झारखंड विधानसभा चुनाव: 30 नवंबर से पांच चरणों में होगी वोटिंग, 23 दिसंबर को आएंगे नतीजे

आयोग के मुताबिक झारखंड में 19 में से 13 जिले नक्सल प्रभावित हैं, ऐसे में यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

चुनाव आयोग प्रमुख सुनील अरोड़ा झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए बताया कि पांच चरणों में चुनाव का आयोजन किया जाएगा. पहले चरण का मतदान 30 नवंबर को होगा और आखिरी चरण की वोटिंग 20 दिसंबर को होगी. चुनाव के नतीजे 23 दिसंबर को आएंगे. आयोग के मुताबिक झारखंड में 19 में से 13 जिले नक्सल प्रभावित हैं, ऐसे में यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. चुनाव आयोग प्रमुख ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हर पोलिंग बूथ पर दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.

पांच चरणों में होंगे चुनाव

  • पहले चरण का मतदान 30 नवंबर को होगा.  वोटों की गिनती 23 दिसंबर को होगी.
  • दूसरे चरण के लिए 7 दिसंबर को वोटिंग होगी. इस चरण में 20 सीटों पर वोटिंग होगी. दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को अधिसूचना जारी हो जाएगी और 18 नवंबर नामांकन की आखिरी तारीख है.
  • तीसरे चरण का मतदान 12 दिसंबर को होगा. तीसरे चरण में 17 सीटों पर मतदान होगा. इस चरण के लिए 16 नवंबर को अधिसूचना जारी होगी.
  • 15 सीटों पर चौथे चरण का मतदान 16 दिसंबर को होगा.
  •  पांचवे और आखिरी चरण का मतदान 16 सीटों पर 20 दिसंबर को होगा. चुनावी नतीजे 23 दिसंबर को आएंगे.

चुनाव आयोग प्रमुख सुनील अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्य में कुल 81 सीटों पर मतदान होना है. राज्य में कुल 2.265 करोड़ मतदाता हैं. मालूम हो कि  81 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2020 को खत्म होने वाला है. राज्य में फिलहाल बीजेपी और आजसू (ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन) की गठबंधन सरकार है. रघुवर दास मुख्यमंत्री हैं. 2014 में पांच चरणों में चुनाव का आयोजन हुआ था.

41 है बहुमत का जादुई आंकड़ा
झारखंड में बहुमत के लिए 41 का जादुई आंकड़ा छूना जरूरी है. 2014 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 37 और आजसू ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की थी. बाद में झारखंड विकास मोर्चा के 6 विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे. पिछली बार राज्य में पांच चरण में मतदान हुआ था.

बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में मिशन-65 प्लस का टारगेट फिक्स किया है. इस बार बीजेपी-एजेएसयू मिलकर चुनावी मैदान में उतरे हैं. मुख्यमंत्री रघुवर दास ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के जरिए बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए हैं.

‘बदलाव यात्रा’ पर निकले हेमंत सोरेन
दूसरी तरफ, झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष हेमंत सोरेन सत्ता में एक बार फिर वापसी के लिए ‘बदलाव यात्रा’ पर निकल चुके हैं. वो बीजेपी के खिलाफ माहौल बनाने में जुटे हैं. वहीं, कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष की कमान रामेश्वर उरांव को देकर आदिवासी और कार्ड खेला है. इसके अलावा बाबूलाल मरांडी की पार्टी जेवीएम अकेले चुनावी ताल ठोकने की तैयारी कर रही है.

2014 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 31.3 फीसदी वोट मिले थे. बीजेपी की सहयोगी ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (एजेएसयू) को 3.7 फीसदी वोट पड़े थे. जेएमएम के खाते में 20.4 फीसदी वोट आए थे. वहीं, कांग्रेस 10.5 फीसदी वोट हासिल कर पाई थी. जेवीएम 10 फीसदी वोट प्राप्त हुए थे.

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