

झारखंड सरकार (Jharkhand Government) ) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक एक समय में दुर्गा पूजा पंडाल और मंडप (Durga Pooja Pandal, Mandap) के अंदर केवल सात ही लोग जा सकेंगे. इन सात लोगों (Seven People) में ही आयोजक, पुजारी और अन्य सहायक कर्मचारी भी शामिल होंगे. सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक अनुष्ठान (Retual) के दौरान जनता को दुर्गा पंडाल के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसके अलावा, भीड़ को रोकने के लिए इस साल थीम पर आधारित पंडालों (Theme Based Pandal) को बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

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इस साल दुर्गा पूजा के लिए नहीं बनेंगे थीम आधारित पंडाल

दुर्गा पूजा उत्सव के लिए जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक पूजा विशेष रूप से बनाए गए छोटे पंडालों में ही की जा सकेगी. जहां सार्वजनिक भागीदारी नहीं होगी, सिर्फ पारंपरिक रूप से पूजा, अनुष्ठान किया जाएगा. लोगों के देखने के दौरान दुर्गा प्रतिमा और पंडालों को चारो तरफ से कवर किया जाना भी जरूरी होगा. इस साल थीम पर आधारित पंडाल और मंडप नहीं बनाए जाएंगे.

दुर्गा प्रतिमा वाली जगह को छोड़कर सरकार ने दूसरी जगह पर लाइट डेकोरेशन पर भी प्रतिबंध लगाया है. इसके साथ ही हर साल की तरह इस साल दुर्गा पांडालों में आयोजकों को फूड स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं दी गई है. झारखंड सरकार ने ये कदम कोरोना महामारी को देखते हुए बचाव के लिए उठाए हैं.

सरकारी आदेश में आगे कहा गया है कि दुर्गा पांडाल में इस साल कोई संगीत, मनोरंजन या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होगा. इसके साथ ही कोई सामुदायिक प्रसाद, भोग वितरण समारोह भी आयोजित नहीं किया जाएगा. पूजा समितियों के आयोजकों को किसी भी रूप में कोई निमंत्रण जारी करने की भी अनुमति नहीं होगी, इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए स्थानों पर ही मूर्ति विसर्जन की अनुमति दी जाएगी.

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कोरोना महामारी की वजह से जरूरी कदम उठा रही सरकार

इस साल कोरोना महमारी के प्रकोप की वजह से सभी त्योहार फीके पड़ गए हैं.सार्वजनिक जगहों पर भीड़ को रोकने के लिए सरकार जरूरी कदम उठा रही है, जिससे लोग बीमारी से बचे रह सकें. अनलॉक-5 के तहत यूपी में तो धार्मिक अनुष्ठानों की अनुमति दी गई है, इसके साथ ही सार्वजनिक समारोह में 100 लोगों के जाने की छूट है, लेकिन झारखंड सरकार ने दुर्गा पूजा और दशहरा के लिए अलग दिशा-निर्देश जारी किए हैं. दरअसल बंगाल, बिहार और झरखंड में दुर्गा पूजा का उत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है, इन राज्यों में दुर्गा पूजा का खास महत्व है. झारखंड संरकार ने लोगों के बचाव के लिए दुर्गा पंडालों में एक समय में सिर्फ सात लोगों को ही प्रवे की अनुमति दी है.

झारखंड के शिक्षा और साक्षरता मंत्री जगरनाथ महतो (Jagarnath Mahto) ने बुधवार को झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की 10वीं और 12वीं की परीक्षा के टॉपर्स को कार गिफ्ट की. मंत्री ने रांची में विधानसभा परिसर में टॉपर्स को सम्मानित किया. उन्होंने बताया कि महंगे गिफ्ट देकर वो सरकारी स्कूल के छात्रों को प्रोत्साहित करना चाहते हैं.

राज्य में मैट्रिक की परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद मंत्री ने टॉपर्स को कार भेंट करने की घोषणा की थी. नंबरों की जांच करने के बाद JAC ने स्टेट टॉपर्स के नामों की घोषणा कर दी. काउंसिल ने रिजल्ट की घोषणा के दौरान टॉपर्स के नामों का खुलासा नहीं किया था.

ये हैं दो टॉपर्स

झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने अमित कुमार को 12वीं का स्टेट टॉपर घोषित किया. अमित सरिया (गिरिडीह) के SRSSR हाई स्कूल के छात्र हैं, जिन्होंने साइंस स्ट्रीम से 12वीं में टॉप किया है. अमित ने 500 में से 457 अंक प्राप्त कर 91.4% के साथ टॉप किया.

वहीं नेतरहाट रेजिडेंशियल स्कूल के छात्र मनीष कुमार कटियार को JAC ने 10वीं बोर्ड परीक्षा का स्टेट टॉपर छोषित किया गया है. मनीष ने 500 में 490 नंबर स्कोर कर 98% के साथ टॉप किया है.

उठाएंगे पढ़ाई का खर्च

शिक्षा मंत्री के साथ झारखंड असेंबली स्पीकर रविंद्र नाथ महतो ने अमित और मनीष को कार की चाबियां सौंपी. शिक्षा मंत्री ने कहा, ‘आज मैंने अपना वादा पूरा किया. टॉपर्स को कार भेंट करने के पीछे सिर्फ बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना ही उद्देश्य है.’

शिक्षा मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि अगले साल से वो टॉपर्स की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च उठाएंगे. हाल ही में 53 वर्षीय शिक्षा मंत्री ने 25 साल बाद अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए 11वीं में दाखिला लिया है.

12वीं के टॉपर अमित कुमार ने कहा, ‘मैं इस गिफ्ट से बहुत खुश हूं. मैंने इसके बारे में कभी नहीं सोचा था. शिक्षा मंत्री के इस गिफ्ट से बच्चों को प्रोत्साहन मिलेगा.’ 10वीं के टॉपर मनीष ने कहा, ‘मुझे बहुत खुशी महसूस हो रही है, जिसे मैं शब्दों में नहीं बता सकता. इस गिफ्ट से मुझे आगे की पढ़ाई में और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा मिलेगी.’

बाइक और साइकिलें भी बांटी

शिक्षा मंत्री ने अपने विधानसभा क्षेत्र में कई मेरिटोरियस छात्रों को बाइक और साइकिल भी बांटी. उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा में बोकारो जिले के टॉपर को मोटर साइकलि गिफ्ट की. बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को 340 साइकिलें भी शिक्षा मंत्री ने बांटी.

बता दें कि इस साल झारखंड में 2,31,300 छात्रों ने 12वीं की परीक्षा दी थी, जिसमें से 1,71,647 छात्र पास हुए. वहीं 3,85,144 छात्रों ने 10वीं की परीक्षा दी थी, जिसमें 2,88,928 छात्र पास हुए.

रांची से 110 किलोमीटर दूर सिमडेगा जिले (Simdega district) के कोलेबिरा ब्लॉक में एक महिला को डायन होने का आरोप लगाने पर पुलिस ने मंगलवार को छह महिला सहित 9 लोगों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने महिला के बाल काट दिए और उसे गांव में परेड करने को मजबूर किया. सिमडेगा के पुलिस अधीक्षक एसपी डॉ. शम्स तबरेज ने बताया, “पीड़िता ने सोमवार को शिकायत दर्ज कराई थी. उनकी शिकायत के आधार पर हमने एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया. टीम ने सभी 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.”

जानकारी के अनुसार यह घटना शनिवार को कोलेबिरा ब्लॉक के कोम्बाकेरा गांव में घटी. जहां गांव के लोगों ने 55 वर्षीय महिला को डायन (Dayan) करार दिया. गांव वालों ने आरोप लगाया कि महिला ने काला जादू (black magic) किया था जिस कारण एक महीने पहले एक लड़के की मौत हो गई थी. गांव वालों ने उसे सजा देने का फैसला किया. पुलिस के मुताबिक उन लोगों ने सबके सामने महिला के बाल काटे और फिर पूरे गांव में घूमने पर मजबूर किया.

पुलिस के कहने पर महिला ने दर्ज कराई शिकायत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोलेबिरा थाने के प्रभारी अधिकारी रामश्वर भगत ने कहा, “ग्रामीणों के डर की वजह से महिला मे पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी. जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने सोमवार को गांव का दौरा किया और पीड़ित महिला को पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा था.”

उन्होंने आगे कहा कि महिला ने सोमवार को शिकायत दर्ज की. उनकी शिकायत के आधार पर 9 नाजमद और 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. आरोपियों के खिलाफ आईपीसी के विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.

कोलेबिरा में सभी आरोपियों का कोविड-19 परीक्षण

सिमडेगा के सब डिविजनल पुलिस अधिकारी (SDPO) राज किशोर ने कहा, “वे मंगलवार सुबह गांव के लिए रवाना हुए. ग्रामीणों का एक वर्ग पुलिस की कार्रवाई का विरोध कर रहा था, लेकिन हमने इस मामले के सभी नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.” सभी आरोपियों का कोलेबिरा में कोविड-19 (Covid-19) परीक्षण किया गया.

झारखंड सरकार (Jharkhand Government) ने कुर्मी समेत 36 पिछड़ी जातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की केंद्रीय सूची में शामिल करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है. हालांकि इस लिस्ट में कुछ नाम वो हैं जो पहले से ही केंद्रीय सूची का हिस्सा है, इनमें कुर्मी, चंद्रवंशी और चास समुदाय हैं. केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल होने से इन जातियों को केंद्र सरकार की नौकरियों और केंद्रीय शिक्षा संस्थानों में प्रतिनिधित्व मिल सकेगा. AJSU विधायक लम्बोदर महतो के एक सवाल पर सोमवार को विधान सभा के चल रहे मानसून सत्र में लिखित जवाब में सरकार ने कहा कि 36 जातियां नई सूची में शामिल की गईं.

क्या है केंद्र को भेजे गए पत्र में

वंदना डाडेल द्वारा केंद्र सरकार को भेजे गए पत्र के मुताबिक इन जातियों को पहले ही पिछड़ी जाति-अनुसूची के रूप में अधिसूचित किया जा चुका है. झारखंड में शैक्षणिक संस्थानों / या सरकारी नौकरियों में नियुक्तियों में आरक्षण के लाभ का विस्तार करने के उद्देश्य से बैकवार्ड क्लास शेड्यूल 1 और बैकवार्ड क्लास शेड्यूल 2 शामिल कर लिया गया है. हालांकि इन जातियों के केंद्रीय सूची में शामिल होने का अभी इंतज़ार है.

अधिकारी सरकार को कर रहे गुमराह

महतो ने कहा कि पहले से ही केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल कई जातियों को फिर से सूचीबद्ध करने के लिए भेजा गया था. उदाहरण के लिए, कुर्मी, चंद्रवंशी और चास समुदाय पहले से ही केंद्रीय सूची में हैं और झारखंड सरकार का कहना है कि वे नहीं हैं. मैं इसे विधानसभा में उठाऊंगा कि सरकार में अधिकारी उन्हें गुमराह कर रहे हैं.

राज्य की आबादी का अनुमानित 10-12% हिस्सा कुर्मी समुदाय भी अनुसूचित जनजाति (एसटी) की स्थिति की मांग कर रहा है. उनके नेताओं का दावा है कि राज्य विधानसभा की 25 प्रतिशत से अधिक सीटों पर उनका वोट महत्वपूर्ण हो सकता है.

सभी दलों के लिए ये बड़ा चुनावी मुद्दा रहा

झारखंड में सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में ओबीसी कोटा बढ़ाना राज्य के सभी राजनीतिक दलों के सबसे बड़े चुनावी वादों में से एक रहा है. विधानसभा चुनावों से पहले झारखंड में एक चुनावी रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि भाजपा ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया है. उन्होंने कहा था कि अगर राज्य में भाजपा को वोट दिया गया तो ओबीसी को ज़्यादा आरक्षण देने के लिए एक समिति बनाई जाएगी. वर्तमान में झारखंड में ओबीसी जनसंख्या का लगभग 46% है और 14% आरक्षण कोटा है.

झारखंड में ट्रिपल मर्डर का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. इन तीनों को भीड़ ने पीट-पीटकर (Jharkhand lynching) मार डाला. मिली जानकारी के मुताबिक, मारे गए लोगों में एक महिला, उसका प्रेमी और उसका दोस्त शामिल हैं. तीनों को गांव वालों ने इसलिए मार डाला क्योंकि महिला ने दोनों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी थी.

खबरों के मुताबिक, मामला झारखंड के गुमला जिले का है. वहां मंगलवार को यह सब घटा. बताया गया कि नीलम नाम की महिला ने अपने प्रेमी सुदीप और उनके दोस्त पाकी कल्लू के साथ मिलकर अपने पति मोरनस को मौत के घाट उतार दिया. उन्होंने सोमवार को इस मर्डर को अंजाम दिया था.

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गांववाले बोले, हो रही थी बदनामी

फिर मंगलवार को जब गांववालों को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने तीनों को पीट-पीटकर मार डाला. एक गांववाले ने कहा कि महिला का किसी से अफेयर और फिर पति की हत्या पूरे गांव के लिए बदनामी की बात थी. फिलहाल पुलिस ने चारों शवों को वहां से हटा दिया है. इस मामले की जांच शुरू हो चुकी है. उनकी लोगों की पहचान की जा रही है जो लिंचिंग का हिस्सा थे.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने शनिवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख और चारा घोटाला मामले में सजा पा चुके लालू प्रसाद यादव से आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) को लेकर उनसे मुलाकात की.

यह मुलाकात राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (RIMS) के डायरेक्टर के आधिकारिक आवास पर हुई. लालू को कोरोनावायरस के चलते RIMS अस्पताल में पेइंग वार्ड में रखा गया है. दोनों की इस मुलाकात में राजनीति पर चर्चाएं हुईं.

सोरेन ने बिहार के पूर्व सीएम से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि वह लालू यादव (Lalu Prasad Yadav) का हालचाल पूछने के लिए उनसे मिलने मिलने गए थे और इसी के साथ उनकी लालू से बिहार में मिलकर चुनाव लड़ने पर भी बात हुई है. उन्होंने कहा कि अब लालू का स्वास्थ्य पहले से बेहतर है.

JMM 12 सीटों पर लड़ना चाहती है चुनाव

मुख्यमंत्री सोरेन ने पत्रकारों से कहा, “मैं जानता हूं आप सभी बिहार चुनाव के बारे में जानने के लिए इकट्ठे हुए हैं. लालू से लंबे समय बाद मुलाकात हुई. हमारी पार्टी RJD के साथ गठबंधन कर बिहार चुनाव लड़ना चाहती है. कौन किस तरह की भूमिका निभाएगा, इसकी जानकारी बाद में दी जाएगी.”

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) 12 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहता है, लेकिन पार्टी का फिलहाल बिहार में कोई विधायक नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2005 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के पास एक सीट थी.

चाईबासा मामले में जमानत के लिए लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) को 9 अक्टूबर तक इंतजार करना होगा. बता दें कि सजा की आधी अवधि को आधार बनाकर लालू यादव ने हाई कोर्ट में जमानत अर्जी दी थी. अदालत के मुताबिक आधी अवधि पूरी होने में अभी 26 दिन कम हैं. सीबीआई कोर्ट ने लालू यादव को चाईबासा केस में 5 वर्ष की सजा दी थी. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 अक्टूबर की तारीख तय की है.

जमानत याचिका में कहा गया कि लालू यादव ने आधी सजा पूरी कर ली है और उनका स्वास्थ्य अच्छा नहीं है. वो कई तरह की बीमारी आदि से पीड़ित है. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लालू यादव की जमानत की अर्जी काफी अहम मानी जा रही है.

बता दें कि चारा घोटाले से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद लालू 23 दिसंबर  2017 से हिरासत में हैं. उन्हें मई 2018 में इलाज के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी, जिसे बाद में झारखंड हाईकोर्ट ने उसे रद्द कर दिया था. अगस्त 2018 से उनका RIMS में इलाज चल रहा है.

 

 

झारखंड विधानसभा (Jharkhand Assembly) का मानसून सत्र 18 से 22 सितंबर 2020 तक होगा. विधानसभा स्पीकर रबिंद्रनाथ महतो ने इसके लिए अनुमति दे दी है. कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर सत्र की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया गया है. स्टाफ समेत विधायकों के लिए गाइडलांइस और एसओपी जारी कर दी गई है. इसके मुताबिक राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों और विधायकों से अपेक्षा की गई कि वे अपना कोविड-19 की जांच सत्र शुरू होने के 72 घंटे पहले करा लें.

विधानसभा के एंट्री गेट पर सैनिटाइजेशन की व्यवस्था होगी. फेस कवर, मास्क,फेस शिल्ड, हैंड ग्लब्स उपलब्ध कराए जाएंगे जिनका प्रयोग सभा सचिवालय में प्रवेश करते समय करना होगा. विधायकों से कहा गया है कि सत्र अवधि में अपने निजी स्टाफ को विधानसभा के परिसर में लेकर नहीं आने आएं. अगर कोई विधायक कोरोना संक्रमित हो या संक्रमण से संदिग्ध हो तो वे विधानसभा की कार्यवाही में भाग नहीं लेंगे. सदन के अंदर कार्य करने वाले सभा सचिवालय के पदाधिकारी या कर्मी भी 72 घंटे पूर्व कोविड-19 की जांच कराना सुनिश्चित करेंगे.

सामान्य दर्शक दीर्घा को मानसून सत्र में बंद रखने का भी निर्णय लिया गया है. साथ ही सत्र के दौरान समाचार संकलन करने के लिए आने वाले मीडिया कर्मी को भी 72 घंटे पूर्व के कोरोना जांच‌ प्रमाण के साथ विधानसभा परिसर में प्रवेश करना होगा.

अगर कोई विधानसभा सदस्य कोरोना संक्रमित होते हैं या उनमें संक्रमण के कोई लक्षण दिखने के कारण विधानसभा की कार्यवाही में भाग नहीं ले पाते हैं, तो ऐसी स्थिति में अन्य विधानसभा सदस्यों को अपने विधायी कार्यों संबंधी प्रश्न पूछे जाने के लिए प्राधिकृत कर सकते हैं, लेकिन इसकी सूचना सभा सचिवालय को 24 घंटे पूर्व देनी होगी.

झारखंड के गोड्डा जिले (Godda, Jharkhand) के एक आश्रम में एक साध्वी से चार लोगों द्वारा कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है. आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने कहा कि चार आरोपी सोमवार देर रात को पथवारा गांव स्थित आश्रम में जबरदस्ती प्रवेश कर गए. आरोपियों ने सभी साधुओं को एक कमरे में बंद कर दिया और 38 वर्षीय महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. एक साधु ने विरोध करने की कोशिश की तो उसे बुरी तरह से पीटा गया.

पीड़िता ने मंगलवार को FIR दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस जांच करने के लिए अपराधस्थल पर पहुंची. पुलिस ने चौथे आरोपी को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया है. साध्वी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद आश्रम में दहशत का माहौल है. वहीं स्थानीय लोगों ने इसे लेकर आक्रोश जताया है. एसपी ने कहा कि कांड में शामिल अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जायेगी.

BJP के लोकसभा सांसद ने दीपक राणा का लिया नाम

गोड्डा से BJP के लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने हेमंत सोरेन सरकार पर राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति को लेकर निशाना साधा है. दुबे ने ट्वीट कर कहा, “अपराधी दीपक राणा आश्रम में साध्वी के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने में लगा हुआ है.”

बता दें कि दीपक राणा का एक आपराधिक रिकार्ड रहा है जिसके खिलाफ पहले से ही आधा दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं. दीपक हत्या, जानलेवा हमला, रंगदारी, लूट और जमीन से जुड़े मामलों में आरोपी है और हाल ही में जेल से बाहर आया है. इस घटना का मुख्य आरोपी भी दीपक को ही बताया जा रहा है. (IANS)

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) सोमवार को झारखंड (Jharkhand) में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करेंगे. इस दौरान वह कार्यकर्ताओं को पार्टी का एजेंडा बताएंगे. कोरोना काल में मोदी सरकार की उपलब्धियों से लेकर भाजपा के सेवा कार्यों के बारे में भी नड्डा चर्चा करेंगे. इस बात की जानकारी BJP के नेताओं ने दी.

झारखंड में प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश की नई टीम घोषित होने के बाद, यह प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक होगी. जेपी नड्डा दोपहर  11 बजे से यहां पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करेंगे. यह एक दिवसीय बैठक सोमवार सुबह साढ़े दस बजे से शुरू होकर शाम साढ़े पांच बजे तक चलेगी.

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित सभी प्रमुख नेता इस बैठक में हिस्सा लेंगे. राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह और राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह के भी इस बैठक में हिस्सा लेने की संभावना है. महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष विजया रहाटकर भी ऑनलाइन अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी. पार्टी सूत्रों का कहना है कि झारखंड प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भारतीय जनता पार्टी के सांगठनिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी.

पत्नी की याद में पहाड़ चीर देने वाले बिहार के गया जिले के दशरथ मांझी को कौन नहीं जानता. कुछ उन्हीं की तरह झारखंड के मांझी समाज के धनंजय कुमार, अपनी गर्भवती पत्नी को डीलिड (D.EL.Ed) की परीक्षा दिलाने के लिए स्कूटी से ग्वालियर पहुंच गए. इस दौरान धनंजय ने करीब 1,176 किमी स्कूटी चलाई और झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश के पहाड़ी-मैदानी रास्तों को पार करते हुए मध्य प्रदेश के ग्वालियर पहुंचे.

धनंजय झारखंड के गोड्डा जिले के रहने वाले हैं, यह ज़िला बांग्लादेश की सीमा से लगभग 150 किलोमीटर दूर है. अपनी गर्भवती पत्नी सोनी हेम्बरम को डीलिड (D.EL.Ed) सेकंड ईयर की परीक्षा दिलाने के लिए धनंजय ग्वालियर के पद्मा कन्या विद्यालय पहुंचे. दंपति ने ग्वालियर में 10 दिन के लिए कमरा किराए पर लिया है. 11 सितंबर को परीक्षाएं पूरी होने के बाद यह दंपति वापस स्कूटी से ही झारखंड के लिए रवाना होंगे.

धनंजय ने बताया कि इस सफ़र के दौरान उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. उन्होंने बताया, ‘रास्ते में तेज बारिश होने पर हम एक पेड़ के नीचे दो घंटे तक खड़े रहे. बिहार के भागलपुर से गुजरते समय बाढ़ का सामना करना पड़ा. कई शहर और गांवों की बदहाल सड़कों से गुजरे.’

स्कूटी में पेट्रोल भरवाने के लिए पत्नी के जेवर 10 हजार रुपये में गिरवी रखे

धनंजय कैंटीन में बावर्ची का काम करते थे, बीते तीन माह से वह बेरोजगार हैं. स्कूटी में पेट्रोल भरवाने के लिए धनंजय ने अपनी पत्नी के जेवर 10 हजार रुपये में गिरवी रखे हैं, जिसके लिए मासिक 300 रुपये का ब्याज भी चुकाना होगा. धनंजय को दोपहिया से इतना लंबा सफर करने से बहुत लोगों ने मना किया

धनंजय खुद 10वीं पास भी नहीं, पत्नी को पढ़ाना चाहते हैं

शिक्षक धनंजय खुद 10वीं पास भी नहीं हैं, लेकिन वे अपनी पत्नी को शिक्षक बनाना चाहते हैं. इसीलिए पत्नी फिलहाल डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (D.LEd) सेकंड ईयर की परीक्षा दे रही हैं. मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन की परीक्षाएं एक सितंबर से 11 सितंबर तक आयोजित की जा रही हैं. ग्वालियर में कुल 23 केंद्रों में परीक्षा देने के लिए 10 हजार 680 विद्यार्थी पंजीकृत हैं.

 

बिहार के गया के बाराचट्टी की RJD विधायक समता देवी (Samta Devi) के रांची पहुंचने के बाद कोरोनावायरस प्रोटोकॉल के तहत 14 दिनों के लिए क्वारंटीन कर दिए जाने को लेकर BJP और JDU ने RJD नेता लालू प्रसाद और झारखंड सरकार को आड़े हाथों लिया है. RJD की विधायक समता देवी बुधवार को पार्टी के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) से मिलने रांची पहुंची थीं, जिसके बाद प्रशासन ने बिना आदेश के अन्य राज्यों से आने की वजह से 4 दिनों के लिए क्वारंटीन कर दिया.

RJD विधायक को क्वारंटीन किए जाने को लेकर बिहार के मंत्री नीरज कुमार (Neeraj Kumar) ने RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद और झारखंड सरकार (Jharkhand Government) को घेरा है. बिहार के सूचना और जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि सजा काट रहे लालू प्रसाद से मिलने गईं विधायक समता देवी जो समाज के दलित समूह की महिला हैं, को उनके सहकर्मी, अंगरक्षक और ड्राइवर सहित क्वारंटीन कर दिया गया.

‘तेजप्रताप यादव को नहीं किया गया था क्वारंटीन’

उन्होंने कहा कि क्या दलित और महिला होने की वजह से विधायक समता देवी को क्वारंटीन (Quarantine) किया गया? उन्होंने कहा कि 28 सितंबर को लालू प्रसाद के पुत्र तेजप्रताप यादव (Tejapratap Yadav) अन्य व्यक्तियों के साथ बिना कोई सूचना दिए और बिना किसी अनुमति के रांची में थे, लेकिन तेजप्रताप यादव और उनके साथ के अन्य व्यक्तियों को क्वारंटीन न कर अपने पैतृक आवास बिहार के लिए निकलने की छूट दे दी गई, जो कि आपदा प्रबंधन नियमों के खिलाफ है.

‘यह हेमंत सरकार का दोहरा चरित्र दर्शाता है’

इधर, BJP के प्रवक्ता निखिल आनंद (Nikhil Anand) ने भी कहा कि जब लालू प्रसाद से मिलने के लिए कांग्रेस (Congress) के सांसद अखिलेश सिंह जाते हैं तो कोई कार्रवाई नहीं होती है, लेकिन दलित महिला के साथ वहां अत्याचार हो रहा है. निखिल ने इस मामले में हेमंत सरकार को लपेटे में लेते हुए कहा, “यह पूरा मामला हेमंत सरकार का दोहरा चरित्र दर्शाता है, लेकिन BJP इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी.”

एक किसान ने अपनी बटी को जेईई की परीक्षा (JEE Exam) दिलवाने के लिए नालंदा से रांची तक 300 किलोमीटर का सफर मोटरसाइकिल से तय किया. बिहार के नालंदा जिले में रहने वाले धनंजय कुमार ने 12 घंटे में 300 किलोमीटर की यात्रा की और यह सुनिश्चित किया कि वह झारखंड के रांची तुपुडाना में अपनी बेटी को मंगलवार को जेईई परीक्षा दिलवाने समय पर पहुंच सके.

IANS के मुताबिक कोविड-19 के चलते, बिहार और झारखंड के बीच कोई बस सेवा नहीं चल रही है. इसे देखते हुए धनंजय कुमार ने सोमवार तड़के नालंदा जिले से अपनी यात्रा शुरू की थी. वह आठ घंटे में बोकारो पहुंच गए और फिर वहां से 135 किलोमीटर की यात्रा कर सोमवार दोपहर रांची पहुंच गए.

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धनंजय ने पत्रकारों से कहा, “मैंने पाया कि नालंदा से रांची की लंबी दूरी तय करने के लिए मोटरसाईकिल ही केवल विकल्प है. कोरोनावायरस की वजह से बसें नहीं चल रही हैं.”

उन्होंने कहा, “बोकारो से रांची जाने के दौरान, मुझे नींद आने लगी थी. मैं बीच में ही रुक गया और कुछ देर नींद ली, फिर अपनी बेटी के साथ यात्रा पूरी की.”

देशभर में जेईई की परीक्षाएं शुरू

गौरतलब है कि देशभर में मंगलवार से जेईई की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं. विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कोविड के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए परीक्षा केंद्रो में प्रवेश दिया जा रहा है. केंद्रो में प्रवेश करते ही उम्मीदवारों को फेस मास्क दिया जा रहा है. ये परीक्षाएं 6 सितंबर तक चलनी हैं. करीब 8.58 लाख छात्रों ने इन परीक्षाओं के लिए फॉर्म भरा है. अभ्यर्थियों ने सुबह 8 बजे से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू कर दिया. परीक्षा केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ परीक्षार्थियों को एंट्री दी गई. परीक्षा हॉल में प्रवेश से पहले छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग के जरिये बॉडी टेम्परेचर भी चेक किया गया. झारखंड के 10 केंद्रों में करीब 22,843 छात्र परीक्षा में शामिल हो रहे हैं.

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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज (Sakshi Maharaj) को झारखंड (Jharkhand) के गिरिडीह जिला प्रशासन ने 14 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया है. साक्षी महाराज गिरीडीह में धार्मिक कार्यक्रम में सम्मलित होने के बाद कार से धनबाद जा रहे थे. इसी दौरान जिला प्रशासन ने उन्हें पीरटांड़ के पास रोक लिया और क्वारंटाइन कर दिया. एसडीएम प्रेरणा दीक्षित ने कुछ दूर तक साक्षी महाराज के काफिले का पीछा किया. उन्होंने इस संबंध में पीरटांड थाना की पुलिस से बात की जिसके बाद सड़क पर बैरिकेडिंग लगाकर साक्षी महाराज को रोका गया.

एसडीएम प्रेरणा दीक्षित ने साक्षी महाराज से कहा कि उन्हें क्वारंटीन में रहना होगा. इस पर साक्षी महाराज ने आपत्ति जताई और कहा कि वे सड़क मार्ग से आए हैं. ऐसे में उन्हें क्वारंटाइन में रहने की जरूरत नहीं है. इस पर एसडीएम ने साफ कहा कि राज्य के मुख्य सचिव का आदेश है और हर हाल में उन्हें क्वारंटाइन में जाना होगा.

काफिले को रोके जाने पर सांसद ने जताया एतराज

काफिले को रोके जाने पर सांसद साक्षी महाराज ने गिरिडीह प्रशासन पर एतराज जताया. साथ ही उन्होंने खुद को जाने देने की अपील भी की. रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान साक्षी महाराज ने गिरिडीह के उपायुक्त से भी फोन पर बात की. लेकिन, कहीं से भी उन्हें रियायत नहीं मिली. फिलहाल साक्षी महाराज को गिरिडीह के शांति भवन में क्वारंटीन कर दिया गया है.

कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए एसओपी जारी

बता दें कि राज्य के गृह आपदा एवं प्रबंधन विभाग की ओर से कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए एसओपी जारी किया गया है. इसके तहत अब झारखंड में लौटने या आने वाले व्यक्ति को झारखंड सरकार को अपने बारे में पूरी जानकारी देनी होगी. इसके लिए उन्हें झारखंड सरकार द्वारा जारी किए गए वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन भी कराना होगा. एसओपी का उल्लंघन करने पर कार्रवाई किए जाने का प्रावधान है.

बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) के खिलाफ कोरोनावायरस महामारी के दौरान झारखंड सरकार के आदेशों का उल्लंघन करने के लिए रांची पुलिस (Ranchi Police) ने शुक्रवार को एक FIR दर्ज की. FIR रांची के सर्कल ऑफिसर (CO) प्रकाश कुमार की शिकायत पर दर्ज की गई है.

कुमार ने चुटिया पुलिस स्टेशन को एक लिखित शिकायत में कहा, “गुरुवार रात रांची जिला प्रशासन के पुलिस और अधिकारियों ने एक होटल के कमरा नंबर 507 की जांच की. जांच में यह पाया गया कि लालू यादव के बेटे तेजप्रताप यादव राज्य सरकार की बिना किसी अनुमति के वहां रहे. तेजप्रताप 14-दिनों के होम क्वारंटीन के प्रोटोकॉल (home quarantine protocol) का पालन किए बिना अपने गृह राज्य बिहार वापस आ गए.”

अनलॉक में झारखंड में होटल खोलने की अनुमति नहीं

CO की शिकायत के आधार पर चुटिया पुलिस स्टेशन ने शुक्रवार को तेजप्रताप के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत FIR दर्ज की. मामले की जांच के लिए एक जांच अधिकारी भी नियुक्त किया गया है. इससे पहले तेजप्रताप को एक कमरा देने के लिए रांची में होटल बुक किया गया था. पुलिस के अनुसार, होटल कैपिटल रेजीडेंसी के मालिक और मैनेजर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.

सरकारी आदेश के अनुसार, अनलॉक 3.0 के दौरान झारखंड में होटल, धार्मिक स्थानों और जिमों को खोलने की अनुमति नहीं है. पुलिस ने कहा कि तेजप्रताप यादव गुरुवार रात 2.30 बजे अपने पिता से मिलने यहां पहुंचे. वह रांची में होटल कैपिटल रेजीडेंसी में रहे. लालू यादव से उनकी मुलाकात करीब ढाई घंटे तक चली.

BJP ने की तेजप्रताप के खिलाफ कार्रवाई की मांग

रांची जिला प्रशासन और पुलिस ने होटल पर छापा मारा और तेजप्रताप के वहां रहने के सबूत मिले. BJP ने तेजप्रताप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और नियमों का उल्लंघन करते हुए लालू यादव के साथ बैठक की अनुमति देने पर राज्य सरकार को घेरा है. BJP नेता रबी भट्ट ने कहा कि तेजप्रताप के खिलाफ कोरोनावायरस (Coronavirus) की गाइडलाइंस का उल्लंघन करने के लिए एक FIR दर्ज की जानी चाहिए. वह एक बड़े काफिले के साथ आए और रिम्स में मरीजों के लिए परेशानी की वजह बन गए. (IANS)

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने IIT-JEE और NEET की परीक्षाओं को पोस्टपोन करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal Nishank) को चिट्ठी लिखी है. पत्र में सोरेन ने लिखा है, “दोनों परीक्षा छात्रों के करियर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और ये परीक्षाएं छात्रों का भविष्य तय करेंगी. सभी परीक्षार्थी इसके लिए कड़ी मेहनत करते हैं, इसलिए यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है कि छात्र स्वास्थ्य सुरक्षा और शांति के माहौल में परीक्षा दें.”

उन्होंने कहा, “देश के लोग कोरोना महामारी (Coronavirus) से लड़ रहे हैं, जिसने लाखों लोगों को प्रभावित किया है और इससे हजारों लोगों की मौत हो गई है. इस महामारी का आर्थिक क्षेत्र में भी निगेटिव असर पड़ रहा है. स्वास्थ्य को लेकर डर और साथ ही आर्थिक परेशानी की वजह से लोगों में तनाव मौजूद है.”

परीक्षार्थियों के सामने हैं कई परेशानियां

उन्होंने कहा, “कोरोना रोकने की रणनीति के तहत झारखंड सरकार (Jharkhand Government) ने अभी तक सार्वजनिक बस ट्रांसपोर्ट या फिर रेस्टोरेंट नहीं खोले हैं. इसलिए परीक्षार्थियों और अभिभावकों को गंभीर लॉजिस्टिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा.” सोरेन ने कहा, “कुछ छात्र कंटेनमेंट जोन में रहते हैं. इस वजह से क्षेत्र से निकलना उनके लिए मुश्किल होगा. यह भी हो सकता है कि परीक्षार्थी या उनके परिजन कोरोना संक्रमित हों. इन सब परिस्थितियों में ज्यादा परीक्षार्थियों का शामिल होना मुश्किल होगा.”

एग्जाम्स का हो रहा विरोध, NTA ने बताया जरूरी

मालूम हो कि कई छात्र संगठनों ने इन परीक्षाओं का विरोध किया है. छात्र संगठनों के अलावा दिल्ली सरकार और पश्चिम बंगाल समेत कई अन्य राज्य इन परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग कर रहे हैं. JEE और NEET की परीक्षाएं दो बार स्थगित की जा चुकी हैं. वहीं, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने JEE और NEET जैसी प्रतियोगिता परीक्षाएं करवाए जाने को अनिवार्य बताया है. NTA के मुताबिक, कई उम्मीदवारों के एक साल को बचाने के लिए प्रवेश परीक्षाओं को कराना जरूरी है. (IANS)