बीजेपी के मुख्‍यमंत्री के सामने खड़े बागी के समर्थन में उतरे नीतीश कुमार

बिहार-झारखंड के सियासी गलियारों में ऐसी चर्चा है कि बीजेपी ने सरयू राय का टिकट इसलिए का काट दिया, क्‍योंकि नीतीश कुमार के साथ उनकी करीबी पार्टी को खटक रही थी.

नई दिल्‍ली: महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव 2019 में बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाली शिवसेना अब कांग्रेस-एनसीपी से गठबंधन की बातें कर रही है. उधर, एनडीए के एक अन्‍य सहयोगी दल लोजपा के नेता चिराग पासवान भी बागी तेवर अख्तियार किए हैं. बीजेपी इन दोनों मुश्किलों से अब तक निपट नहीं पाई है कि तीसरी बड़ी समस्‍या उसके सामने आकर खड़ी हो गई है.

ये तीसरी समस्‍या भी एनडीए के सहयोगी ने ही बीजेपी के सामने पेश की है. खबर है कि नीतीश कुमार झारखंड में बीजेपी के बागी सरयू राय के लिए वोट मांगेंगे.

Jharkhand Election 2019 बीजेपी का टिकट न मिलने से नाराज सरयू राय निर्दलीय प्रत्‍याशी के तौर पर किसी और के नहीं बल्कि झारखंड के सीएम रघुबर दास के ही खिलाफ चुनावी मैदान में कूद गए हैं. सरयू राय वही शख्‍स हैं जो कुछ दिनों पहले तक रघुबर दास की सरकार में मंत्री थे, लेकिन टिकट न मिलने से इस कदर भड़के कि पूर्वी जमशेदपुर सीट पर सीएम के सामने ही ताल ठोक दी.

अब सरयू राय दावा कर रहे हैं कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ-साथ जेडीयू ने भी उन्हें समर्थन देने का वादा किया है. सरयू राय ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो नीतीश कुमार उनके लिए जमशेदपुर में चुनाव प्रचार भी कर सकते हैं.

बिहार-झारखंड के सियासी गलियारों में ऐसी चर्चा है कि बीजेपी ने सरयू राय का टिकट इसलिए का काट दिया, क्‍योंकि नीतीश कुमार के साथ उनकी करीबी पार्टी को खटक रही थी.

खबर तो यहां तक है कि नीतीश कुमार ने अपने उम्मीदवारों को फोन करके कहा कि जमशेदपुर पूर्वी व पश्चिमी के कार्यकर्ता सरयू राय के प्रचार में जुट जाएं. सरयू राय को सुशील कुमार मोदी का भी करीबी माना जाता है, जो कि बिहार में बीजेपी के कद्दावर नेता हैं. सुशील मोदी को भी इस सीट पर चुनाव प्रचार से बीजेपी ने अलग रखा है.

ऐसे हालात में नीतीश कुमार का खुलकर बीजेपी के बागी के समर्थन में आ जाना और वो भी ऐसे नेता के जो बीजेपी के सीएम के सामने ही ताल ठोक रहा है, कहीं न कहीं संबंधों में तल्‍खी की तरफ इशारा करता है. मौजूदा घटनाक्रम देखकर स्‍पष्‍ट लग रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में एनडीए को बचाकर रख पाना बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है.